Kerala: रमेश चेन्निथला ने सुकुमारन नायर के आरोपों को किया खारिज, कहा- विधानसभा चुनाव में नहीं था CM उम्मीदवार
चेन्निथला ने कहा, न तो यूडीएफ और न ही कांग्रेस पार्टी ने ही पिछले विधानसभा चुनाव में किसी को मुख्यमंत्री प्रत्याशी के तौर पर पेश किया था। पार्टी और मोर्चे का रुख था कि चुनाव के बाद निर्वाचित नेता मुख्यमंत्री का चुनाव करेंगे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला ने सोमवार को कहा कि वह साल 2021 में हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी के नेतृत्वत वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के मुख्यमंत्री पद का चेहरा नहीं थे। चेन्निथल नायर सर्विस सोसायटी के महासचिव सी. सुकुमारन नायर के आरोपों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि वर्ष 2021 में यूडीएफ को हार मिली क्योंकि मुख्यमंत्री प्रत्याशी के तौर पर चेन्निथला को पेश किया गया था।
चेन्निथला ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, न तो यूडीएफ और न ही कांग्रेस पार्टी ने ही पिछले विधानसभा चुनाव में किसी को मुख्यमंत्री प्रत्याशी के तौर पर पेश किया था। पार्टी और मोर्चे का रुख था कि चुनाव के बाद निर्वाचित नेता मुख्यमंत्री का चुनाव करेंगे।
चेन्निथला कभी नायर सर्विस सोसायटी और सुकुमारन के करीब माने जाते थे। उन्होंने खुद को संगठन और उसके नेता से दूर रखने की अपील की और कहा कि वह कांग्रेस पार्टी के सदस्य हैं, जिसनने हमेशा धर्मनिरपेक्षता को ऊपर रखा है।
उन्होंने कहा, पिछले 45 साल से सार्वजनिक और निजी जीवन में मेरा धर्मनिरपेक्ष रुख रहा हैं। अत: मैं हमेशा धर्मनिरपेक्षता का हिस्सा रहूंगा। इससे पीछे हटने का सवाल ही नहीं है। मैं हमेशा से कांग्रेसी रहा हूं और कांग्रेस पार्टी मेरे लिए सबसे बड़ी है। चेन्निथला पिछली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष थे।
मुख्यमंत्री विजयन का आरोप- भाजपा के शासन में सुरक्षित नहीं महिलाएं और अल्पसंख्यक
केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने आरोप लगाया कि देश में भाजपा के शासन में महिलाएं और कुछ धार्मिक अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं है। उन्होंने संघ परिवार पर समाज में पितृसत्तात्मक और पुरुष प्रधान मानसिकता फैलाने का आरोप लगाया।
अखिल भारतीय लोकतांत्रिक महिला संघ (एआईडीडब्ल्यूए) के 13वें राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन दिवस पर यहां एक रैली में विजयन ने आरोप लगाया कि देश के विभिन्न हिस्सों में धार्मिक संस्थानों, पूजा स्थलों और कुछ धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हमला किया जा रहा है। संघ परिवार के कार्यकर्ता और केंद्र इस पर आंखें मूंदे बैठे हैं।
उन्होंने भाजपा शासित केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह कुछ धार्मिक अल्पसंख्यकों का भय पैदा कर रही है। उसी का एक उदाहर संशोधित नागरिकता अधिनियम है, जिसकी घोषणा केंद्र ने की थी। उन्होंने आगे आरोप लगाया, कुछ धार्मिक अल्पसंख्यकों के प्रति आरएसएस और उसके दिवंगत नेता एम.एस.गोलवकर का रुख दूसरे विश्व युद्ध के दौरान यहूदियों के खिलाफ नाजी-शासक हिटल के दृष्टिकोण के समान था।
विजयन ने दावा किया कि संघर परिवार और केंद्र की सत्तारूढ़ भाजपा का महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण इस बात से स्पष्ट था कि बिलकिस बानो और कठुआ दुष्कर्म मामले में आरोपियों के साथ उसने कैसा व्यवहार किया। उन्होंने तर्क दिया, उनके आचरण से पता चलता है कि इस तरह के कार्यों के बिना महिलाओं के साथ कुछ भी किया जा सकता है। यह पितृसत्तात्मक और पुरुष प्रधान समाज वाली मानसिकता को भी इंगित करता है।