Rajya Sabha: 'ये पार्टियों के आत्म-मंथन करने का समय', राज्यसभा से विपक्ष के वॉकआउट पर बिफरे सभापति धनखड़
सभापति ने कहा कि 'बजट पर आज चर्चा सूचीबद्ध थी और मुझे उम्मीद थी कि नियमों का पालन होगा और माननीय सदस्य बजट पर चर्चा करेंगे, लेकिन अब मुझे ऐसा लगता है कि रणनीति के तहत ये किया गया।
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'लोकतंत्र गंभीर खतरे में पड़ जाएगा'
सभापति ने कहा कि 'बजट पर आज चर्चा सूचीबद्ध थी और मुझे उम्मीद थी कि नियमों का पालन होगा और माननीय सदस्य बजट पर चर्चा करेंगे, लेकिन अब मुझे ऐसा लगता है कि रणनीति के तहत ये किया गया। मैं सदस्यों से अपील करता हूं कि अगर इसी तरह से सदन में हंगामा होता रहा और इसे राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया गया तो इससे लोकतंत्र गंभीर खतरे में पड़ जाएगा'
#WATCH | On Suspension of Business Notices in Rajya Sabha given under Rule 267 by MPs, House Chairman Jagdeep Dhankhar said, "I reiterate, leaders of political parties need to take a call on the issue, as it is becoming a routine daily affair in every sitting of the House. I had… pic.twitter.com/Fhrb6x0Yo6
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) July 24, 2024
राज्यसभा में चर्चा के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने निर्मला सीतारमण को लेकर कहा कि माताजी बोलने में एक्सपर्ट हैं। इस पर राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ बोले- वो माताजी नहीं, आपकी बेटी की उम्र के बराबर हैं। इस दौरान नेता मुस्कुराते नजर आए।
बजट में 2 राज्यों को छोड़ कर किसी राज्य को कुछ नहीं दिया गया।
— Congress (@INCIndia) July 24, 2024
यह बजट किसी को खुश करने के लिए और कुर्सी को बचाने के लिए पेश किया गया है।
इसलिए INDIA गठबंधन पूरे देश में इस बात का विरोध करेगी।
: कांग्रेस अध्यक्ष व राज्य सभा में नेता प्रतिपक्ष श्री @kharge pic.twitter.com/luqDHoGwDE
'सदन की कार्यवाही स्थगित करने की मांग करना एक बहुत ही गंभीर मामला'
राज्यसभा में नियम 267 के तहत सांसदों ने कार्य स्थगन का नोटिस दिया। इस पर सभापति ने कहा कि मैं फिर कहता हूं कि राजनीतिक पार्टियों के नेताओं को इस मुद्दे पर विचार करने की जरूरत है। सदन में हंगामा अब रोज की बात हो गया है। सदन की कार्यवाही स्थगित करने की मांग करना एक बहुत ही गंभीर मामला है। पिछले 36 वर्षों में इस तंत्र का इस्तेमाल सिर्फ छह अवसरों पर ही किया गया है। केवल असाधारण परिस्थितियों में ही इसका इस्तेमाल किया गया। आज दिया गया नोटिस निर्देशों का पालन नहीं करता है, ऐसे में इसे मंजूरी नहीं दी जा सकती।