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तीन महीने में भी राहुल गांधी गठित नहीं कर पाए सीडब्ल्यूसी 

Thu, 14 Jun 2018 08:52 PM IST
अनूप वाजपेयी, नई दिल्ली
अनूप वाजपेयी, नई दिल्ली Updated Thu, 14 Jun 2018 08:52 PM IST
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Rahul gandhi can not formed CWC in three months

कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर राहुल गांधी के 16 जून को छह महीने पूरे हो जाएंगे। राहुल की कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव लगातार दिख रहा है लेकिन करीब तीन महीने होने जा रहे हैं पार्टी की सबसे अहम कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) के गठन का वक्त शायद अभी नहीं मिला है। वक्त है बदलाव का नारा बुलंद करने वाली कांग्रेस ने 16-18 मार्च को दिल्ली में हुए महाधिवेशन में कार्यसमित के गठन का अधिकार कांग्रेस अध्यक्ष को सौंप दिया था।  

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कांग्रेस अध्यक्ष बनने के छह दिनों के बाद ही राहुल गांधी की अध्यक्षता में हुई पहली बैठक कार्यसमिति की बैठक में तय हुआ था कि अब हर दो महीने में कार्यसमिति बुलाई जाएगी। 
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राहुल ने बैठक में स्पष्ट तौर पर कहा था कि आमतौर पर साल में एक या दो बार और विशेष मौकों पर बुलाई जाने वाली ये बैठक हर दो महीने में हो। राहुल ने कार्यसमिति के स्वरूप और उसमें शामिल होने वालों का खाका भी खींचा था। 
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राहुल ने बैठक में कहा था कि कार्यसमिति ऐसी बने जिसमें सभी वर्गों और क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व रहे। शायद इसके पीछे राहुल का तर्क कार्यसमिति की कार्यप्रणाली और तौर तरीकों को बदलने का भी होगा। बावजूद जिस फैसले के लिए पार्टी ने उन्हें अधिकृत किया था उसमें देरी हो रही है। उस लिहाजा से अब तक कार्यसमिति की पहली बैठक हो जानी चाहिए थी।  

राहुल के छह महीने में कांग्रेस को कोई बड़ी चुनावी जीत तो हासिल नहीं हुई है लेकिन कर्नाटक में भाजपा को रोकने में पार्टी रणनीतिक तौर पर कामयाब रही है। इन छह महीनों में लोकसभा और राज्यों में हुए उपचुनावों की बात करें तो नए कांग्रेस अध्यक्ष के लिए नतीजे सुखद अहसास कराने वाले रहे हैं।  

इस दौरान राहुल का फोकस राज्यों के संगठन को मजबूती देने का रहा है। इसमें वे राज्य तो शामिल हैं ही जहां कांग्रेस सीधे मोर्चे पर है वहीं ऐसे राज्यों में भी पार्टी अपना खोया जनाधार और संगठन तलाशना चाहती है जहां सालों से कोई पूछने वाला नहीं है। 


पार्टी के लगभग सभी महासचिव स्तर के वरिष्ठ नेताओं से राज्यों का प्रभार वापस लेकर युवाओं बिना महासचिव बनाए प्रभार सौंप दिया है। राज्यों में अलग-अलग हिस्सों के लिए एआईसीसी के चारा-चार सचिव तैनात किए हैं। इस दौरान कांग्रेस में प्रकोष्ठ और विभागों को नया स्वरूप देने और नए विभागों के गठन का काम भी हुआ है। 

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