{"_id":"61645fb88ebc3e62931b0f84","slug":"rahul-should-become-congress-president-soon-former-karnataka-cm-siddaramaiah-demands-cites-sonia-gandhis-health","type":"story","status":"publish","title_hn":"राहुल जल्द संभालें कांग्रेस अध्यक्ष पद: कर्नाटक के पूर्व सीएम सिद्धारमैया का आग्रह, सोनिया गांधी की सेहत का दिया हवाला","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
राहुल जल्द संभालें कांग्रेस अध्यक्ष पद: कर्नाटक के पूर्व सीएम सिद्धारमैया का आग्रह, सोनिया गांधी की सेहत का दिया हवाला
Mon, 11 Oct 2021 09:30 PM IST
सुरेंद्र जोशी
पीटीआई, बंगलूरू
पीटीआई, बंगलूरू
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Mon, 11 Oct 2021 09:30 PM IST
सार
कांग्रेस में एक बार फिर राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। फिलहाल सोनिया गांधी अंतरिम अध्यक्ष हैं। पार्टी के कई शीर्ष नेता नेतृत्व व पार्टी के फैसलों को लेकर सवाल उठा चुके हैं। महामारी के बाद से कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव अटका पड़ा है।
विज्ञापन
राहुल गांधी- सिद्धारमैया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कर्नाटक के पूर्व सीएम सिद्धारमैया ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से आग्रह किया है कि उन्हें जितनी जल्दी हो सके, पार्टी के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालना चाहिए। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी की सेहत ठीक नहीं है, इसलिए राहुल को पार्टी का नेतृत्व करना चाहिए।
विज्ञापन
बंगलूरू में एक कार्यक्रम के मौके पर पत्रकारों से चर्चा में सिद्धारमैया ने कहा, 'मैंने राहुल जी को सुझाव दिया है कि उन्हें अभा कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बन जाना चाहिए। ऐसा नहीं है कि सोनिया जी अध्यक्ष के रूप में कर्तव्यों का पालन नहीं कर पा रही हैं, बल्कि उनकी सेहत अच्छी नहीं है। इसलिए मैंने राहुल जी को सुझाव दिया था कि जितनी जल्दी संभव हो आप नेतृत्व संभालिये।'
विज्ञापन
कर्नाटक को ज्यादा कोयले की जरूरत नहीं
कर्नाटक में कोयले की कमी के सवाल पर सिद्धारमैया ने कहा कि केंद्र पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि कोई कमी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जब राज्य में अक्षय ऊर्जा प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है तो कर्नाटक को इतने कोयले की आवश्यकता नहीं है। कर्नाटक में भी मेरी जानकारी के अनुसार, कोयले की कोई कमी नहीं है। अगर सरकार कहती है कि कमी है, तो यह एक कृत्रिम कमी है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जलविद्युत, पवन और सौर ऊर्जा उपलब्ध है। इसलिए इतनी कोयला आधारित बिजली की आवश्यकता नहीं है।
विज्ञापन