{"_id":"5d4d03738ebc3e6cb56854a6","slug":"ram-janmabhoomi-babri-masjid-case-supreme-court-started-hearing-for-fourth-consecutive-day","type":"story","status":"publish","title_hn":"अयोध्या मामला: मुस्लिम पक्ष के वकील ने पांच दिन सुनवाई होने पर जताई आपत्ति","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
अयोध्या मामला: मुस्लिम पक्ष के वकील ने पांच दिन सुनवाई होने पर जताई आपत्ति
Fri, 09 Aug 2019 11:11 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Fri, 09 Aug 2019 11:11 AM IST
विज्ञापन
अयोध्या मसले पर सुनवाई शुरू हो गई है
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उच्चतम न्यायालय ने अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मे दायर अपीलों पर रोजाना सुनवाई करने के निर्णय पर मुस्लिम पक्षकारों की आपत्ति दरकिनार करते हुए शुक्रवार को स्पष्ट किया कि राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील इस मामले की दैनिक आधार पर सुनवाई जारी रहेगी।
विज्ञापन
शीर्ष अदालत ने इस प्रकरण में एक मूल पक्षकार एम. सिद्दीक और अखिल भारतीय सुन्नी वक्फ बोर्ड की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन की आपत्ति दरकिनार कर दी। राजीव धवन ने सवेरे इस पर आपत्ति उठाते हुए कहा था कि सप्ताह में पांच दिन कार्यवाही में हिस्सा लेना उनके लिए संभव नहीं होगा।
विज्ञापन
प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने इस मामले में पांचवें दिन की सुनवाई के अंत में कहा, ‘हम पहले दिए गए आदेश के अनुरूप रोजाना सुनवाई करेंगे।’ हालांकि, पीठ ने धवन को यह आश्वासन दिया कि यदि उन्हें इस मामले में तैयारी के लिए समय चाहिए तो सप्ताह के मध्य में विराम देने पर विचार किया जाएगा।
विज्ञापन
इसके बाद, पीठ ने कहा कि इन अपीलों पर अब मंगलवार को सुनवाई होगी। सोमवार को ईद के अवसर पर न्यायालय में अवकाश है। संविधान पीठ के अन्य सदस्यों में न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर शामिल हैं।
इससे पहले, सवेरे राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में सभी पांच कार्य दिवसों को सुनवाई करने के शीर्ष अदालत के निर्णय पर धवन ने आपत्ति दर्ज कराई थी और कहा था कि यदि इस तरह की ‘जल्दबाजी’ की गई तो वह इसमें सहयोग नहीं कर सकेंगे।
शीर्ष अदालत ने नियमित सुनवाई की परंपरा से हटकर अयोध्या विवाद में शुक्रवार को भी सुनवाई करने का निर्णय किया था। शुक्रवार और सोमवार के दिन नए मामलों और लंबित मामलों में दाखिल होने वाले आवेदनों आदि पर विचार के लिए होते हैं।