महायात्रा बीच में छोड़ राहुल होंगे अदालत में पेश, संघ से भिड़ती दिखना चाहती है कांग्रेस
कांग्रेस सीधे और आक्रामक तौर पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) से भिड़ती हुई दिखना चाहती है। यही कारण है कि राहुल गांधी अपनी महायात्रा बीच में छोड़कर मानहानि के मामले में गुवाहटी की एक अदालत में पेश होने जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि असम के बारापेटा सत्रह स्थित मॉनेस्टरी में दर्शन के लिए रोके जाने पर राहुल ने आरएसएस पर आरोप लगा उसे जिम्मेदार ठहराया था।
आरएसएस के एक कार्यकर्ता ने इसी को लेकर मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया है। आरएसएस के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए ही राहुल गांधी की यात्रा को एक दिन का ब्रेक दिया गया है। राहुल बृहस्पतिवार को गुवाहाटी की अदालत में होंगे और लौटने के ठीक बाद अगले दिन उनकी यात्रा का पड़ाव अलीगढ़ होगा।
दरअसल रणनीतिकार एक महीने से इस प्रयास में जुटे हैं कि कांग्रेस सीधे तौर पर आरएसएस और उसकी विचारधारा की विरोधी दिखे। तभी सुप्रीम कोर्ट में भी राहुल गांधी ने अपने खिलाफ मुकदमे को डटकर लड़ने का फैसला लिया था। जबकि पहले कांग्रेस का एक गुट इस मामले में यू टर्न लेने को तैयार था।
एक बार फिर आरएसएस पर निशाना साधने का मौका मिलेगा!
राहुल गांधी ने आरएसएस के खिलाफ लड़ाई को पुख्ता बनाने के लिए यूपी यात्रा के दौरान कई बार खुलकर सीधा हमला किया। इतना ही नहीं यात्रा के दौरान राहुल गांधी पर जूता फेंकने को भी पार्टी ने आरएसएस से जोड़ा है। राहुल का आरएसएस पर खुलकर विरोध जताने का उन्हें राजनीतिक फायदा भी मिल रहा है।
पार्टी चाहती है कि मुस्लिमों के बीच स्पष्ट मैसेज जाए कि कांग्रेस आरएसएस के खिलाफ खुलकर बोल रही है और वैचारिक प्रतिद्वंद्विता के साथ आगे बढ़ रही है। राहुल के गुवाहाटी जाने पर एक बार फिर मुद्दा पूरे देश में सुर्खियों में आएगा। वहीं मॉनेस्टरी में रोके जाने को लेकर एक बार फिर आरएसएस पर निशाना साधने का मौका मिलेगा।
पार्टी के वरिष्ठ नेता के मुताबिक कोर्ट से तारीख में राहत भी मिल सकती थी लेकिन पार्टी नहीं चाहती है कि इस मामले को किसी दबाव के साथ लड़ा जाए। कांग्रेस सिर्फ कोर्ट तक सीमित नहीं रहेगी। आने वाले समय में आरएसएस से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी उसे घेरेगी।