फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Radharaman Das removed from all positions at ISKCON kolkata

इस्कॉन के सभी पदों से हटाए गए राधारमण दास: संगठन की ओर से बयान देने पर भी लगी रोक, जानें क्या है मामला

Sun, 28 Jun 2026 08:14 PM IST
Rahul Kumar अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता Published by: Rahul Kumar Updated Sun, 28 Jun 2026 08:14 PM IST
विज्ञापन
Radharaman Das removed from all positions at ISKCON kolkata
कोलकाता इस्कॉन के पूर्व उपाध्यक्ष राधारमण दास - फोटो : आईएएनएस
कोलकाता इस्कॉन के पूर्व उपाध्यक्ष राधारमण दास को संगठन ने सभी पदों और जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया है। इसके साथ ही उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे अब इस्कॉन की ओर से मीडिया, सरकारी एजेंसियों अथवा किसी भी सार्वजनिक मंच पर संगठन का प्रतिनिधित्व या बयान नहीं देंगे। इसकी जानकारी स्वयं राधारमण दास ने सोशल मीडिया पर जारी एक सार्वजनिक संदेश में दी।
विज्ञापन


राधारमण दास ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि वह संगठन के फैसले का सम्मान करते हैं और सभी निर्देशों का पालन करेंगे। उन्होंने मीडिया से भी अनुरोध किया कि भविष्य में उनसे इस्कॉन की ओर से किसी भी मुद्दे पर प्रतिक्रिया या साक्षात्कार न मांगा जाए।
विज्ञापन


अपने बयान में उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ की गई कार्रवाई मुख्य रूप से छह घटनाओं से जुड़ी है। इनमें बांग्लादेश में हिंदुओं और इस्कॉन श्रद्धालुओं पर कथित अत्याचार के मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से बोलना तथा चिन्मय कृष्ण प्रभु के समर्थन में बयान देना, भारतीय जनता पार्टी की पूर्व सांसद मेनका गांधी द्वारा इस्कॉन पर लगाए गए आरोपों के जवाब में कानूनी नोटिस भेजना, कॉमेडियन सुरलीन कौर की कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के खिलाफ साइबर शिकायत दर्ज कराना, सनातन धर्म के समर्थन में सार्वजनिक बयान देना, वर्ष 1976 की न्यूयॉर्क रथयात्रा से जुड़ा डोनाल्ड ट्रंप संबंधी एक सोशल मीडिया पोस्ट साझा करना तथा 29 मई को एक निजी समाचार चैनल को दिया गया साक्षात्कार शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


राधारमण दास ने बताया कि वर्ष 2023 में मेनका गांधी ने इस्कॉन पर गोसंरक्षण से जुड़े गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना है कि इन आरोपों से दुनिया भर के श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई थीं, जिसके बाद उन्होंने मेनका गांधी को 100 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा था। उन्होंने यह भी कहा कि हाल के महीनों में बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर कथित अत्याचार के मुद्दे पर भी वह लगातार मुखर रहे थे।


अपने संदेश में उन्होंने स्पष्ट किया कि अब वह इन विषयों पर इस्कॉन की ओर से कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं करेंगे। साथ ही संगठन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस्कॉन की निरंतर प्रगति और सफलता की कामना की। हालांकि, इस्कॉन की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि राधारमण दास को हटाने के पीछे आधिकारिक कारण क्या हैं। ऐसे में उनके द्वारा बताए गए कारणों की संगठन की ओर से स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed