साइकिल-सपा मिलने के बाद SC गए रामगोपाल, कहा- हमारा पक्ष सुने बिना न दें कोई फैसला
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साइकिल चुनाव चिन्ह और समाजवादी पार्टी मिलने के बाद अखिलेश गुट की ओर से राम गोपाल यादव ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट (याचिका) दाखिल किया है। रामगोपाल ने अपील की है कि कोर्ट बिना अखिलेश गुट का पक्ष सुने कोई भी फैसला न सुनाए। गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने सोमवार को साइकिल निशान और पार्टी का नाम अखिलेश के हवाले कर दिया।
पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव को तगड़ा झटका देते हुए चुनाव आयोग ने अपने आदेश में माना कि संगठन के सदस्यों, सांसदों, विधायकों का संख्या बल अखिलेश के साथ है। वहीं, मुलायम ने इस संबंध में हलफनामा भी नहीं भेजा था।
अखिलेश के हलफनामे को ईसी ने माना सही
आयोग ने अपने आदेश में अखिलेश खेमे की ओर से दिए गए हलफनामों को सही माना। आयोग ने मुलायम खेमे की इस दलील को भी खारिज कर दिया कि सपा में कोई फूट नहीं हुई है।
आयोग ने दो टूक कहा कि यह फैसला एक जनवरी को सपा के बुलाए गए राष्ट्रीय अधिवेशन की संवैधानिकता को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि अखिलेश गुट के पास विधायकों, सांसदों और संगठन के सदस्यों के संख्या बल के आधार पर है।
अखिलेश के पास 228 में से 205 विधायकों, 68 में से 56 एमएलसी, 24 में से 15 सांसदों का समर्थन है। 46 राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्यों में से 28 का समर्थन भी उन्हें ही है। वहीं पार्टी के 5,731 डेलिगेट्स में से 4,716 उनके साथ हैं।