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फ्रांस से भारत तक कई देशों की हवाई सीमा से होकर आएंगे राफेल, होगा इस कोड वर्ड का इस्तेमाल

Tue, 08 Oct 2019 09:38 PM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आसिम खान Updated Tue, 08 Oct 2019 09:38 PM IST
सार

  • मई 2020 में भारत आएंगे चार राफेल विमान
  • वायुसेना के पायलटों को दिया गया खास प्रशिक्षण
  • ईंधन भरने के लिए दो देशों में करेंगे लैडिंग
  • गुजरात के जामनगर में सबसे पहले उतरेंगे

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Rafale will come from France to India from many countries air space, pilot will use code word
राफेल विमान - फोटो : ANI

विस्तार

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दशहरे के दिन मंगलवार को फ्रांस में राफेल विमान की पहली खेप को ग्रहण कर लिया है। मगर इस शक्तिशाली लड़ाकू विमान को भारत लाने में अभी थोड़ा इंतजार करना होगा। अगले साल मई में चार राफेल विमानों की पहली खेप के भारत आने की उम्मीद है।

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हालांकि, ऐसा नहीं है कि पायलट सीधे इसे उड़ाकर भारत ले आएंगे। इसके लिए पूरी योजना पहले से तैयार कर ली गई है क्योंकि फ्रांस से भारत तक के रास्ते में दूसरे देशों की हवाई सीमा में भी प्रवेश करना होगा। वायुसेना के पायलटों को मेरिना एयरबेस में खास ट्रेनिंग दी गई है। ये सभी विमान एक साथ उड़ान भरेंगे।

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'इंडिया—1' और 'इंडिया—2' होंगे कोड शब्द

अंग्रेजी वेबसाइट मिंट की खबर के अनुसार सबसे पहला काम फ्लाइट प्लान बनाना होगा। बोर्डोक्स से जामनगर तक उड़ान भरने के दौरान पायलट संकेतों के जरिए एक—दूसरे के साथ संपर्क बनाए रखेंगे। इसके लिए 'इंडिया—1' और 'इंडिया—2' कोड वर्ड रखे गए हैं। ये कोड पायलटों की संख्या पर निर्भर होंगे। इसी सांकेतिक भाषा के जरिए पायलट एक—दूसरे को यह बताएंगे कि वे किस देश की हवाई सीमा में प्रवेश कर रहे हैं।


33,000 फीट की ऊंचाई पर भरेंगे उड़ान

ये लड़ाकू विमान भी सामान्य विमानों की तरह 33,000 फीट की ऊंचाई पर ही उड़ेंगे। एक समूह में चार विमानों को ही रखा जाएगा। साथ ही एक परिवहन विमान भी पूरे सफर में राफेल विमानों के साथ रह सकता है। इस विमान में अतिरिक्त पायलट, राफेल का अतिरिक्त इंजन और अन्य जरूरी उपकरण होंगे ताकि कहीं बीच में कोई खराबी आती है, तो उसे जल्द से जल्द ठीक किया जा सके।

1000 किलोमीटर प्रति घंटा होगी गति

राफेल विमान फ्रांस से भारत तक के सफर में करीब एक हजार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरेगा। हालांकि यह उसकी शीर्ष गति से काफी कम है। राफेल की अधिकतम गति 2222 किलोमीटर प्रति घंटा है।

यहां होंगे राफेल विमान तैनात

राफेल विमानों को हरियाणा के अंबाला, पश्चिम बंगाल के हाशिमआरा में तैनात किया जाएगा। अंबाला में राफेल विमानों के लिए एक स्क्वाड्रन तैयार किया गया है। इसके लिए 17 नंबर स्क्वाड्रन को चुना गया है। पांच साल पहले मिग—21 को हटाए जाने के बाद इसे रिटायर कर दिया गया था।

इन देशों में ईंधन के लिए उतरेंगे

जानकारी के मुताबिक फ्रांस के बोर्डोक्स से उड़ान भरने के बाद राफेल विमान दो बार ईंधन भरने के लिए रुकेंगे। इस प्रक्रिया में पहला पड़ाव ग्रीस या इटली होगा। इसके बाद ये विमान दोबारा ईंधन भरने के लिए तुर्की या ओमान में रुकेंगे।

ओमान से सीधे जामनगर के लिए उड़ान

ओमान से ईंधन भरने के बाद राफेल विमान सीधे गुजरात के जामनगर के लिए उड़ान भरेंगे और भारत की धरती पर कदम रखेंगे। जामनगर में कस्टम विभाग की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद राफेल विमान अंबाला एयरबेस लाए जाएंगे।

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