राहुल गांधी को बम से उड़ाने की धमकी, राजनाथ से मिले कांग्रेस नेता
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कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को अपने पिता स्व. राजीव गांधी की तरह बम उड़ाकर जान से मार देने की धमकी मिली है। उन्हें यह धमकी पुड्डुचेरी में चुनावी सभा के दौरान मिली है। धमकी भरा एक अनाम पत्र पार्टी के वरिष्ठ नेता वी नारायण सामी को मिला है। इसके बाबत पार्टी का शीर्ष नेतृत्व भी चिंतित है और अहमद पटेल समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने गृहमंत्री से भेंट की है।
प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से 20 मिनट तक इस मुद्दे पर चर्चा की अपनी चिंताओं का साझा किया। गांधी परिवार पर पहले भी हुए हमलों की याद दिलाकर उनसे कांग्रेस उपाध्यक्ष की सुरक्षा बढ़ाने का आग्रह किया। बताते हैं इस दौरान राजनाथ सिंह ने कांग्रेस नेताओं की बात सुनने के बाद उन्हें हर संभव त्वरित कार्रवाई और राहुल की सुरक्षा बढ़ाने का आश्वासन दिया है।
इस संदर्भ में पार्टी के नेता नारायण सामी ने भी पुड्डुचेरी में स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करा दी है। पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला का कहना है कि पत्र में राहुल के पिता स्व. राजीव गांधी का जिक्र किया गया है। यह पत्र बिना हस्ताक्षर वाला है और पांच मई को नारायण सामी को अपने आवास पर मिला है।
सुरक्षा के बाबत चिंतित रहता है गांधी परिवार
तमिल में लिखे इस पत्र में कहा गया, आपकी पार्टी पुड्डुचेरी में उद्योगों के बंद होने के लिए जिम्मेदार है। हम आप(नारायण सामी) और आपके पूर्व प्रधानमंत्री के बेटे(राहुल गांधी) पर हमला करेंगे तथा सभा के दौरान आपको(राहुल) बम से उड़ा दिया जाएगा। इसके बारे में नारायणसामी ने कहा कि उन्होंने पुलिस के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है और पार्टी आलाकमान को भी सूचित किया है।
गौरतलब है कि राहुल मंगलवार को पुड्डुचेरी के करईकल में कांग्रेस-डीएमक गठबंधन की चुनावी रैली को संबोधित करने वाले हैं। हालांकि प्रधानमंत्री, पूर्व प्रधानमंत्रियों तथा उनके निकतम परिजन को एसपीजी की सुरक्षा मिलती है। सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका को भी खतरे का आकलन करके एसपीजी सुरक्षा मिली हुई है।
जयपुर में कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान खुद राहुल गांधी ने स्वीकार किया था कि उन्हें पार्टी की अहम जिम्मेदारी का निर्णय लेने से पहले रात में उनकी मां और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी खूब रोई थी। ऐसा इसलिए था क्योंकि उन्होंने अपनी दादी इंदिरा गांधी और पिता राजीव गांधी को खोया है। पार्टी के दिवंगत नेता अर्जुन सिंह ने संवाददाता को बताया था कि 2004 में सोनिया गांधी सुरक्षा कारणों के चलते ही प्रधानमंत्री पद स्वीकारने से पीछे हटी थी। पार्टी के शीर्ष नेताओं के अनुसार सुरक्षा को लेकर सोनिया और प्रियंका लगातार संवेदनशीलता बनी रहती हैं।