इसी साल सितंबर में फ्रांस से आएगा राफेल लड़ाकू विमान, क्या राहुल उठाएंगे मुद्दा?
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केन्द्र में नई सरकार बन गई है। प्रधानमंत्री ने पदभार संभाल लिया है और रक्षा मंत्रालय को मंत्री के रूप में राजनाथ सिंह मिल गए हैं। इन सब बदलाव के साथ इसी साल सितंबर महीने में फ्रांस की द साल्ट कंपनी से पहले राफेल लड़ाकू विमान की आपूर्ति होती है। देश विधानसभा चुनावों और इस साल संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में राफेल लड़ाकू विमान सौदा एक बड़ा मुद्दा था। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस सौदे की तर्ज ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चौकीदार चोर कहकर संबोधित किया था। हालांकि कांग्रेस को चुनाव में भारी पराजय का सामना करना पड़ा है, लेकिन 1 जून को संसद के केन्द्रीय कक्ष में राहुल गांधी ने 52 सांसदों के साथ सरकार का इंच-दर-इंच मुकाबला करने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
कहीं कांग्रेस को मुंह तो नहीं चिढ़ा रहा राफेल
भारतीय वायुसेना को राफेल का बेसब्री से इंतजार है। वायुसेना अध्यक्ष एयरचीफ मार्शल बीएस धनोवा के आवास के बाहर राफेल लड़ाकू विमान का प्रोटोटाइप तैनात हो चुका है। वायुसेनाध्यक्ष का आवास कांग्रेस मुख्यालय 24 अकबर रोड के ठीक सामने है। यह संयोग ही है राफेल लड़ाकू विमान का मुंह कांग्रेस दफ्तर की ओर है। वायुसेना ने इस लड़ाकू विमान को पाकिस्तान और चीन की सीमा के निकट एक-एक स्क्वाड्रान तैनात करने की योजना बनाई है। एक स्क्वाड्रान में 16 लड़ाकू और दो प्रशिक्षण विमान होते हैं। भारत ने 2015 में फ्रांस से दो स्क्वाड्रान(36) लड़ाकू विमानों को लेने का सौदा किया है।
क्या कांग्रेस अध्यक्ष उठाएंगे राफेल सौदे का मुद्दा?
सवाल मौजूं है, लेकिन कांग्रेस पार्टी का कोई बड़ा नेता अभी इस पर कुछ नहीं बोल रहा है। पार्टी के एक वरिष्ठ राज्यसभा सांसद का कहना है कि अभी केन्द्र सरकार ने सत्ता में आई है। सरकार के मंत्री शपथ ग्रहण के बाद कामकाज संभाल रहे हैं। 17 जून को संसद का सत्र आरंभ होना है। पांच जुलाई को बजट पेश किया जाना है। अभी समय है। सूत्र कहना है कि सौदे की शर्तों के अनुसार पहले राफेल लड़ाकू विमान की आपूर्ति सितंबर 2019 में होनी है। तब तक यमुना में काफी पानी बह जाएगा। इंतजार कीजिए।
राफेल लड़ाकू विमान के खिलाफ नहीं है हम?
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद ने कहा कि कांग्रेस राफेल लड़ाकू विमान के खिलाफ नहीं है। यह यूपीए सरकार के समय में भारतीय वायुसेना ने परीक्षण करके चुना था। यूपीए सरकार ने राफेल लड़ाकू विमान लेने का मन बनाया था। यह एक अच्छा युद्धक विमान है। कांग्रेस पार्टी और हमारे नेता की आपत्ति राफेल लड़ाकू विमान सौदे की प्रक्रिया को लेकर थी और है। सूत्र का कहना है कि इससे संबंधित मामला उच्चतम न्यायालय चल रहा है। अदालत का निर्णय आने दीजिए।