फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Railway: After these improvements Vande Bharat sleeper train is getting ready to run on tracks

Railway: सुधारों के बाद पटरी पर दौड़ने के लिए तैयार हो रही वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, दिसंबर से हो सकती है शुरू

Sat, 22 Nov 2025 04:50 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Sat, 22 Nov 2025 04:50 PM IST
विज्ञापन
Railway: After these improvements Vande Bharat sleeper train is getting ready to run on tracks
वंदे भारत। - फोटो : Adobe Stock

वंदे भारत ट्रेनों को देशभर के यात्रियों ने जबरदस्त सराहना दी है, और अब लोग उसी उत्साह के साथ वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के लॉन्च का इंतज़ार कर रहे हैं। यह इंतज़ार जल्द खत्म होने की उम्मीद है। रेल मंत्री ने बताया है कि पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लगभग तैयार है और इसमें यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए कुछ छोटे-मोटे सुधार किए जा रहे हैं।

विज्ञापन


रेल मंत्री के अनुसार, ट्रेन को दिसंबर में लॉन्च करने की योजना है। लंबे मार्गों के लिए बनाई जा रही यह स्लीपर वर्ज़न यात्रियों को ज्यादा आरामदायक अनुभव और तेज़ सफर दोनों प्रदान करेगी। रेलवे मंत्रालय का कहना है कि डिजाइन और सेफ्टी फीचर्स को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि यह ट्रेन प्रीमियम यात्रा के नए मानक स्थापित कर सके।
विज्ञापन


रेल मंत्री का कहना है कि,वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में जो सुधार किए जा रहे हैं, वे भले ही छोटे लगें, लेकिन रेलवे इन्हें बेहद महत्व दे रहा है। उन्होंने कहा कि यात्री सुरक्षा और आराम से जुड़ी किसी भी चीज़ में लापरवाही की गुंजाइश नहीं है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि रेलवे किसी भी तरह के शॉर्टकट को नहीं अपनाएगा, क्योंकि लक्ष्य आने वाली पीढ़ियों के लिए एक उत्कृष्ट और टिकाऊ ट्रेन सेवा तैयार करना है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मंत्रालय का कहना है कि, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरुआती परीक्षण के बाद विशेषज्ञों ने कुछ छोटे तकनीकी सुधार सुझाए थे, जिन्हें अब तेजी से लागू किया जा रहा है। ये बदलाव भले ही मामूली हों, लेकिन रेलवे इनके प्रति बेहद संवेदनशील है क्योंकि यात्रियों की सुरक्षा और आराम दोनों में किसी तरह की कमी नहीं छोड़ी जाएगी। रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे किसी भी तरह के शॉर्टकट में विश्वास नहीं करता। आने वाले वर्षों को ध्यान में रखते हुए एक ऐसी स्लीपर ट्रेन तैयार की जा रही है, जो लंबे सफर में भी यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतरीन सफर का अनुभव दे सके।

स्लीपर वंदे भारत ट्रेन का पहला प्रोटोटाइप रेक कई चरणों में जांच परखा गया है। परीक्षण रिपोर्ट में बताया गया कि सीटों और कोच के कुछ हिस्सों में हल्के सुधार किए जाएँ तो यात्रा और भी आरामदायक हो सकती है। सरकार ने इन सुझावों को गंभीरता से लेते हुए पहले और दूसरे-दोनों रेक में ये अपडेट लागू करने का निर्णय लिया है। फिलहाल यह प्रोटोटाइप रेक भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड की वर्कशॉप में है, जहाँ रेट्रोफिटिंग यानी सुधार का कार्य चल रहा है। इस पूरी प्रक्रिया पर रेल डिजाइन और मानक संगठन और कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी कड़ी निगरानी रख रहे हैं।

बीईएमएल भी कहना है कि ट्रेन का पहला स्लीपर रेक दोबारा उनके प्लांट में पहुंच चुका है, जहां विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तकनीकी सुधार किए जा रहे हैं। किसी भी बड़ी परियोजना में प्रोटोटाइप मॉडल का वापस आना और उसमें सुधार होना बिल्कुल सामान्य प्रक्रिया है। शुरुआती टेस्टिंग में जो छोटे-छोटे तकनीकी पॉइंट सामने आए थे, उन्हें अब सावधानी से अपग्रेड किया जा रहा है ताकि अंतिम मॉडल यात्रियों को बेहतरीन अनुभव दे सके। ट्रेन में हो रहे इन बदलावों पर आरडीएसओ और रेलवे सेफ्टी कमिश्नर की टीम भी लगातार निगरानी रख रही है, जिससे सुधारों की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।

वंदे भारत स्लीपर में हो रहा ये सुधार:

  • रेल मंत्रालय ने 28 अक्टूबर को आरडीएसओ को एक अहम पत्र भेजकर सुरक्षा से जुड़े कई अतिरिक्त उपायों का सुझाव दिया था। जिनमें अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों को अपनाने पर जोर दिया गया है। इन सुधारों में शामिल हैं।
  • Arc Fault Detection Device ताकि आग लगने की आशंका को रोका जा सके।
  • AC डक्ट की नई लोकेशन, जिससे हवा का प्रवाह और बेहतर हो।
  • CCTV के लिए फायर-रेसिस्टेंट केबल।
  • EN 45545 फायर प्रोटेक्शन स्टैंडर्ड का थर्ड-पार्टी ऑडिट।
  • EN 15227 क्रैशवर्थीनेस स्टैंडर्ड का थर्ड-पार्टी ऑडिट।
  • यह सभी सुधार सुनिश्चित करेंगे कि दिसंबर में लॉन्च होने वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लंबी दूरी के यात्रियों को बेहतर सुविधा, अधिक सुरक्षा और एक नए तरह का ट्रैवल एक्सपीरियंस प्रदान कर सके।


यह कमियां आई थी सामने
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के हालिया परीक्षण में एक अहम कमी का पता चला है। समीक्षा के दौरान यह देखा गया कि कुछ कोच में इमरजेंसी अलार्म बटन ऐसी जगह लगा था, जो यात्रियों की आसानी से पहुँच में नहीं था। बताया गया कि यह बटन ऊपरी बर्थ के कनेक्टर के पीछे छिपा हुआ था, जिससे किसी आपात स्थिति में इसे तुरंत दबाना मुश्किल हो सकता था। इस निष्कर्ष के बाद रेल मंत्रालय ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय ने कहा है कि आगे बनने वाले सभी कोच में अलार्म बटन को ऐसी ओपन और एक्सेसिबल लोकेशन पर लगाया जाए, जहाँ हर यात्री आसानी से उसे उपयोग कर सके। यह बदलाव सभी नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में अनिवार्य रूप से लागू होगा।



इसके अलावा रेलवे ने कोच के अंदरूनी डिजाइन और फिनिशिंग को भी सुधारने की बात कही है। मंत्रालय ने कहा कि ट्रेन की क्वालिटी और मजबूती दोनों को उच्च स्तर का होना चाहिए, ताकि यह लंबी दूरी की यात्रा में प्रीमियम अनुभव दे सके। ट्रेन की लॉन्चिंग पहले 15 अक्टूबर तय थी, लेकिन टेस्टिंग और क्वालिटी सुधारों के चलते तारीख आगे बढ़ाई गई। अब रेलवे का दावा है कि सभी जरूरी सुधार गति से पूरे हो रहे हैं और दिसंबर में देश को पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन मिलने जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed