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Hindi News ›   India News ›   Rajasthan Government Crisis News in Hindi: Sachin Pilot, Ashok Gehlot, Priyanka Gandhi, Congress Legislature party meeting today to discuss the formula

Rajasthan Political Crisis News: सुलह का फॉर्मूला.. दोनों पद रहेंगे, तीन मंत्री बनेंगे, बैठक आज

Tue, 14 Jul 2020 06:54 AM IST
संजीव कुमार झा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Tue, 14 Jul 2020 06:54 AM IST
सार

  • सोमवार को पूरे दिन चलती रही पायलट को मनाने की कवायद
  • प्रियंका ने बात की तो शर्तों और फार्मूले पर आ गए पायलट

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Rajasthan Government Crisis News in Hindi: Sachin Pilot, Ashok Gehlot, Priyanka Gandhi, Congress Legislature party meeting today to discuss the formula
सचिन पायलट-प्रियंका गांधी वाड्रा-अशोक गहलोत (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

विस्तार

राजस्थान में जारी सियासी संकट के बीच कांग्रेस पार्टी सोमवार को अपने बगावती विधायकों में से कुछ को अशोक गहलोत के पक्ष में खींचने में कामयाब रही। हालांकि सचिन पायलट के मान-मनौव्वल का खेल पूरे दिन चलता रहा। पार्टी एक तरफ जहां ये जताती रही कि उनके बिना भी राजस्थान सरकार सुरक्षित है, वहीं पर्दे के पीछे जोरशोर से उन्हें मनाने की कोशिश हर स्तर पर जारी रही।

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बीते रोज शाम पांच बजे के करीब जब नेताओं से बात बनती नहीं दिखी तब पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी को मैदान में उतरना पड़ा। इसके बाद सचिन पायलट ने सुलह का एक फार्मूला और कुछ शर्तें रखीं। अब यह फॉर्मूला, शर्तें और सरकार बचाने जैसे अन्य जरूरी मसले आज होने वाली विधायक दल की बैठक में प्रमुख मुद्दा होंगे।
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उधर, सरकार बचाने के लिए जयपुर भेजे गए रणदीप सुरजेवाला ने सार्वजनिक किया कि दो दिनों में सचिन पायलट से लगातार कई बार कई वरिष्ठ नेताओं ने बात की है। इससे पहले कांग्रेस नेतृत्व ने पायलट के करीबी युवा नेताओं मिलिंद देवड़ा और जतिन प्रसाद को बात करने को कहा था, लेकिन उन्होंने दोस्ती का हवाला दे इससे इंकार कर दिया।

कांग्रेस पायलट को लगातार दोनों तरह से संदेश देती रही
कभी जयपुर कांग्रेस कार्यालय से सचिन पायलट के बैनर पोस्टर हटवाए गए तो कुछ घंटों में फिर लगाए गए। पार्टी प्रवक्ता टीवी पर उन्हें इतनी कम उम्र मिले पद और कद की दुहाई देते रहे। वरिष्ठ नेता पीएल पुनिया ने पहले बयान दिया कि सचिन पायलट अब भाजपा में वो क्या कह रहे उससे फर्क नहीं पड़ता।

ऐसा उन्होंने भाजपा के संपर्क को लेकर कहा लेकिन पायलट के इस बयान पर कि वह भाजपा में नहीं जा रहे हैं के बाद बयान से पलटी मार ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम लिया।

आज सुबह 10 बजे फिर कांग्रेस विधायक दल की बैठक
कांग्रेस नेता सुरजेवाला ने कहा कि मौजूदा सियासी स्थिति पर चर्चा करने के लिए आज सुबह 10 बजे फिर कांग्रेस विधायक दल की बैठक होगी। हमने सचिन पायलट सहित सभी विधायकों से आने को कहा है। हम उन्हें लिखित में भी सूचना देंगे। हमने उन्हें यहां आकर स्थिति पर चर्चा करने को कहा है।  

मामला बिगड़ने की यह रही वजह
राजस्थान में गहलोत सरकार को कथित रूप से अस्थिर करने के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) द्वारा जारी नोटिस से उपमुख्यमंत्री पायलट इतने नाराज हुए कि आलाकमान से मिलने दिल्ली को रवाना हो गए।

वहीं इस मामले में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा था कि एसओजी का नोटिस उन्हें भी आया है और उनसे भी पूछताछ की जाएगी। जबकि पायलट खेमे का कहना था कि यह सब कुछ हमारे नेता को बदनाम करने के लिए किया गया है।

पायलट के भाजपा में जाने का बयान देकर कुछ देर में ही पलटे पूनिया

कांग्रेस महासचिव और छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट के भाजपा में शामिल होने के बयान देने के कुछ देर बाद ही पीएल पूनिया पलट गए। पूनिया ने स्पष्टीकरण देते हुए ट्वीट किया, वीडियो में साफ है कि मुझ से सिंधिया जी को लेकर सवाल पूछा गया था, लेकिन जुबान फिसलने के कारण मैंने उनकी बजाय सचिन पायलट का नाम ले लिया। इससे पहले, जब पूनिया से पूछा गया था कि सिंधिया ने सचिन को कांग्रेस में दरकिनार करने का दावा किया है तो पूनिया ने कहा था कि पायलट अब भाजपा में हैं।
 
पायलट सच्चे कांग्रेसी, नहीं छोड़ेंगे पार्टी: शिवकुमार
 कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने कहा, भाजपा अपने एजेंडे के तहत राजस्थान सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है। सचिन पायलट सच्चे कांग्रेसी हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि वह पार्टी नहीं छोड़ेंगे। वह अपने पिता राजेश पायलट की तरह ईमानदार कांग्रेसी नेता हैं। हालांकि शिवकुमार ने स्वीकार किया कि कुछ मुद्दे हो सकते हैं, मैं मना नहीं कर रहा हूं, लेकिन सब कुछ सुलझा लिया जाएगा।
 
जो पार्टी आना चाहेगा, उसका स्वागत: माथुर
भाजपा महासचिव ओम माथुर ने सोमवार को सचिन पायलट के भाजपा में शामिल होने के सवाल पर कहा, जो भी पार्टी की विचारधारा के साथ काम करना चाहेगा, उसका स्वागत है। आपको सचिन से पूछना चाहिए कि उन्हें क्या चाहिए। कांग्रेस की अंतर्कलह से राजस्थान का विकास रुक गया है। यह पूछे जाने पर कि क्या भाजपा राजस्थान में सरकार बनाएगी, माथुर ने कहा कि अगर हमें कोई मौका मिलेगा तो जरूर बनाएंगे। हम राजनीति में क्यों आए हैं। जिसके पास बहुमत होगा, उसकी सरकार बनेगी।
 
पायलट समर्थक पर्यटन मंत्री बोले, मेरा जो भी फैसला होगा, जनता के हित में होगा
राजस्थान के पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह सोमवार को हुई विधायक दल की बैठक में नहीं पहुंचे। इस पर सिंह ने ट्वीट किया, मेरा जो भी फैसला होगा, वह उन लोगों के हित में होगा, जिन्होंने उन्हें चुना है। मैं अपने लोगों के साथ हमेशा था और रहूंगा।

इसके साथ ही सिंह ने पायलट की चार फोटो वाला एक कोलाज भी शेयर किया, जिसमें पायलट विभिन्न आंदोलनों में संघर्ष कर रहे हैं। सिंह को पायलट का बेहद करीबी माना जाता है। बैठक में शामिल नहीं होने पर उन्होंने कहा कि वह एक रिश्तेदार की बीमारी के चलते दिल्ली में हैं।

हमारे पास सभी विकल्प खुले: भाजपा
इस बीच, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सचिन पायलट गुट को बाहर से समर्थन देने पर कहा, हमारे पास सभी विकल्प खुले हैं। देखना है कि अब परिस्थितियां क्या होती हैं। हम केंद्रीय नेतृत्व से मिले निर्देशों का पालन करेंगे। कांग्रेस में हमेशा युवाओं को नजरअंदाज किया गया है।

पायलट ने पांच साल काम किया, लेकिन उन्हें दरकिनार किया गया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि गहलोत सरकार जनता का विश्वास खो चुकी है। सरकार ने लोगों से किए वादे पूरे नहीं किया, लिहाजा सरकार को अब जाना चाहिए।

महाराष्ट्र में कामयाब नहीं होगा ऑपरेशन लोटस : शरद पवार

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार ने राजस्थान में जारी सत्ता संघर्ष के महाराष्ट्र तक पहुंचने से पहले ही बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में भाजपा का ऑपरेशन लोटस कामयाब नहीं होगा। राज्य की ठाकरे सरकार अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी।
 
शिवसेना के मुखपत्र के कार्यकारी संपादक संजय राउत को दिए साक्षात्कार में शरद पवार ने कहा, ‘भाजपा बिना शिवसेना के महाराष्ट्र में एनसीपी के साथ सरकार बनाने के लिए प्रयत्नशील थी। लेकिन यह पेशकश एनसीपी की नहीं थी और न ही एनसीपी ने राज्य में सरकार बनाने के लिए भाजपा से कभी कोई चर्चा की।

पवार ने कहा कि 2014 में भाजपा को बाहर से समर्थन की उनकी पेशकश एक ‘राजनीतिक चाल’ थी, जिसका मकसद शिवसेना को भाजपा से दूर रखना था। पवार ने स्वीकार किया कि उन्होंने ‘भाजपा और शिवसेना के बीच दूरियां बढ़ाने के लिए’ यह कदम उठाया था।

राष्ट्रीय राजनीति में भाजपा का विकल्प बनेगा विपक्ष
शरद पवार ने राष्ट्रीय राजनीति पर चर्चा करते हुए कहा कि फिलहाल, देश की राजनीति में भाजपा का वर्चस्व है। लेकिन, बिखरा हुआ विपक्ष भाजपा को राष्ट्रीय स्तर पर चुनौती दे सकता है। विपक्ष को एकजुट करने के लिए वह खुद प्रयास करेंगे। कोरोना संकट दूर होने पर संसद की कार्यवाही शुरू होते ही एक बार फिर विपक्ष एकजुट होगा और देश को भाजपा का विकल्प देने की कोशिश करेगा।

चाणक्य के पिताजी महाराष्ट्र में : सामना
सामना में शरद पवार को देश की राजनीति का पितामह कहा गया है। मुखपत्र में लिखा है कि महाराष्ट्र की सरकार बनने के बाद सभी राजनीतिक चाणक्यों के आकलन मिट्टी में मिल गए। तब एक सवाल दिल्ली में पूछा गया कि आज कल चाणक्य कहां है। इस पर जवाब था कि चाणक्य तो दिल्ली में हैं लेकिन चाणक्य के पिताजी महाराष्ट्र में हैं। ऐसे चाणक्य ने शिवसेना के मुखपत्र में जोरदार साक्षात्कार देकर देश की राजनीति में खलबली मचा दी है।

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