Rahul Gandhi vs Jaishankar: राहुल ने फिर जयशंकर से पूछे सवाल; कहा- धराशायी हुई विदेश नीति; BJP ने किया पलटवार
Rahul Gandhi vs S. Jaishankar Over Operation Sindoor: राहुल गांधी ने एक बार फिर विदेश मंत्री एस. जयशंकर पर निशाना साधा है। ऑपरेशन सिंदूर को लेकर राहुल पहले भी जयशंकर पर सवाल उठा चुके हैं। हालांकि, विदेश मंत्रालय ने पहले राहुल के सवालों को तथ्यों का पूरी तरह से गलत प्रस्तुतीकरण बता चुका है।
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कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक बार फिर विदेश मंत्री एस. जयशंकर से 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर कड़े सवाल किए। उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, क्या जेजे बताएंगे- भारत को पाकिस्तान के साथ क्यों जोड़ दिया गया है? पाकिस्तान की निंदा करने में एक भी देश ने हमारा साथ क्यों नहीं दिया? ट्रंप को भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता करने के लिए किसने कहा? भारत की विदेश नीति ध्वस्त हो गई है।' जवाब में भाजपा ने राहुल को निशान-ए-पाकिस्तान बताया। पार्टी ने कहा कि राहुल भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता को कमतर आंकना बंद करें और चल रहे ऑपरेशन सिंदूर के बारे में गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी करके देश की सुरक्षा को खतरे में डालना बंद करें।
यहां से शुरू हुआ आरोप-प्रत्यारोप का दौर
- राहुल ने 17 मई को 'एक्स' पर एक वीडियो साझा किया। इसमें जयशंकर का बयान था। राहुल ने लिखा, 'हमारे हमले की शुरुआत में पाकिस्तान को सूचित करना एक अपराध था। विदेश मंत्री ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि भारत सरकार ने ऐसा किया। 1. इसे किसने अधिकृत किया? 2. इसके परिणामस्वरूप हमारी वायुसेना ने कितने विमान खो दिए?'
- इसके बाद 19 मई को राहुल ने फिर जयशंकर से सवाल किए। उन्होंने लिखा, 'विदेश मंत्री जयशंकर की चुप्पी सिर्फ बयानबाजी नहीं है- यह निंदनीय है। इसलिए मैं फिर से पूछूंगा- हमने कितने भारतीय विमान खो दिए, क्योंकि पाकिस्तान को पता था? यह कोई चूक नहीं थी। यह एक अपराध था। और देश को सच्चाई जानने का हक है।'
विदेश मंत्री ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के बारे में कही थी यह बात
दिल्ली में होंडुरास दूतावास के उद्घाटन के बाद 15 मई को पत्रकारों से बात हुए जयशंकर ने कहा था, 'यह स्पष्ट है कि कौन गोलीबारी बंद करना चाहता था। हमने आतंकवादी ढांचे को नष्ट करके जो लक्ष्य निर्धारित किए थे, उन्हें हासिल कर लिया है। चूंकि प्रमुख लक्ष्य हासिल कर लिए गए थे, इसलिए मुझे लगता है कि हमने उचित रूप से यह रुख अपनाया, क्योंकि हमने पाकिस्तान को यह संदेश भेज दिया था कि हम आतंकवादी ढांचे पर हमला कर रहे हैं, न कि सेना पर और सेना के पास यह विकल्प है कि वह खड़ी रहे और हस्तक्षेप न करे।'
विदेश मंत्रालय ने किया था राहुल का खंडन
राहुल गांधी की प्रतिक्रिया को विदेश मंत्रालय ने सिरे से खारिज कर दिया था। विदेश मंत्रालय ने राहुल के बयान को तथ्यों का पूरी तरह से गलत प्रस्तुतीकरण बताया था। विदेश मंत्रालय ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की ओर से विदेश मंत्री एस जयशंकर के खिलाफ लगाए गए उन आरोपों का खंडन किया था कि सरकार ने 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू होने से पहले पाकिस्तान को सूचित किया। विदेश मंत्रालय के एक्सपी डिवीजन के अनुसार, जयशंकर ने कहा था कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू होने के बाद शुरुआती चरण में ही पाकिस्तान को चेतावनी दे दी थी।
'सशस्त्र बलों की वीरता को कमतर आंकना बंद करें'
जवाब में भाजपा ने शुक्रवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला किया। पार्टी ने कहा कि वे भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता को कमतर आंकना बंद करें और चल रहे ऑपरेशन सिंदूर के बारे में गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी करके देश की सुरक्षा को खतरे में डालना बंद करें। राहुल को निशान-ए-पाकिस्तान कहते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने आरोप लगाया कि भारत-पाकिस्तान संघर्ष पर कांग्रेस नेता की टिप्पणी का इस्तेमाल इस्लामाबाद भारत को बदनाम करने के लिए कर रहा है।
भाटिया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'राहुल गांधी, आप तय करें कि आप किस तरफ हैं। आपको तय करना होगा कि आप भारत के विपक्ष के नेता हैं या पाकिस्तान के निशान-ए-पाकिस्तान। भाटिया ने कांग्रेस नेता से आग्रह किया, 'राहुल गांधी हमारे बहादुर सशस्त्र बलों की वीरता और प्रतिबद्धता को कमतर आंकना बंद करें, ऐसे सवाल पूछना बंद करें जो नहीं पूछे जाने चाहिए। वे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालते हैं।' उन्होंने कहा कि राहुल की टिप्पणी को बचकाना व्यवहार कहकर खारिज नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे सवाल जानबूझकर पूछना राहुल गांधी का मुख्य चरित्र रहा है, जो हमारे देश के प्रति शत्रुतापूर्ण राष्ट्रों के एजेंडे को आगे बढ़ाते हैं।