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राजनीति या फिल्म? रजनीकांत और कमल हासन को चुनना होगा कोई एक 'विकल्प'
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तमिलनाडु
Updated Fri, 15 Jun 2018 09:50 PM IST
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रजनीकांत, कमल हासन (फाइल फोटो)
- फोटो : Youtube
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अभिनेता से नेता बने तमिल सुपरस्टार रजनीकांत और कमल हासन अगर दो नांव में पैर रखकर अपनी नाव आगे बढ़ रहे हैं तो यह कहना गलत नहीं होगा। लेकिन इस बात की सुगबुहाट अब तेज होने लगी है कि दोनों नेताओं को जल्द ही एक्टिंग और राजनीति में से किसी एक को चुनना होगा।
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एक्टिंग और राजनीति की नाव में एकसाथ दोनों पैर रख कर चल रहे रजनीकांत और कमल हासन अपने करियर के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं तो यह कहना भी गलत नहीं होगा।
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विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कोई सुपरस्टार अभिनेता से नेता बनने के बाद फिल्मों में काम करता है तो उनका करियर विवादों में रहता है और उनकी फिल्में कुछ खास नहीं कर पाती। विशेषज्ञों का कहना है कि यह तब और भी मुश्किल हो जाता है जब वह अभिनेता तमिलनाडु से ताल्लुक रखता हो।
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ताजा मामले का उदाहरण देते हुए विशेषज्ञों ने कहा कि रजनीकांत की फिल्म 'काला' विवादों में थी। दरअसल रिलीज से पहले रजनीकांत ने कहा था कि कर्नाटक को कावेरी से तमिलनाडु के हिस्से का पानी छोड़ना चाहिए। जिसके बाद उनके इस बयान पर चौतरफा विवाद हुआ। जिसका असर फिल्म की कमाई पर भी साफ दिखा।
सबसे मुश्किल है सभ्य बना रहना
अभिनेता से नेता बनने पर सबसे मुश्किल होता है राजनीतिक उलझनों के बीच अपने वक्तव्य के जरिए सभ्य बने रहना। क्योंकि जनता के बीच पॉपुलर होने के चलते उनकी एक-एक बात को गौर से सुना जाता है और साथ ही उनके वायदों को जनता एक जादू की तरह की तरह देखती है।
जब 1970 में एमजीआर ने डीएमके पार्टी को छोड़ दिया तो उन्होंने अपनी नई पार्टी एआईडीएमके गठित की थी। जिसके बाद वह तमिलनाडु की प्रमुख राजनीतिक शक्ति बन गए थे। एमजीआर अपनी फिल्मों में हमेशा गरीबों के मसीहा की भूमिका में नजर आते थे। हालांकि 1977 में जब वह मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने राजनीति से किनारा कर लिया। जबकि मुख्यमंत्री बनने के बाद भी उनकी अपने फैन्स के बीच ऐसी दीवनगी थी वह राजनीति के साथ-साथ फिल्मों में भी काम कर सकते थे। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।
वरिष्ठ पत्रकार सुधांगन का कहना है कि रजनीकांत ने तमिलनाडु में एमजीआर की तरह ही काम करने की इच्छा जाहिर की है लेकिन दोनों (रजनीकांत और कमल हासन) में से किसी एक को तो इस दिशा में आगे बढ़ना ही होगा। हालांकि यह भी सच है कि अभी तक दोनों अपने आपको पूरी तरह राजनीति में झोंक पाने में कामयाब नहीं हुए हैं।'
वहीं एमजीआर की बायोग्राफी बनाने वाले आर कनान ने कहा कि आज भी वही हालात हैं जो एमजीआर के समय पर हुआ करते थे। जब एमजीर ने डीएमके से अलग होकर नई पार्टी बनाने की घोषणा की तो उनकी फिल्मों की रिलीज पर विरोधियों ने कई बार अड़ंगा डालने की कोशिशें की। लेकिन उन्होंने अपनी फिल्मों की रिलीज डेट को हमेशा सीक्रेट रखा।
वहीं कांग्रेस प्रवक्ता खुशबू का कहना है कि एक अभिनेता अपने पेशे को पूरी तरह से नहीं छोड़ सकता है। ज्यादातर मामलों में उनकी फिल्मों पर हमले राजनीति से जुड़े लोग करते हैं न कि आम जनता। यह भी सच है कि अभिनेता राजनीति में पैसे कमाने के लिए नहीं आते। हालांकि दोनों व्यवसायों (फिल्म और राजनीति) में एकसाथ काम करना मुश्किल है।'
बता दें कि हासन ने पिछले दिनों अपनी पार्टी 'मक्कल निधि मय्यम' के जरिए विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। वहीं रजनीकांत भी तमिलनाडु की सियासत में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।