राहुल को मिली मानहानि मामले में निजी पेशी से छूट, ‘मोदी उपनाम’ पर की थी टिप्पणी
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी को मानहानि के एक मामले में मंगलवार को अदालत ने निजी तौर पर पेश होने से छूट दे दी। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल के खिलाफ यह मुकदमा गुजरात के एक विधायक ने उनकी ‘मोदी उपनाम’ को लेकर की गई टिप्पणी पर किया था। अदालत अब 10 अक्तूबर को मामले की सुनवाई करेगी।
चीफ ज्युडिशियल मजिस्ट्रेट बीएच कापड़िया ने पिछले सप्ताह इस मामले में राहुल गांधी को समन जारी किया था। अदालत ने गांधी को प्रथम दृष्टया आईपीसी की धारा 500 के तहत आपराधिक मानहानि का दोषी मानते हुए यह समन जारी किया था। मंगलवार को सुनवाई शुरू होने पर राहुल के वकील किरित पानवाला ने उन्हें निजी पेशी से छूट दिए जाने का आग्रह अदालत से किया। किरित की दलीलों से संतुष्ट अदालत ने राहुल को पेशी से छूट देते हुए सुनवाई को स्थगित कर दिया।
क्या है मामला
भाजपा विधायक पुरनेश मोदी ने धारा 499 व 500 के तहत राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। सूरत (पश्चिम) सीट से विधायक पुरनेश ने शिकायत की थी कि 13 अप्रैल को कर्नाटक की एक चुनावी रैली में राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा था कि ‘नीरव मोदी, ललित मोदी, नरेंद्र मोदी...कैसे सभी चोरों का एकसमान मोदी उपनाम है’। पुरनेश ने आरोप लगाया था कि राहुल के इस बयान से पूरे मोदी समुदाय की मानहानि हुई है।