Asian Coast Guards: हिंद-प्रशांत में किसी को समुद्री सीमा नहीं हथियाने देंगे, राजनाथ की चीन को परोक्ष चेतावनी
राजनाथ सिंह ने कहा कि हमें समुद्री सुरक्षा और उसकी सुरक्षा के लिए कानून बनाने, उनके अमल के लिए विभिन्न देशों के साथ सहकारी तंत्र स्थापित करने और समुद्री कानून लागू करने वाली एजेंसियों की क्षमता बढ़ाने में जुटना होगा।
विस्तार
अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में चीन की बढ़ती दादागीरी को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज उसे परोक्ष चेतावनी दी। एशियाई तटरक्षक एजेंसियों की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हम हिंद-प्रशांत में खुली, मुक्त, नियम-आधारित समुद्री सीमाओं के पक्ष में हैं। किसी भी देश को, चाहे वह कितना भी बड़ा क्यों न हो, वैश्विक मार्ग को हथियाने या दूसरों को इसके उचित उपयोग से वंचित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।
राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि भारत समुद्री सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय विनियमों को लागू करने के लिए वचनबद्ध है। हमें समुद्री सुरक्षा और उसकी सुरक्षा के लिए कानून बनाने, उनके अमल के लिए विभिन्न देशों के साथ सहकारी तंत्र स्थापित करने और समुद्री कानून लागू करने वाली एजेंसियों की क्षमता बढ़ाने में जुटना होगा।
समुद्री डकैती रोकने का क्षेत्रीय समझौता उत्साहवर्धक
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत एशिया में समुद्री और सशस्त्र डकैती के खिलाफ क्षेत्रीय सहयोग के समझौते से उत्साहित है। हम आपसी सहयोग को ही समुद्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने का सबसे प्रभावी तरीका मानते हैं।
India committed to implement intn'l regulations; enact legislations for maritime safety&security; establish cooperative mechanism with nations&engage in capacity building of maritime law enforcement agencies: Defence Minister at meeting of Heads of Asian Coast Guards Agencies pic.twitter.com/cWdAaOujpq
— ANI (@ANI) October 15, 2022