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शौरी बोले- राफेल सौदा बोफोर्स से भी बड़ा घोटाला, सिन्हा और भूषण ने भी मोदी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

Thu, 09 Aug 2018 05:04 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 09 Aug 2018 05:04 AM IST
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Rafale Defence Scandal: Shourie, Sinha and Bhushan surrounded Modi government
नई दिल्ली में राफेल सौदे को लेकर प्रेस वार्ता करते वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी और यशवंत सिन्हा।

राफेल विमान सौदे को लेकर नई दिल्ली के प्रेस क्लब में भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने राफेल लड़ाकू विमान खरीद सौदे से जुड़े तथ्यों को न केवल छुपाया है बल्कि आनन-फानन में डील के लिए जरूरू प्रक्रियाओं में भी बदलाव किया है और तय मानकों का उल्लंघन किया है।

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प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में मीडिया के सामने डील से जुड़े दस्तावेज साझा करते हुए प्रशांत भूषण ने कहा कि रक्षा मंत्री के स्तर पर विरोधाभासी बयान दिए गए और मीडिया को अंधेरे में रखकर उसका इस्तेमाल झूठ फैलाने के लि किया गया। भूषण ने कहा कि राफेल डील में गुप्त अनुबंध से जुड़ा कोई पहलू नहीं है।
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सिन्हा और शौरी ने कहा कि राफेल डील में सीधे तौर पर एक बड़ा घोलाटा हुआ है जो देश की सुरक्षा से जुड़ा है। हालांकि कांग्रेस भी लंबे समय से आरोपी लगाती रही है कि भारत और फ्रांस के बीच राफेल लड़ाकू विमान सौदे में 41 हजार 205 करोड़ रूपए का नुकसान हुआ है। प्रशांत भूषण और शौरी ने कहा कि इस समझौते में बहुत बड़ा घोटाला हुआ है और यह बोफोर्स से भी बहुत बड़ा घोटाला है।
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डिफेंस मिनिस्टर ने लोकसभा में झूठ बोला- अरुण शौरी

Rafale Defence Scandal: Shourie, Sinha and Bhushan surrounded Modi government
राफेल डिफेंस डील को यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी और प्रशांत भूषण ने बताया राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़। (फोटो- सोशल मीडिया)

अरुण शौरी ने कहा कि राफेल विमान डील आजाद भारत का सबसे बड़ा डिफेंस घोटाला है और इसमें एक नहीं कई गड़बड़ियां की गई हैं। रक्षा मंत्री ने लोकसभा में  कहा था कि अंबानी की कंपनी को राफेल विमान बनाने का ऑर्डर क्यों और कैसे मिला, इसकी जानकारी नहीं दे सकती क्योंकि फ्रांस सरकार के साथ सिक्रेसी एग्रीमेंट से बंधे हुए हैं। अरुण शौरी ने कहा कि रक्षा मंत्री ने लोकसभा में सबसे बड़ा झूठ बोला जबकि भारत और फ्रांस के बीच हुए सिक्रेसी एग्रीमेंट में साफ लिखा है कि सिर्फ विमान की तकनीक से जुड़ी जानकारियों के लिए ये एग्रीमेंट प्रभावी होगा। रक्षा मंत्री बताएं कि अनिल अंबानी की कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट क्यों दिया, इसका जवाब देने के लिए ये एग्रीमेंट कहां मना करता है।

मेरा बेटा नहीं मानता मेरी बात- यशवंत सिन्हा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यशवंत सिन्हा से एक पत्रकार ने पूछा कि जिस सरकार पर वो इतने बड़े घोटाले का आरोप लगा रहे हैं, उसी सरकार में उनका बेटा मंत्री है। क्या वे अपने बेटे को इस्तीफा देने के लिए कहेंगे ? इस सवाल पर यशवंत सिन्हा ने कहा कि वे किसी को इस्तीफा देने के लिए नहीं कहते और अगर वे कहते हैं तो सामने वाला उनकी बात मानेगा, इसकी कोई गारंटी नहीं। उन्होने कहा कि इस तरह के व्यक्तिगत सवाल देश का भला नहीं कर सकते। यशवंत सिन्हा ने ये भी आरोप लगाया कि नोटबंदी के बाद जो दो हजार के नोट छपवाये गये थे, अब वे बाजार में जल्दी नहीं दिखते। दो हजार के अधिकांश नोटों को कालेधन के रूप में जमा कर रखा गया है और जरुरत पड़ने पर उन्हे खर्च किया जाएगा।


देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ हुआ- प्रशांत भूषण
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रशांत भूषण प्रशांत भूषण ने कहा कि मोदी सरकार के राफेल डील में देश की सुरक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ किया गया। यूपीए सरकार के समय 36 विमानों की खरीद की बात हो रही थी। मोदी सरकार ने अचानक 120 विमानों की खरीद के लिए समझौता कर लिया। जबकि एयरफोर्स के किसी भी अधिकारी ने 120 राफेल विमानों की जरुरत नहीं बताई है। प्रशांत भूषण ने कहा कि पहले सरकार की कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को राफेल विमान बनाने की तकनिक मिलनी थी, लेकिन अचानक डील से महज पांच महीने पहले अस्तित्व में आई अनिल अंबानी की कंपनी को फ्रांस के साथ राफेल विमान बनाने का कॉन्ट्रैक्ट मिल गया. जबकि इस कंपनी को साधारण विमान बनाने का भी कोई अनुभव नहीं है। प्रशांत भूषण ने कहा कि कंपनी बनाई ही इसलिए गई ताकि ये कॉन्ट्रैक्ट हासिल हो सके। सबसे बड़ी बात ये है कि जिस उद्योगपति को इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी गई, उसका पिछला इतिहास यही कहता है कि उसके बड़े प्रोजेक्ट्स फेल हुए और उसकी कंपनी बड़े कर्ज में डूबी हुई है।

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