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राजीव गांधी हत्याकांड: नलिनी श्रीहरन की याचिका पर सुनवाई टली, सुप्रीम कोर्ट से समय पूर्व रिहाई की गुहार

Fri, 14 Oct 2022 04:03 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Fri, 14 Oct 2022 04:03 PM IST
सार

तमिलनाडु सरकार ने गुरुवार को राजीव गांधी की हत्या की दोषी नलिनी व आरपी रविचंद्रन की समयपूर्व रिहाई का समर्थन किया था। राज्य सरकार ने कहा कि उसने 2018 में ही राज्यपाल को दोषियों को उम्रकैद की सजा में छूट देने की सिफारिश कर दी थी और यह सलाह उनके लिए बंधनकारी है। 

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Rajiv Gandhi assassination Case: Nalini Sriharan plea hearing postponed for premature release
नलिनी श्रीहरन, राजीव गांधी हत्याकांड की दोषी - फोटो : ANI

विस्तार

राजीव गांधी हत्याकांड की दोषी नलिनी श्रीहरन की याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टल गई। उम्रकैद की सजा काट रही नलिनी ने समय पूर्व रिहाई की गुहार लगाई है। शीर्ष कोर्ट उसकी याचिका पर अब 17 अक्तूबर को विचार करेगी। 

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जस्टिस बीआर गवई व जस्टिस बीवी नागरत्ना समयाभाव के कारण शुक्रवार को नलिनी की याचिका की सुनवाई नहीं कर सके। तमिलनाडु सरकार ने गुरुवार को राजीव गांधी की हत्या की दोषी नलिनी व आरपी रविचंद्रन की समयपूर्व रिहाई का समर्थन किया था। राज्य सरकार ने कहा कि उसने 2018 में ही राज्यपाल को दोषियों को उम्रकैद की सजा में छूट देने की सिफारिश कर दी थी और यह सलाह उनके लिए बंधनकारी है। 
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दो अलग-अलग हलफनामों में तमिलनाडु सरकार ने शीर्ष कोर्ट से कहा था कि 9 सितंबर 2018 को हुई कैबिनेट बैठक में उसने इस हत्याकांड के सात दोषियों की दया याचिका पर विचार किया था। इसके बाद उसने राज्यपाल से सिफारिश की थी कि वे संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत प्रदत्त अधिकार का इस्तेमाल करते हुए दोषियों को सजा में छूट दें। 
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पहले सुनाई गई थी फांसी की सजा, बाद में मृत्युदंड में बदली
बता दें, राजीव गांधी हत्याकांड के आरोपियों को पहले फांसी की सजा सुनाई गई थी, लेकिन उनकी सजा में देरी, दया याचिकाओं में विलंब आदि कारणों को देखते हुए शीर्ष कोर्ट ने उसे उम्रकैद में बदल दिया था। दोषी नलिनी श्रीहरन, संथन, मुरुगन, एजी पेरारिवलन, रॉबर्ट पायस, जयकुमार और रविचंद्रन को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। 

नलिनी व रविचंद्रन अभी पैरोल पर
तमिलनाडु सरकार का कहना है कि वह नलिनी और रविचंद्रन द्वारा संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत दायर याचिका पर निर्णय लेने के लिए सक्षम प्राधिकारी है। इसलिए इस बारे में 9 सितंबर, 2018 को राज्य मंत्रिमंडल का निर्णय अंतिम है। नलिनी और रविचंद्रन दोनों 27 दिसंबर, 2021 से तमिलनाडु सरकार द्वारा तमिलनाडु सजा निलंबन नियम 1982 के तहत मंजूर अनुरोध के आधार पर अभी जेल से पैरोल पर हैं।

नलिनी को वेल्लूर में महिलाओं के लिए विशेष जेल में 30 से अधिक वर्षों के लिए कैद रखा गया, जबकि रविचंद्रन मदुरै, केंद्रीय कारावास में बंद रहा। वह 29 साल का वास्तविक कारावास और 37 साल की कैद की सजा काट चुका है। इसमें छूट भी शामिल है।

तमिलनाडु सरकार से मांगा था जवाब
शीर्ष अदालत ने 26 सितंबर को नलिनी श्रीहरन और रविचंद्रन की समय से पहले रिहाई की मांग वाली याचिका पर केंद्र और तमिलनाडु सरकार से जवाब मांगा था। दोनों ने मद्रास हाईकोर्ट के 17 जून के आदेश को चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने उनकी जल्द रिहाई के लिए याचिका खारिज कर दी थी। 


21 मई 1991 को हुई थी राजीव गांधी की हत्या
ज्ञात हो कि 21 मई 1991 की रात राजीव गांधी की तमिलनाडु के श्रीपेरुंबदूर में एक चुनावी सभा के दौरान हत्या कर दी गई थी। इसके लिए धानु नाम की एक महिला आत्मघाती हमलावर का इस्तेमाल किया गया था। नलिनी की फांसी की सजा को शीर्ष कोर्ट ने 2001 में उम्रकैद में बदल दिया था, क्योंकि उसकी एक बेटी है। इस हत्याकांड के दोषियों को सोनिया गांधी व उनका परिवार भी माफ कर चुका है। 

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