राहुल गांधी बोले- भारतीय राष्ट्रवाद कभी भी क्रूरता, हिंसा और धार्मिक संप्रदायवाद का साथ नहीं दे सकता
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्विटर पर शनिवार को फिर एक वीडियो जारी कर केंद्र की मोदी सरकार पर सवाल उठाया है। इससे पहले भी राहुल बेरोजगारी, अर्थव्यवस्था, जीएसटी, कोरोना लॉकडाउन के समय मजदूरों की समस्या समेत अन्य मुद्दों को लेकर वीडियो जारी कर मोदी सरकार से सवाल पूछ चुके हैं। इस बार उन्होंने भारत के स्वतंत्रता संघर्ष के दौरान अहिंसा के जरिए आजादी हासिल करने और कांग्रेस की विरासत के बारे में बताया है।
राहुल गांधी ने कांग्रेस की विरासत को लेकर धरोहर नाम के 11वें संस्करण- 'स्वराज और लोकमान्य जी' का वीडियो जारी किया है। इसके साथ राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, 'स्वराज और राष्ट्रवाद का सीधा संबंध अहिंसा से है। भारतीय राष्ट्रवाद कभी भी क्रूरता, हिंसा और धार्मिक संप्रदायवाद का साथ नहीं दे सकता।' राहुल गांधी द्वारा जारी इस वीडियो में भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष में कांग्रेस की भूमिका, अहिंसा और राष्ट्रवाद की चर्चा की गई है।
स्वराज और राष्ट्रवाद का सीधा संबंध अहिंसा से है। भारतीय राष्ट्रवाद कभी भी क्रूरता, हिंसा और धार्मिक संप्रदायवाद का साथ नहीं दे सकता।#DeshKiDharohar pic.twitter.com/SmY7LQNczW
विज्ञापन विज्ञापन— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 19, 2020
इससे पहले राहुल गांधी ने कृषि बिलों को लेकर जारी विरोध के बीच ट्वीट कर कहा कि 'किसान का मोदी सरकार से विश्वास उठ चुका है क्योंकि शुरू से मोदी जी की कथनी और करनी में फर्क रहा है- नोटबंदी, गलत जीएसटी और डीजल पर भारी टैक्स। जागृत किसान जानता है- कृषि विधेयक से मोदी सरकार बढ़ाएगी अपने ‘मित्रों’ का व्यापार और करेगी किसान की रोजी-रोटी पर वार।'
किसान का मोदी सरकार से विश्वास उठ चुका है क्यूँकि शुरू से मोदी जी की कथनी और करनी में फ़र्क़ रहा है- नोटबंदी, ग़लत GST और डीज़ल पर भारी टैक्स।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 18, 2020
जागृत किसान जानता है- कृषि विधेयक से मोदी सरकार बढ़ाएगी अपने ‘मित्रों’ का व्यापार और करेगी किसान की रोज़ी-रोटी पर वार।
वहीं, राहुल गांधी ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा था कि 'प्रतिकूल डाटा-मुक्त मोदी सरकार, थाली बजाने, दिया जलाने से ज्यादा जरूरी है उनकी सुरक्षा और सम्मान। मोदी सरकार, कोरोना योद्धाओं का इतना अपमान क्यों?'
दरअसल, कांग्रेस नेता ने जिस खबर पर रीट्वीट किया है उसके मुताबिक, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के पास कोरोना वायरस से संक्रमित होने वाले और जान गंवाने वाले स्वास्थ्य कर्मियों डाटा उपलब्ध नहीं है। खबर में कहा गया है कि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि ‘‘स्वास्थ्य राज्य का विषय है। इस तरह का डाटा केंद्रीय स्तर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय नहीं रखता है।’’