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अगर दुश्मन देश हमला करता है तो हम हर बार की तरह करारा जवाब देंगे: राजनाथ
Fri, 14 Aug 2020 08:26 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Fri, 14 Aug 2020 08:26 PM IST
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rajnath singh (file photo)
- फोटो : अमर उजाला
राजनाथ सिंह ने आज कहा कि भारत दुश्मन की किसी भी हरकत का जवाब देने को तैयार है। हम दिलों को जीतने की कोशिश करते हैं लेकिन कोई इसका गलत मतलब ना निकाले। राजनाथ ने सशस्त्र बलों से कहा कि मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि सरकार वह सब कुछ कर रही है जो आपकी परिचालन आवश्यकता को बनाए रखने के लिए जरूरी है।
उन्होंने कहा कि इतिहास इस बात का गवाह है कि भारत ने कभी किसी पर हमला नहीं किया या किसी दूसरे देश की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश नहीं की।
अगर दुश्मन देश हम पर हमला करता है, तो हम हर बार की तरह करारा जवाब देंगे। हम राष्ट्रीय सुरक्षा के दायरे में जो कुछ भी करते हैं, हम हमेशा आत्मरक्षा के लिए करते हैं न कि दूसरों पर हमला करने के लिए।
भारत दिलों को जीतने में विश्वास रखता है, जमीन को नहीं; लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम किसी को भी हमारे आत्म सम्मान को ठेस पहुंचाने देंगे।
रक्षा उत्पादन में स्वदेशीकरण को प्रोत्साहन के लिए पोर्टल शुरू
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इसी तरह निजी क्षेत्र की कंपनियों तथा डीपीएसयूएस के बीच भी दो एमओयू हुए हैं। मंत्रालय के अनुसार, रक्षा मंत्री ने कहा कि कुछ समय पहले तक, अपनी रक्षा खरीद के लिए हम दुनिया में उपलब्ध सर्वश्रेष्ठ प्रौद्योगिकियों की ओर देखते थे। लेकिन अब हमारा परिदृश्य बदल गया है।
सिंह ने कहा कि अब हम यह सोचने लगे हैं कि नए उपकरणों का विनिर्माण खुद से या संयुक्त उद्यमों या प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के जरिए कैसे किया जाए।
रक्षा उपकरणों के स्वेदशीकरण को प्रोत्साहन के लिए शुरू किए गए पोर्टल को ‘श्रीजन’ का नाम दिया गया है।
डीपीएसयूएस, आयुध कारखाना बोर्ड (ओएफबी) और सैन्य बल मुख्यालय (एसएचक्यू) श्रीजन पर उन उत्पादों को प्रदर्शित कर सकते हैं जिनका अभी आयात किया जा रहा है। इससे भारतीय उद्योग अपनी क्षमता के हिसाब से इन उत्पादों को डिजाइन, विकसित और विनिर्मित कर सकेंगे।
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उन्होंने कहा कि इतिहास इस बात का गवाह है कि भारत ने कभी किसी पर हमला नहीं किया या किसी दूसरे देश की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश नहीं की।
अगर दुश्मन देश हम पर हमला करता है, तो हम हर बार की तरह करारा जवाब देंगे। हम राष्ट्रीय सुरक्षा के दायरे में जो कुछ भी करते हैं, हम हमेशा आत्मरक्षा के लिए करते हैं न कि दूसरों पर हमला करने के लिए।
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भारत दिलों को जीतने में विश्वास रखता है, जमीन को नहीं; लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम किसी को भी हमारे आत्म सम्मान को ठेस पहुंचाने देंगे।
रक्षा उत्पादन में स्वदेशीकरण को प्रोत्साहन के लिए पोर्टल शुरू
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज एक पोर्टल का शुभारंभ किया। यह पोर्टल निजी क्षेत्र की कंपनियों को उन रक्षा उपकरणों और उत्पादों के बारे में जानकारी उपलब्ध कराएगा, जिन्हें देश में बनाया जा सकता है। रक्षा मंत्रालय ने बयान में कहा कि इसके अलावा ‘आत्मनिर्भर सप्ताह’ के समापन के दिन शुक्रवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) और रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (डीपीएसयूएस) ने दो सहमति ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस मौके पर रक्षा मंत्री भी मौजूद थे।
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इसी तरह निजी क्षेत्र की कंपनियों तथा डीपीएसयूएस के बीच भी दो एमओयू हुए हैं। मंत्रालय के अनुसार, रक्षा मंत्री ने कहा कि कुछ समय पहले तक, अपनी रक्षा खरीद के लिए हम दुनिया में उपलब्ध सर्वश्रेष्ठ प्रौद्योगिकियों की ओर देखते थे। लेकिन अब हमारा परिदृश्य बदल गया है।
सिंह ने कहा कि अब हम यह सोचने लगे हैं कि नए उपकरणों का विनिर्माण खुद से या संयुक्त उद्यमों या प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के जरिए कैसे किया जाए।
रक्षा उपकरणों के स्वेदशीकरण को प्रोत्साहन के लिए शुरू किए गए पोर्टल को ‘श्रीजन’ का नाम दिया गया है।
डीपीएसयूएस, आयुध कारखाना बोर्ड (ओएफबी) और सैन्य बल मुख्यालय (एसएचक्यू) श्रीजन पर उन उत्पादों को प्रदर्शित कर सकते हैं जिनका अभी आयात किया जा रहा है। इससे भारतीय उद्योग अपनी क्षमता के हिसाब से इन उत्पादों को डिजाइन, विकसित और विनिर्मित कर सकेंगे।