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वीआईपी ट्रीटमेंट दिए जाने से नाराज हुए सांसद, कर दी शिकायत
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Fri, 08 Jul 2016 03:56 PM IST
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SpiceJet
- फोटो : .financialexpress
नेताओं को अक्सर वीआईपी ट्रीटमेंट ना मिलने पर शिकायत करते तो जरूर सुना होगा। लेकिन क्या अपने कभी सुना है कि किसी नेता ने स्वंय को वीआईपी ट्रीट किए जाने पर शिकायत की हो जी हां एक ऐसा ही मामला सामने आया है।
हाल ही में राज्यसभा सांसद बनें मध्यप्रदेश के काग्रेस नेता विवेक तन्खा ने वीआईपी ट्रीटमेंट दिए जाने पर स्पाइसजेट की शिकायत की है। विवेक ने बताया की वह अपने एक मित्र और लोकसभा सांसद के साथ जबलपुर से दिल्ली आ रहे थे। जब वह दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे और आगामी टर्मिनल के लिए जहाज से बस में चढ़े तो अचानक ही बस के दरवाजे अन्य लोगों के लिए बंद कर दिए गए।
हमें अन्य विशेष यात्री की तरह डी-बोर्डिंग वाले रास्ते से बाहर ले जाया गया। मैंने तभी वहां मौजूद ग्राउंड स्टाफ से उनके इस व्यवहार के लिए शिकायत की और कहा की उनके इस प्रकार के व्यवहार से मैं बहुत शर्मसार हुआ हूं। तन्खा ने शिकायत पत्र में लिखा कि मेरा मानना है कि एक सांसद को भी एक सामान्य यात्री की तरह होना चाहिए।
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उससे एक नागरिक के रूप में प्रकार के शिष्टाचार की उम्मीद की जाती है। उन्होंने कहां कि वास्तव में मैं इस वीआईपी ट्रीटमेंट वाले कल्चर के सख्त खिलाफ हूं। मेरा मनना है कि हर वीवीआईपी/ वीआईपी को इस प्रकार के ट्रीटमेंट से परहेज करना चाहिए।
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हाल ही में राज्यसभा सांसद बनें मध्यप्रदेश के काग्रेस नेता विवेक तन्खा ने वीआईपी ट्रीटमेंट दिए जाने पर स्पाइसजेट की शिकायत की है। विवेक ने बताया की वह अपने एक मित्र और लोकसभा सांसद के साथ जबलपुर से दिल्ली आ रहे थे। जब वह दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे और आगामी टर्मिनल के लिए जहाज से बस में चढ़े तो अचानक ही बस के दरवाजे अन्य लोगों के लिए बंद कर दिए गए।
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हमें अन्य विशेष यात्री की तरह डी-बोर्डिंग वाले रास्ते से बाहर ले जाया गया। मैंने तभी वहां मौजूद ग्राउंड स्टाफ से उनके इस व्यवहार के लिए शिकायत की और कहा की उनके इस प्रकार के व्यवहार से मैं बहुत शर्मसार हुआ हूं। तन्खा ने शिकायत पत्र में लिखा कि मेरा मानना है कि एक सांसद को भी एक सामान्य यात्री की तरह होना चाहिए।
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उससे एक नागरिक के रूप में प्रकार के शिष्टाचार की उम्मीद की जाती है। उन्होंने कहां कि वास्तव में मैं इस वीआईपी ट्रीटमेंट वाले कल्चर के सख्त खिलाफ हूं। मेरा मनना है कि हर वीवीआईपी/ वीआईपी को इस प्रकार के ट्रीटमेंट से परहेज करना चाहिए।