{"_id":"5874cfba4f1c1b1529ba980d","slug":"rajpal-yadav-interview-with-amar-ujala-on-his-sarv-sambhav-party-inning-in-up-assembly-election","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"एक्टिंग से पॉलिटिक्स में आए राजपाल यादव, उत्तर प्रदेश में उतारेंगे कैंडिडेट","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
एक्टिंग से पॉलिटिक्स में आए राजपाल यादव, उत्तर प्रदेश में उतारेंगे कैंडिडेट
नंदलाल शर्मा/राघवेंद्र मिश्र, अमर उजाला
Updated Thu, 12 Jan 2017 01:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिल्वर स्क्रीन पर अभिनय के माध्यम से दर्शकों को गुदगुदाने वाले राजपाल यादव 'सर्व समभाव पार्टी' के बैनर तले अब राजनीति के रंगमंच पर उतर आए हैं। परिवार और भाइयों के सहयोग से उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में राजपाल यादव अपनी पार्टी लेकर उतर रहे हैं। गांव, किसान और समभाव के मुद्दे पर राजपाल यादव चुनाव लड़ने और मौजूदा सियासी चेहरे को बदलने की बात करते हैं। राजपाल यादव हाल में अमर उजाला डॉट कॉम के दफ्तर आए, इस मौके पर उन्होंने अपनी पार्टी की नीतियों चुनावी रणनीति के बारे में बेबाकी से बात की। आइए जानते हैं कि यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर क्या है राजपाल और उनकी पार्टी का एजेंडा...
राजनीति में आने का विचार कैसे बना?
हम डर-भय से मुक्त होकर जातिवाद की राजनीति को हटाना चाहते हैं। एक समुदाय की सरकार चल रही है तो दूसरा समुदाय डर रहा है, इसे खत्म करना चाहते हैं।
हम इनकी पार्टी ज्वाइन करते तो उनकी बड़ाई और उनकी पार्टी ज्वाइन करते तो इनकी बड़ाई करते, इसलिए हमने अपनी अलग पार्टी बनाई।
यूपी चुनाव में आपकी पार्टी का एजेंडा क्या है?
मैंने अपने दो भाइयों को 10-12 साल राजनीति सिखाई। जैसे मुझे अभिनेता बनने में 10-12 साल लगे, वैसे ही मेरे दोनों भाई अब नेता बनकर तैयार हैं। सर्व सम्भाव पार्टी की स्थापना वृंदावन में हुई। जो सेवा भाव से आई है। इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष हमारे बड़े भाई श्रीपाल यादव हैं। राजेश यादव तिलहर विधानसभा से चुनाव से लड़ रहे हैं। छह भाइयों में दो भाई राजनीति के लिए, तीन भाई व्यापार के लिए और राजपाल यादव परिवार, व्यापार और प्रचार तीनों में हैं। प्रदेश में पिछले 15-20 साल से सिर्फ विवाद हो रहा है। एक योजना आती है तो दूसरा उसका विरोध कर रहे है। इसे देखते हुए हमने पार्टी बनाई। यह पार्टी पहले निर्माण की बात करती है। निर्माण का मंत्र संवाद के माध्यम से करने का प्रयास किया।
आपकी पार्टी और लोगों का ग्राउंड लेवल पर कितना जनमत है?
मैं इस चुनाव में परिवर्तन चाहता हूं। मैं चाहता हूं कि किसी पार्टी की सरकार न बनकर जनता की सरकार बने। हम पार्टी के हिसाब से अपनी अपनी जनता चुन लेते हैं, मैं चाहता हूं कि ये जहर खत्म हो। जनता को स्वतंत्रता मिले। लोग वोट की कीमत समझे, नोट के चक्कर में वोट न बिके। गांव को स्मार्ट बनाकर प्रदेश का निर्माण कर सकते हैं। हर शहर के बंदे का गांव से तार जुड़ा होता है, गांव का निर्माण हो गया तो शहर भी आगे बढ़ जाएगा।
विज्ञापन
जनता मैं अभी शुरुआत कर रहा हूं। हम अपनी नीतियों को धीरे-धीरे जनता तक पहुंचाएंगे। सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यम से हम अपनी नीतियों को जनता
तक पहुंचाएंगे। हमें 2017 में मौका मिलता है तो भी मेंटली प्रिपेयर हैं या फिर दो महीने, दो साल या चार साल बाद भी मौका मिलता है तो हम जनता की सेवा करेंगे।
हम राजनीति की शुरुआत कर रहे हैं। हम दो-दो पांच करने के चक्कर में नहीं हैं। ये मोटी किताब है हम इसे एक-एक करके पढ़ना चाहेंगे।
कितनी सीटों पर उम्मीदवार उतारेंगे?
सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारेंगे और कुछ लोगों के खिलाफ सम्मान की वजह से उम्मीदवार नहीं उतारेंगे। करीब 390 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे और उम्मीदवार उतारेंगे।
विज्ञापन
राजनीति में आने का विचार कैसे बना?
हम डर-भय से मुक्त होकर जातिवाद की राजनीति को हटाना चाहते हैं। एक समुदाय की सरकार चल रही है तो दूसरा समुदाय डर रहा है, इसे खत्म करना चाहते हैं।
हम इनकी पार्टी ज्वाइन करते तो उनकी बड़ाई और उनकी पार्टी ज्वाइन करते तो इनकी बड़ाई करते, इसलिए हमने अपनी अलग पार्टी बनाई।
यूपी चुनाव में आपकी पार्टी का एजेंडा क्या है?
मैंने अपने दो भाइयों को 10-12 साल राजनीति सिखाई। जैसे मुझे अभिनेता बनने में 10-12 साल लगे, वैसे ही मेरे दोनों भाई अब नेता बनकर तैयार हैं। सर्व सम्भाव पार्टी की स्थापना वृंदावन में हुई। जो सेवा भाव से आई है। इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष हमारे बड़े भाई श्रीपाल यादव हैं। राजेश यादव तिलहर विधानसभा से चुनाव से लड़ रहे हैं। छह भाइयों में दो भाई राजनीति के लिए, तीन भाई व्यापार के लिए और राजपाल यादव परिवार, व्यापार और प्रचार तीनों में हैं। प्रदेश में पिछले 15-20 साल से सिर्फ विवाद हो रहा है। एक योजना आती है तो दूसरा उसका विरोध कर रहे है। इसे देखते हुए हमने पार्टी बनाई। यह पार्टी पहले निर्माण की बात करती है। निर्माण का मंत्र संवाद के माध्यम से करने का प्रयास किया।
विज्ञापन
आपकी पार्टी और लोगों का ग्राउंड लेवल पर कितना जनमत है?
मैं इस चुनाव में परिवर्तन चाहता हूं। मैं चाहता हूं कि किसी पार्टी की सरकार न बनकर जनता की सरकार बने। हम पार्टी के हिसाब से अपनी अपनी जनता चुन लेते हैं, मैं चाहता हूं कि ये जहर खत्म हो। जनता को स्वतंत्रता मिले। लोग वोट की कीमत समझे, नोट के चक्कर में वोट न बिके। गांव को स्मार्ट बनाकर प्रदेश का निर्माण कर सकते हैं। हर शहर के बंदे का गांव से तार जुड़ा होता है, गांव का निर्माण हो गया तो शहर भी आगे बढ़ जाएगा।
विज्ञापन
जनता मैं अभी शुरुआत कर रहा हूं। हम अपनी नीतियों को धीरे-धीरे जनता तक पहुंचाएंगे। सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यम से हम अपनी नीतियों को जनता
तक पहुंचाएंगे। हमें 2017 में मौका मिलता है तो भी मेंटली प्रिपेयर हैं या फिर दो महीने, दो साल या चार साल बाद भी मौका मिलता है तो हम जनता की सेवा करेंगे।
हम राजनीति की शुरुआत कर रहे हैं। हम दो-दो पांच करने के चक्कर में नहीं हैं। ये मोटी किताब है हम इसे एक-एक करके पढ़ना चाहेंगे।
कितनी सीटों पर उम्मीदवार उतारेंगे?
सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारेंगे और कुछ लोगों के खिलाफ सम्मान की वजह से उम्मीदवार नहीं उतारेंगे। करीब 390 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे और उम्मीदवार उतारेंगे।
'मसखरागिरी करने से अच्छा पार्टी बनाकर लड़ना'
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
अखिलेश यादव के खिलाफ उम्मीदवार उतारेंगे?
403 में से करीब 390 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। बाकी सीटें सम्मान के लिए छोड़ेंगे। मुझे पिछले कई सालों से चुनाव लड़ने के लिए ऑफर मिल रहे थे। मैंने सोचा इनकी मसखरागिरी करने से अच्छा अपनी पार्टी बनाई जाए। इसके लिए बड़े भाई और अपने छोटे भाइयों की सहायता से 10-12 साल से समाजसेवा का काम कर रहा हूं।
कुछ सीटों को छोड़कर सभी सीटों पर लड़ेंगे। अलग-अलग पार्टियों के कुछ मित्र हैं उनके खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारेंगे। हमें नहीं लगता कि अखिलेश यादव,
मायावती या शीला दीक्षित के खिलाफ उम्मीदवार उतारने से कुछ मिलेगा। इनके खिलाफ उम्मीदवार उतारकर आपको कुछ मिलने वाला है? वरिष्ठ का हमेशा सम्मान करते हैं। वरिष्ठ का अर्थ डर नहीं होता। पक्ष और विपक्ष के साथ राजनीति, मनभेद नहीं मतभेद के साथ होनी चाहिए और राजनीति भी हम गंभीरता से करेंगे।
चुनाव लड़ने के लिए फंड कहां से लाएंगे?
चुनाव के लिए पार्टी फंड का लोगों का मिथ बना रखा है। चुनाव का मतलब पैसे का दुरुपयोग नहीं है। एक धनबल होता है और एक जनबल होता है। धन तब बनता है
जब जन उसे छापता है। हमें कौन छापता है। हमें परमात्मा छापता है। धनबल का दुरुपयोग न हो, इसके लिए जनबल होता है। धनबल को मिटा के रहेंगे। ये राक्षसी
प्रवृति है।
चुनाव प्रचार के लिए क्या तरीका अपनाएंगे?
प्रचार के लिए हम आर्टिस्टिक तरीका अपनाएंगे। ईमानदारी से लोगों के पास जाएंगे। अपने माध्यम से मैं अपनी पार्टी का प्रचारक हूं और पूरे देश से सहयोग लेंगे। मैं
चाहता हूं कि पार्टी सबके प्रयासों से आगे बढ़े और बदलाव के लिए सबको आगे आना ही होगा।
मतदाताओं को कैसे विश्वास दिलाएंगे कि आपकी पार्टी चुनावी मेढ़क नहीं है?
इस चुनाव में परिवर्तन चाहते हैं और ये चाहते हैं कि जनता सरकार चुने और किसी पार्टी की सरकार न बने। जनता अपने वोट की कीमत समझे। हम जन-जन का
मजबूत करना चाहते हैं और नीतियों को लेकर लोगों को जागरूक करना चाहते हैं। मतों की लड़ाई हो मन की लड़ाई न हो।
ऐसा लग रहा है कि आप एक्टिविज्म के लिए आए हैं? स्पष्ट करिए?
बिल्कुल राजनीति के लिए आए हैं।
तो आप ये मानकर चल रहे हैं कि आप मुख्यमंत्री या सरकार बनाने के लिए मैदान में नहीं हैं?
आप देखिए अगर पार्टी के एजेंडे पर जाए तो सिर्फ पार्टी के सिंबल का इंतजार है। हम पूरी तरह तैयार हैं और हमारे पास पूरा एजेंडा हैं। 15 साल से एक दूसरे को गाली
देने की राजनीति हो रही है।
दूसरों से कितने अलग हैं आप, जबकि विवादों का साया आप पर भी है?
चार साल से मेरी जिंदगी को लेकर जो विवाद है, उसमें अगर राजपाल दोषी होते, तो यहां नहीं बैठे होते। ये कानून का मामला है और मैं उसका पूरी तरह सम्मान
करता हूं। आपको बताऊं कि मुझे फंसाया गया है और ये आने वाले समय साबित हो जाएगा कि राजपाल पूरी तरह निर्दोष है।
क्या आप खुद निर्दोष साबित करने में असफल साबित हुए?
नहीं। मैं ऐसा नहीं मानता, लेकिन हमसे गलतियां हुई है और सबको मालूम है कि राजपाल दोषी नहीं है। ये किस्सा अभी निपटा नहीं है। अभी एक इनिंग हुई है और एक
इनिंग बाकी है। हम इस केस से भागे नहीं हैं। समय आने दीजिए साफ हो जाएगा कि राजपाल निर्दोष है।
403 में से करीब 390 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। बाकी सीटें सम्मान के लिए छोड़ेंगे। मुझे पिछले कई सालों से चुनाव लड़ने के लिए ऑफर मिल रहे थे। मैंने सोचा इनकी मसखरागिरी करने से अच्छा अपनी पार्टी बनाई जाए। इसके लिए बड़े भाई और अपने छोटे भाइयों की सहायता से 10-12 साल से समाजसेवा का काम कर रहा हूं।
कुछ सीटों को छोड़कर सभी सीटों पर लड़ेंगे। अलग-अलग पार्टियों के कुछ मित्र हैं उनके खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारेंगे। हमें नहीं लगता कि अखिलेश यादव,
मायावती या शीला दीक्षित के खिलाफ उम्मीदवार उतारने से कुछ मिलेगा। इनके खिलाफ उम्मीदवार उतारकर आपको कुछ मिलने वाला है? वरिष्ठ का हमेशा सम्मान करते हैं। वरिष्ठ का अर्थ डर नहीं होता। पक्ष और विपक्ष के साथ राजनीति, मनभेद नहीं मतभेद के साथ होनी चाहिए और राजनीति भी हम गंभीरता से करेंगे।
चुनाव लड़ने के लिए फंड कहां से लाएंगे?
चुनाव के लिए पार्टी फंड का लोगों का मिथ बना रखा है। चुनाव का मतलब पैसे का दुरुपयोग नहीं है। एक धनबल होता है और एक जनबल होता है। धन तब बनता है
जब जन उसे छापता है। हमें कौन छापता है। हमें परमात्मा छापता है। धनबल का दुरुपयोग न हो, इसके लिए जनबल होता है। धनबल को मिटा के रहेंगे। ये राक्षसी
प्रवृति है।
चुनाव प्रचार के लिए क्या तरीका अपनाएंगे?
प्रचार के लिए हम आर्टिस्टिक तरीका अपनाएंगे। ईमानदारी से लोगों के पास जाएंगे। अपने माध्यम से मैं अपनी पार्टी का प्रचारक हूं और पूरे देश से सहयोग लेंगे। मैं
चाहता हूं कि पार्टी सबके प्रयासों से आगे बढ़े और बदलाव के लिए सबको आगे आना ही होगा।
मतदाताओं को कैसे विश्वास दिलाएंगे कि आपकी पार्टी चुनावी मेढ़क नहीं है?
इस चुनाव में परिवर्तन चाहते हैं और ये चाहते हैं कि जनता सरकार चुने और किसी पार्टी की सरकार न बने। जनता अपने वोट की कीमत समझे। हम जन-जन का
मजबूत करना चाहते हैं और नीतियों को लेकर लोगों को जागरूक करना चाहते हैं। मतों की लड़ाई हो मन की लड़ाई न हो।
ऐसा लग रहा है कि आप एक्टिविज्म के लिए आए हैं? स्पष्ट करिए?
बिल्कुल राजनीति के लिए आए हैं।
तो आप ये मानकर चल रहे हैं कि आप मुख्यमंत्री या सरकार बनाने के लिए मैदान में नहीं हैं?
आप देखिए अगर पार्टी के एजेंडे पर जाए तो सिर्फ पार्टी के सिंबल का इंतजार है। हम पूरी तरह तैयार हैं और हमारे पास पूरा एजेंडा हैं। 15 साल से एक दूसरे को गाली
देने की राजनीति हो रही है।
दूसरों से कितने अलग हैं आप, जबकि विवादों का साया आप पर भी है?
चार साल से मेरी जिंदगी को लेकर जो विवाद है, उसमें अगर राजपाल दोषी होते, तो यहां नहीं बैठे होते। ये कानून का मामला है और मैं उसका पूरी तरह सम्मान
करता हूं। आपको बताऊं कि मुझे फंसाया गया है और ये आने वाले समय साबित हो जाएगा कि राजपाल पूरी तरह निर्दोष है।
क्या आप खुद निर्दोष साबित करने में असफल साबित हुए?
नहीं। मैं ऐसा नहीं मानता, लेकिन हमसे गलतियां हुई है और सबको मालूम है कि राजपाल दोषी नहीं है। ये किस्सा अभी निपटा नहीं है। अभी एक इनिंग हुई है और एक
इनिंग बाकी है। हम इस केस से भागे नहीं हैं। समय आने दीजिए साफ हो जाएगा कि राजपाल निर्दोष है।
सरकार में आने पर क्या करेंगे?
फाइल फोटो
- फोटो : self
तीन चीजें जो आप सरकार में आने पर करेंगे?
पहली चीज ये कि एक गांव को दूसरे गांव से टू-लेन से जोड़ेंगे। ट्रॉली से लेकर ट्रक तक गांव में जाते हैं।
दूसरी ये कि खेतों की मेड़ पक्की योजना चलाएंगे। किसानों के खेतों के मेड़ों पर पत्थर लगेंगे।
तीसरी ये कि इसके बाद बची जमीनों को नामांकन कराकर उसे विकास कार्यों के लिए उपयोग में लेंगे कि कहां कोल्ड स्टोरेज बनेंगे और कहां कंपनियां खड़ी होंगी।
यूपी में अपराध रोकने के लिए
अपराध करता कौन है। पुलिस बल में आत्म बल पैदा करेंगे। हमारी पुलिस बल के पास पूरा सर्वावइल का कार्यक्रम नहीं है। हम पहले पुलिस बल को मजबूत करने के
लिए सर्वावइल प्लान लाएंगे।
आपकी पार्टी से मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार कौन है
श्रीपाल यादव, मेरे भाई।
नरेंद्र मोदी के ढाई साल के कार्यकाल और नोटबंदी को कैसे देखते हैं?
बढ़िया है। जनता पूरा सहयोग कर रही है। मैं उनका पूरा सम्मान करता हूं। नोटबंदी का मैं समर्थन करता हूं लेकिन एक चीज मैं जोड़ता हूं कि इससे पहले मशीनीकरण
बहुत जरूरी था। ऐसा न होने से जनता को बहुत तकलीफ हुई है। नीचे से लेकर ऊपर तक मशीनीकरण होना चाहिए। खोमचे वाले से लेकर अमरूद वाले तक अभी
पीड़ा हुई है। मुझे लगता है कि इस पर और काम होना चाहिए था।
अखिलेश के कार्यकाल को कैसे देखते हैं?
देखिए कल तक जिन्होंने कार्यकाल किया था, तब हम राजनीति में नहीं थे। अब हम राजनीति में है और अब यहां से देखेंगे कि किसने कितना काम किया है? 2017 से
देश के हित के लिए जो भी होगा मैं उसमें सहभागिता चाहता हूं।
चुनावी चंदे को लेकर आपकी नीति है?
जैसे भी पार्टी चलेगी और जो भी पार्टी में आएगा वो एक खुली किताब होगा। और जैसे हम अपना इनकम टैक्स और चीजें करवाते हैं पार्टी भी अपना हिसाब किताब देगी।
सपा परिवार में झगड़े को एक साल होने वाला है और जनता का हित कहीं पीछे छूट चुका है?
दुआ करता हूं कि ये झगड़ा निपट जाए। किसी के पारिवारिक विवाद पर टिप्पणी करने का हमको कोई अधिकार नहीं है।
गठबंधन कि सूरत में किसके साथ जाएंगे?
ये समय आने पर देखेंगे, अभी इस स्थिति में हम नहीं है।
पहली चीज ये कि एक गांव को दूसरे गांव से टू-लेन से जोड़ेंगे। ट्रॉली से लेकर ट्रक तक गांव में जाते हैं।
दूसरी ये कि खेतों की मेड़ पक्की योजना चलाएंगे। किसानों के खेतों के मेड़ों पर पत्थर लगेंगे।
तीसरी ये कि इसके बाद बची जमीनों को नामांकन कराकर उसे विकास कार्यों के लिए उपयोग में लेंगे कि कहां कोल्ड स्टोरेज बनेंगे और कहां कंपनियां खड़ी होंगी।
यूपी में अपराध रोकने के लिए
अपराध करता कौन है। पुलिस बल में आत्म बल पैदा करेंगे। हमारी पुलिस बल के पास पूरा सर्वावइल का कार्यक्रम नहीं है। हम पहले पुलिस बल को मजबूत करने के
लिए सर्वावइल प्लान लाएंगे।
आपकी पार्टी से मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार कौन है
श्रीपाल यादव, मेरे भाई।
नरेंद्र मोदी के ढाई साल के कार्यकाल और नोटबंदी को कैसे देखते हैं?
बढ़िया है। जनता पूरा सहयोग कर रही है। मैं उनका पूरा सम्मान करता हूं। नोटबंदी का मैं समर्थन करता हूं लेकिन एक चीज मैं जोड़ता हूं कि इससे पहले मशीनीकरण
बहुत जरूरी था। ऐसा न होने से जनता को बहुत तकलीफ हुई है। नीचे से लेकर ऊपर तक मशीनीकरण होना चाहिए। खोमचे वाले से लेकर अमरूद वाले तक अभी
पीड़ा हुई है। मुझे लगता है कि इस पर और काम होना चाहिए था।
अखिलेश के कार्यकाल को कैसे देखते हैं?
देखिए कल तक जिन्होंने कार्यकाल किया था, तब हम राजनीति में नहीं थे। अब हम राजनीति में है और अब यहां से देखेंगे कि किसने कितना काम किया है? 2017 से
देश के हित के लिए जो भी होगा मैं उसमें सहभागिता चाहता हूं।
चुनावी चंदे को लेकर आपकी नीति है?
जैसे भी पार्टी चलेगी और जो भी पार्टी में आएगा वो एक खुली किताब होगा। और जैसे हम अपना इनकम टैक्स और चीजें करवाते हैं पार्टी भी अपना हिसाब किताब देगी।
सपा परिवार में झगड़े को एक साल होने वाला है और जनता का हित कहीं पीछे छूट चुका है?
दुआ करता हूं कि ये झगड़ा निपट जाए। किसी के पारिवारिक विवाद पर टिप्पणी करने का हमको कोई अधिकार नहीं है।
गठबंधन कि सूरत में किसके साथ जाएंगे?
ये समय आने पर देखेंगे, अभी इस स्थिति में हम नहीं है।