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राम मंदिर: अयोध्या में ऐतिहासिक पल, जानिए कैसी रही केंद्रीय मंत्रियों व विपक्ष की प्रतिक्रिया

Wed, 05 Aug 2020 08:01 PM IST
मुकेश कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: मुकेश कुमार झा Updated Wed, 05 Aug 2020 08:01 PM IST
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Ram Temple: Nitin Gadkari worshiped Lord Ram and Harsh Vardhan distributes sweets
नितिन गडकरी, हर्षवर्धन - फोटो : ANI

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का भूमि पूजन कर शिलान्यास किए जाने को भाजपा ने एतिहासिक अवसर करार दिया है। इस मौके पर केंद्रीय मंत्रियो व भाजपा नेताओं ने खुशी का इजहार किया। भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने बुधवार को कहा कि यह पल सभी को आनंदित और गौरवान्वित करने वाला है। इसके कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी नेताओं ने भी इसका स्वागत किया है। किसकी कैसी प्रतिक्रिया रही जानिए- 

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गडकरी ने की पूजा
दिल्ली में केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने मिठाई बांटी वहीं नितिन गडकरी ने नागपुर में श्रीराम की पूजा की। इसके अलावा तमाम अन्य मंत्रियों व सांसदों अपने अंदाज में खुशी जताई। 
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नड्डा ने बताया गौरवान्वित करने वाला पल
नड्डा ने सिलसिलेवार ट्वीट कर प्रधानमंत्री और संत समाज के साथ सभी देशवासियों को बधाई दी और राम मंदिर निर्माण के आंदोलन में अपना जीवन खपा देने वालों को नमन भी किया। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अयोध्याजी में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के भूमि पूजन एवं शिलान्यास के मंगल अवसर पर सभी पूज्य संतों के चरणों में नमन करता हूं और समस्त देशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं। 

यह ऐतिहासिक पल सभी को आनंदित व गौरवान्वित करने वाला है। नड्डा ने कहा, मैं वंदन करता हूं सभी विचार परिवार के उन सभी सदस्यों का जो वर्षों तक अनवरत इस संकल्प के लिए संघर्ष करते रहे। मैं अभिनंदन करता हू, सभी राम भक्तों का जिनकी आस्था ने आज मूर्त रूप लिया।
 

 

हर्षवर्धन ने बांटी मिठाई

वहीं, अयोध्या में राम मंदिर शिलान्यास के बाद केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन अपने निवास पर मिठाई बांटी। उन्होंने कहा कि हम लोग तो यह सोचते हैं कि हम लोग बहुत भाग्यशाली हैं जिस संघर्ष को 500 सालों से किया जा रहा था। जिस संघर्ष में हिन्दुस्तान के हजारों लाखों लोगों की आहुति डली है, उस सपने को साकार होते देखने का हमें भी सौभाग्य मिला है। आज का दिन बहुत ऐतिहासिक है।
 


गुजरात: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन ने भी गांधीनगर में अपने आवास पर भूमिपूजन कार्यक्रम टीवी पर लाइव देखा। 
 

रविशंकर प्रसाद ने कहा, यह एक ऐतिहासिक दिन

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, यह एक ऐतिहासिक दिन है। पीढ़ियों के बलिदान, प्रतीक्षा और धैर्य के बाद आज अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण शुरू हुआ है। भारत और दुनिया भर के कई लोग सदियों से इस दिन का इंतजार कर रहे थे।

ओवैसी बोले, भारत एक पंथनिरपेक्ष देश है 
अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, भारत एक पंथनिरपेक्ष देश है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम ऑफिस की शपथ तोड़ी है। आज लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता की हार हुई है और हिंदुत्व जीत गया है। पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा कि वह आज भावुक थे। मैं कहना चाहता हूं कि मैं भी बराबर भावुक हूं क्योंकि मैं लोगों की बराबरी में विश्वास करता हूं। मैं इसलिए भावुक हूं क्योंकि 450 सालों तक वहां मस्जिद थी।

एकता और आपसी सद्भाव में अभिवृद्धि होगी : लोकसभा अध्यक्ष

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि भगवान श्री राम भारत की सांस्कृतिक चेतना के प्रतीक हैं और राम मंदिर के निर्माण से देश की एकता और आपसी सद्भाव में अभिवृद्धि होगी। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के ऐतिहासिक भूमि पूजन के अवसर पर देश के लोगों को बधाई दी ।

लोकसभा अध्यक्ष ने अपने संदेश में कहा, भगवान श्रीराम भारत की सांस्कृतिक चेतना के प्रतीक हैं। देश में प्रभु श्री राम के प्रति गहरी आस्था व निष्ठा है। बिरला ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने इस विषय पर सौहार्दपूर्ण निर्णय दिया। उसी निर्णय के प्रकाश में आज अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर का शिलान्यास एक अद्भुत एवं ऐतिहासिक क्षण है।

राम मंदिर मानवीय मूल्यों की पुनर्स्थापना का अवसर है : वेंकैया नायडू

उप-राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण एक धार्मिक मामले से कहीं अधिक है और यह उच्चतम मानवीय मूल्यों की पुनर्स्थापना का अवसर है। उन्होंने यह भी कहा कि भगवान राम के आचरण और मूल्य भारत की चेतना के मूल तत्व हैं, जो सभी तरह के विभाजन और बाधाओं से ऊपर हैं। ये आज भी प्रासंगिक हैं।

अयोध्या में बुधवार को राम मंदिर के भूमि पूजन समारोह के अवसर पर एक फेसबुक पोस्ट में उप-राष्ट्रपति ने कहा कि अयोध्या में भगवान राम के मंदिर का निर्माण सत्य, नैतिकता और आदर्शों के उन उच्चतम मानवीय मूल्यों का पुन: राज्याभिषेक है, जो मर्यादा पुरुषोत्तम ने अपने जीवन के दौरान स्थापित किए थे।
 
कलराज मिश्र का संदेश
प्रदेश एवं देशवासियों को प्रभु श्री राम मंदिर निर्माण के भूमि पूजन पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। यह मंदिर सांस्कृतिक एकता, राष्ट्रीय एकता और वसुधैव कुटुंबकम के प्रतीक के रूप में स्थापित होगा।  

आनंद शर्मा ने कहा- धर्म और राजनीति को अलग रखा जाना चाहिए 
कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा- लोग कई वर्षों से राम मंदिर की मांग कर रहे थे। कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का खुले दिल के साथ स्वागत किया। भगवान राम सभी के पूजनीय हैं और राजनीतिक विमर्श से दूर हैं। धर्म और राजनीति को अलग रखा जाना चाहिए। 

हर भारतीय चाहता था कि राममंदिर का निर्माण शुरू हो-कमलनाथ
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ ने कहा, हमारे देश में आज का दिन ऐतिहासिक है। हर भारतीय चाहता था कि राममंदिर का निर्माण शुरू हो। राजीव गांधी जी ने 1985 में ताला खोला था। उन्होंने 1989 में कहा था कि राम राज्य होगा और मंदिर बनना चाहिए। अगर कोई श्रेय लेने की कोशिश करता है तो यह गलत है।
 


श्री राम भाजपा की संपत्ति नहीं-शशि थरूर

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा, श्री राम भाजपा की संपत्ति नहीं हैं। वह ऐसे आदर्श रहे हैं, जिनकी छवि करोड़ों लोगों के मन में है। गांधी जी ने शरीर छोड़ते समय भी हे राम कहा था। वह राम राज्य की बात करते थे, जहां शांति और समृद्धि हो। उनके नाम को हाइजैक नहीं किया जा सकता।
 

काशी, मथुरा में भी भव्य मंदिर बनाए जाएंगे: एस ईश्वररप्पा

कर्नाटक के मंत्री के एस ईश्वररप्पा ने बुधवार को कहा कि अयोध्या के साथ मथुरा और काशी को भी 'मुक्त' कराने के बाद वहां पर भगवान कृष्ण और विश्वनाथ के भव्य मंदिर बनाए जाएंगे। अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राम मंदिर की आधारशिला रखे जाने पर उन्होंने कहा, 'मेरी दृढ़ राय है कि आज नहीं तो कल मथुरा और काशी के मंदिरों को भी मुक्त कराया जाएगा और वहां पर भव्य मंदिर बनाए जाएंगे।'

प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष ईश्वरप्पा ने कहा कि हिंदू मान्यता के केंद्र अयोध्या, काशी और मथुरा एक तरह से 'गुलामी' के प्रतीक थे क्योंकि राम, कृष्ण और विश्वनाथ के मंदिरों को गिराया गया और मस्जिदों का निर्माण किया गया। उन्होंने कहा, 'छह दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद को गिराए जाने के बाद हम लोगों को लगा कि गुलामी के प्रतीक को मिटा दिया गया और अब अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बनाने का फैसला किया गया है।'

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