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'One Nation, One Election' : पहले ही ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की वकालत कर चुके हैं रामनाथ कोविंद, कही थी ये बात
Fri, 01 Sep 2023 03:43 PM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 01 Sep 2023 03:43 PM IST
सार
देश के राष्ट्रपति रहते हुए रामनाथ कोविंद ने 29 जनवरी, 2018 को संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते कहा था कि बार-बार चुनाव मानव संसाधनों पर भारी बोझ डालते हैं और विकास में बाधा पहुंचाते हैं।
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रामनाथ कोविंद
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केंद्र सरकार ने ‘‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’’ की संभावनाएं तलाशने के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया है। लेकिन रामनाथ कोविंद पांच साल पहले ही 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' की जोरदार वकालत कर चुके हैं। 29 जनवरी, 2018 को संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि बार-बार चुनाव मानव संसाधनों पर भारी बोझ डालते हैं और विकास में बाधा पहुंचाते हैं।
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रामनाथ कोविंद 25 जुलाई 2017 को 14वें राष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित हुए। उन्होंने 2018 को संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए कहा था कि देश में शासन की स्थिति से जूझ रहे नागरिक देश के किसी न किसी हिस्से में बार-बार होने वाले चुनावों को लेकर चिंतित हैं और बार-बार होने वाले चुनाव अर्थव्यवस्था और विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं।
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17वीं लोकसभा के चुनाव के बाद संसद की पहली संयुक्त बैठक में अपने संबोधन में, रामनाथ कोविंद ने कहा था कि पिछले कुछ दशकों के दौरान देश के किसी न किसी हिस्से में बार-बार चुनाव होने के कारण विकास कार्यों की गति और निरंतरता प्रभावित हुई है। आगे कहा कि 'एक राष्ट्र, एक साथ चुनाव' समय की मांग है और यह त्वरित विकास को बढ़ावा देगा। जिससे हमारे देशवासियों को लाभ होगा।
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अगर ऐसी व्यवस्था (एक राष्ट्र, एक चुनाव) होने से सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी विचारधारा के अनुसार विकास और जन कल्याण की दिशा में अपनी ऊर्जा का बेहतर उपयोग कर सकेंगे। इसलिए, मैं सभी संसद सदस्यों से आग्रह करता हूं कि वे इस विकासोन्मुख प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करें।
संसद के विशेष सत्र में इस संबंध में बिल लाने की चर्चाओं के बीच केंद्र सरकार ने एक समिति बनाई है। देश के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को इस समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। यह समिति एक राष्ट्र एक चुनाव की संभावनाओं को तलाशने का काम करेगी।