फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Ram Navami riots west bengal but What's going on?

पश्चिम बंगाल में रामनवमी पर हुए दंगे, जानिए अब तक क्या-क्या हुआ

Fri, 30 Mar 2018 04:18 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Updated Fri, 30 Mar 2018 04:18 PM IST
विज्ञापन
Ram Navami riots west bengal but What's going on?
पश्चिम बंगाल में रामनवमी यात्रा के दौरान हुई हिंसा के बाद सरकार ने जुलूसों पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है। रामनवमी के बाद से ही कई इलाकों में तनाव की स्थिति बनी हुई है। बुधवार को हिंसा वाले इलाके रानीगंज में इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई और इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है। 
विज्ञापन


गौरतलब है कि सोमवार को रानीगंज में रामनवमी के एक जुलूस को लेकर दो गुटों में हिंसा हो गई थी जिसमें एक प्रदर्शनकारी ने आसनसोल-दुर्गापुर के पुलिस उपायुक्त अरिदंम दत्ता चौधरी पर बम फेंक दिया था। जिससे अधिकारी को अपना एक हाथ गंवाना पड़ा। प्रदेश के राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी घायल चौधरी को देखने जाने वाले थे लेकिन सरकार ने उन्हें सुरक्षा मुहैया न करा पाने की बात कहकर दुर्गापुर न जाने की सलाह दी है।
विज्ञापन


बता दें कि तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में रामनवमी का जश्न मनाने के लिए कई जुलूसों का आयोजन किया था। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में कुछ जगहों पर उपद्रवियों ने हिंसा फैलाने की कोशिश की। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सोमवार को जब यह जुलूस मुर्शिदाबाद जिले से गुजर रहा था तब कुछ लोगों ने पुलिस स्टेशन में प्रेवेश की कोशिश की। उनके हाथ में तलवारें थीं। इनमें दस लोग रमनवमी उत्सव कमेटी के भी शामिल थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

सुबह करीब 11:30 बजे निकाली जा रही थी रामनवमी यात्रा

Ram Navami riots west bengal but What's going on?
पश्चिम बंगाल
उन्होंने बताया कि कमेटी में बीजेपी और वीएचपी के लोग थे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुबह करीब 11:30 बजे यह यात्रा निकाली जा रही थी तभी दोनों तरफ से पत्थर फेंके गए। यह पत्थर थाने पर भी फेंके गए। इस दौरान पुलिस ने दवाब बनाने की कोशिश की लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। वहीं पुरुलिया में भी दो समूहों के बीच संघर्ष में एक व्यक्ति की भी हत्या कर दी गई और पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। 

बता दें कि राज्य सरकार ने हथियारों पर बैन लगाया गया था उसके बाद भी लोगों ने हथियार लहराए और हिंसा की। रानीगंज इलाके में रैली के दौरान दो समूहों में हिंसा भड़क गई इसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों ही समूहों ने एक दूसरे पर जमकर हमला किया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि राम नवमी जुलूस में एक शख्स ने कथित तौर पर उस क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश की जहां अल्पसंख्यक समुदाय के लोग बड़ी संख्या में रहते थे। 

उन्होंने बताया कि इसके बाद दोनों समुदायों में झगड़ा हो गया और एक मंदिर को भी निशाना बनाया गया। पुसिस ने हस्तक्षेप करने की कोशिश की। लेकिन आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस उपायुक्त अरिंदम दत्ता चौधरी इस घटना में घायल हो गए थे। उनपर हिंसा कर रहे लोगों ने बम फेंक दिया था। इसके बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। 

केंद्रीय मंत्री और आसनसोल से बीजेपी सांसद बाबुल सुप्रियो भी रानीगंज में एक रैली में भाग लेने वाले थे लेकिन बाद में वह शामिल नहीं हुए। राज्य भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि यह राम नवमी के दिन "शस्त्र पूजा" (हथियारों की पूजा) की जाती है। जो एक पुरानी परंपरा है। लेकिन राज्य सरकार ने हथियारों पर बैन लगा दिया था इससे जुसूस में भाग लेने वाले लोग अवगत नहीं थे। 

पुलिस अधीक्षक एन एस सुधीर कुमार ने कहा कि पश्चिम बंगाल महिला मोर्चा अध्यक्ष लॉकेट चटर्जी पर केस दर्ज किया गया है। उन्होंने भी रामनवमी जुलूस में कथित तौर पर हथियारों के साथ भाग लिया था। पुलिस ने कहा कि जो लोग रामनवमी रैली में हथियार ले गए उनकी सीसीटीवी फूटेज निकालकर जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर वीडियो में घोष दिखाई दिए तो उनपर भी केस दर्ज किया जाएगा।  

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने डीजीपी को सख्त निर्देश दिए हैं कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जिन्होंने भी कानून को हाथ में लिया है उन्हें बिलकुल भी बर्दाश्त नहीं करूंगी। उन्होंने कोलकाता में एक जनसभा को आयोजित करते हुए कहा कि अगर पुलिस कार्रवाई करने में विफल रही तो उनके खिलाफ भी कड़े कदम उठाए जाएंगे।

क्या है रामनवमी?

Ram Navami riots west bengal but What's going on?
पश्चिम बंगाल
रामनवमी पर हिंदू भगवान राम के जन्म का जश्न मनाते हैं। बता दें कि राम को 7वें अवतार या विष्णु का पुनर्जन्म माना जाता है। यह त्यौहार उत्तर प्रदेश सहित देश के उत्तरी भागों में बड़े पैमाने पर मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश में स्थित अयोध्या लंबे समय से राम का जन्म स्थान माना जाता है। यह त्योहार बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और कर्नाटक जैसे राज्यों में भी मनाया जाता है। राम नवमी इस साल 25 मार्च को मनाया गया था। 

बंगाल में रामनवमी?

बंगाल में रामनवमी राजनीतिक रूप से मनाई जाती है जबकि बंगाली संस्कृति से इसका कोई लेना देना नहीं है। बंगाल में दुर्गा, हिंदू देवी सरस्वती, लक्ष्मी को सबसे ज्यादा पूजा जाता है। उनके त्योहार यहां काफी लोकप्रिय हैं। बांगाल को इनका जश्न मनाने के लिए भी जाना जाता है। विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से बंगालियों द्वारा ये त्योहार मनाए जाते हैं। लेकिन रामनवमी कुछ ही लोगों द्वारा मनाया जाता है। बंगाल में सबसे ज्यादा दुर्गा पूजा की जाती है। दुर्गा पूजा को पूरे बंगाल में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। 

बंगाल में हिंदुओ को एकजुट करना

बंगाल में रामनवमी के दौरान लोगों ने अपने हाथ में नारों की तख्तियां ले रखी थीं। जिसपर लिखा था कि हिंदुओं को एकजुट किया गया। अब यह स्पष्ट नहीं है कि अब यह एकीकरण क्यों जरूरी है। पश्चिम बंगाल में बहुसंख्यक हिंदू लभगभ 70 प्रतिशत हैं। लेकिन वे उत्तरी और मध्य भारत के अन्य हिंदुओं से काफी हद तक अलग अलग विचारधारा देवी देवताओं और सबसे महत्वपूर्ण भाषा के कारण भिन्न हैं। 

बंगाली हिंदुओं की अपनी सांस्कृतिक पहचान और विचारधाराएं हैं जो दुर्गा और महिला शक्ति केंद्र पर केंद्रित हैं। हिंदी-बोलने वाले हिंदुओं से उत्तर वाले भिन्न होते हैं, जिसमें वे पुरुष देवताओं की पूजा नहीं करते और जश्न भी नहीं मनाते हैं।

भाजपा 'हिंदुत्व' की विचारधारा के लिए जोर दे रही है जिसका उद्देश्य 'सच्चे' हिंदू जीवन शैली को आगे बढ़ाना है। रामनवमी में बड़े पैमाने प हथियार ले जाने वालों को ऐसे ही लोग बढ़ावा दे रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed