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आंध्रप्रदेश-तेलंगाना में बारिश का कहर जारी, 13 मरे, मदद के लिए बुलाई गई सेना
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 24 Sep 2016 03:41 PM IST
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- फोटो : PTI
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कुछ दिन राहत के बाद देश के कुछ हिस्सों में जारी भारी बारिश से शुक्रवार को आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 13 लोगों की जान चली गई। वहीं मुंबईवासियों के लिए भी भारी बारिश परेशानी का सबब बनी।
आंध्रप्रदेश में बारिश की वजह से आज चार और मौतें होने की खबर है, जिससे मरने वालों की संख्या नौ हो गई है। वर्षा जनित घटनाओं की वजह से गुंटूर में छह और विशाखापत्तनम में तीन लोगों की मौत हुई है। पड़ोसी तेलंगाना के मेडक जिले में बारिश से संबंधित अलग अलग घटनाओं में चार व्यक्तियों की मौत हो गई जबकि छह अन्य जख्मी हो गए।
आंध्रप्रदेश में गुंटूर और कृष्ण नदी के उपरी जलग्रहण क्षेत्रों में अधिक बारिश होने की वजह से केएल राव सागर जलाशय तकरीबन पूरा भर गया है। इसकी कुल क्षमता 45.77 टीएमसी फुट की है और इसमें अभी 30 टीएमसी फुट पानी है। केएल राव सागर जलाशय से 1.51 क्यूसेक बाढ़ का पानी छोड़ा जा रहा है जो विजयवाड़ा में कृष्णा नदी पर बने प्रकाशम बांध में पहुंच रहा है। गुंटूर और सिकंदराबाद के बीच लगातार दूसरे दिन भी रेल सेवा स्थागित रही क्योंकि छोटी नदियों के अधिक भर जाने की वजह से सत्तेनपल्ली के पास दो किलोमीटर से ज्यादा दूरी की पटरियां बह गई हैं।
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आंध्रप्रदेश में बारिश की वजह से आज चार और मौतें होने की खबर है, जिससे मरने वालों की संख्या नौ हो गई है। वर्षा जनित घटनाओं की वजह से गुंटूर में छह और विशाखापत्तनम में तीन लोगों की मौत हुई है। पड़ोसी तेलंगाना के मेडक जिले में बारिश से संबंधित अलग अलग घटनाओं में चार व्यक्तियों की मौत हो गई जबकि छह अन्य जख्मी हो गए।
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आंध्रप्रदेश में गुंटूर और कृष्ण नदी के उपरी जलग्रहण क्षेत्रों में अधिक बारिश होने की वजह से केएल राव सागर जलाशय तकरीबन पूरा भर गया है। इसकी कुल क्षमता 45.77 टीएमसी फुट की है और इसमें अभी 30 टीएमसी फुट पानी है। केएल राव सागर जलाशय से 1.51 क्यूसेक बाढ़ का पानी छोड़ा जा रहा है जो विजयवाड़ा में कृष्णा नदी पर बने प्रकाशम बांध में पहुंच रहा है। गुंटूर और सिकंदराबाद के बीच लगातार दूसरे दिन भी रेल सेवा स्थागित रही क्योंकि छोटी नदियों के अधिक भर जाने की वजह से सत्तेनपल्ली के पास दो किलोमीटर से ज्यादा दूरी की पटरियां बह गई हैं।
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सेना को दी गई बाढ़ प्रभावित इलाकों के नक्शे और सूचनाएं
हैदराबाद में आज लगातार तीसरे दिन मूसलाधार बारिश जा रही जिस वजह से तेंलगाना सरकार को आईटी कंपनियों से कहना पड़ा कि वे अपने कर्मचारियों को घर से ही काम करने की इजाजत दें और सरकार ने कुछ इलाकों में बचाव अभियान के लिए सेना की मदद मांगी है। राज्य सरकार ने ग्रेटर हैदराबाद इलाके में आज और कल के लिए शैक्षिक संस्थान में छुट्टी का ऐलान किया है।
एक अधिकारी ने कहा कि उन्हें (सेना को) गचिबॉली, निजामपेट, अलवल और हकीमपेट जैसे इलाकों के नक्शे और सूचनाएं दी गई हैं। जब भी हम उन्हें बुलाएंगे वे कार्रवाई करने को तैयार है। उधर, मुंबईवासियों की आज की सुबह भारी बारिश से शुरू हुई। वहीं छह दिनों से शहर और इसके बाहरी इलाकों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों ने महानगर में और भारी बारिश का अनुमान जताया है।
नगर निकाय के आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष के मुताबिक, अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। आपदा नियंत्रण प्रकोष्ठ ने कहा कि उन्हें समूचे शहर में सड़कों पर गड्ढे होने की कई शिकायतें मिलीं हैं। इन गड्ढों की वजह से वाहन चालकों को परेशानी हो रही है।
एक अधिकारी ने कहा कि उन्हें (सेना को) गचिबॉली, निजामपेट, अलवल और हकीमपेट जैसे इलाकों के नक्शे और सूचनाएं दी गई हैं। जब भी हम उन्हें बुलाएंगे वे कार्रवाई करने को तैयार है। उधर, मुंबईवासियों की आज की सुबह भारी बारिश से शुरू हुई। वहीं छह दिनों से शहर और इसके बाहरी इलाकों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों ने महानगर में और भारी बारिश का अनुमान जताया है।
नगर निकाय के आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष के मुताबिक, अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। आपदा नियंत्रण प्रकोष्ठ ने कहा कि उन्हें समूचे शहर में सड़कों पर गड्ढे होने की कई शिकायतें मिलीं हैं। इन गड्ढों की वजह से वाहन चालकों को परेशानी हो रही है।