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सदनों में सवाल-जवाब : एनएसओ नाम की किसी कंपनी को प्रतिबंधित नहीं कर रही केंद्र सरकार

Sat, 04 Dec 2021 06:18 AM IST
योगेश साहू अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी, नई दिल्ली। Published by: योगेश साहू Updated Sat, 04 Dec 2021 06:18 AM IST
सार

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ से भाजपा की लोकसभा सांसद गोमती साई ने राज्य में ईसाई मिशनरियों द्वारा आदिवासियों के धर्मांतरण का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल धार्मिक आधार पर ईसाई बनाने का नहीं है, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है।

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Question and answer in Lok Sabha And Rajya Sabha : central government is not banning any company named NSO
संसद - फोटो : पीटीआई

विस्तार

केंद्र सरकार का कहना है कि उसने एनएसओ ग्रुप नाम की किसी कंपनी को प्रतिबंधित करने की योजना नहीं बनाई है। न ही उसे पता है कि अमेरिका ने इस नाम की किसी कंपनी को पत्रकारों, राजनेताओं व सामाजिक कार्यकर्ताओं की जासूसी करने वाला पेगासस स्पाइवेयर बनाने के लिए ब्लैक लिस्ट किया है या नहीं।

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राज्यसभा में पूछे गए सवाल पर केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि मंत्रालय के पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है। इस्राइली कंपनी एनएसओ ग्रुप के पेगासस स्पाइवेयर की जानकारी सामने आने के बाद दुनिया भर में हंगामा मच गया था। भारत में सुप्रीम कोर्ट ने जासूसी के आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई है, जिसे केंद्र सरकार से स्वतंत्र रखा है। 
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किसान सम्मान निधि के दुरुपयोग का मुद्दा उठा
राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान किसान सम्मान निधि के दुरुपयोग का मुद्दा उठा। कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने सवालों के जवाब में बताया कि अब तक 11.5 करोड़ किसानों के खातों में 1.7 लाख करोड़ रुपये जमा कराए जा चुके हैं। योजना शुरू करते समय सरकार का अनुमान था कि देश में करीब 15.5 करोड़ किसान हैं। बाद में सत्यापन के बाद इनकी संख्या 12.5 करोड़ आंकी गई। इनमें से 11.5 करोड़ का पंजीकरण हो गया है।
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आदिवासियों का धर्मांतरण नक्सल से ज्यादा खतरनाक
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ से भाजपा की लोकसभा सांसद गोमती साई ने राज्य में ईसाई मिशनरियों द्वारा आदिवासियों के धर्मांतरण का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल धार्मिक आधार पर ईसाई बनाने का नहीं है, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है।

भूख का सूचकांक गलत, भारत की सही तस्वीर नहीं दिखाता
वैश्विक भूख सूचकांक (जीएचआई) भारत की असली तस्वीर नहीं दिखता, इसमें भूख मापने का पैमाना गलत है। यह बात राज्य सभा में सरकार की तरफ से केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों की राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने शुक्रवार को कही। हालांकि उन्होंने इसी सूचकांक के आधार पर उपलब्धि भी गिनाई कि साल 2000 में भारत का जीएचआई स्कोर 38.8 था जो 2021 में सुधर कर 27.5 पर आया है। भारत में इतने सालों में लगातार सुधार किया है।

इस सूचकांक के अनुसार नेपाल व बांग्लादेश 76 और पाकिस्तान विश्व में 92वें स्थान पर है। राज्य मंत्री ने सूचकांक की खामी पर कहा कि इसमें पोषण की कमी, चाइल्ड वेस्टिंग (बच्चों का शारीरिक विकास कम होना), चाइल्ड स्टंटिंग (बच्चों का शारीरिक विकास अपूर्ण रहना) और बाल मृत्यु दर जैसे चार पैमानों पर आकलन होता है। इनमें केवल पोषण की कमी का पैमाना सही है।

सरकार की राष्ट्रीय खुदरा व्यापार नीति बनाने की योजना
खुदरा व्यापार के सभी स्वरूपों के विकास के अनुकूल माहौल बनाने के लिए सरकार की एक राष्ट्रीय खुदरा व्यापार नीति बनाने की योजना है। इसके लिए सभी हितधारकों से परामर्श भी किया जा रहा है। राज्यसभा में वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री सोम प्रकाश ने बताया, नियमों और नियमन को आसान बनाकर एक अनुकूल वातावरण तैयार किया जा सकता है।

एक अन्य प्रश्न के जवाब में वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, केंद्र ने आंध्र प्रदेश के अनुरोध के जवाब में औद्योगिक कॉरिडोर कार्यक्रम के तहत हैदराबाद-बंगलूरू औद्योगिक कॉरिडोर को शामिल करने को मंजूरी दे दी है। उन्होंने बताया, सरकार ने हैदराबाद-बंगलूरू औद्योगिक गलियारे के तहत ओर्वकल नोड को विकसित करने की मंजूरी दे दी है।

रेल टिकटों पर छूट बहाल करना फिलहाल संभव नहीं : रेल मंत्री
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि महामारी से पहले टिकट किराये में दी जाने वाली छूट अभी बहाल करना संभव नहीं है। राज्यसभा में उन्होंने बताया, महामारी के बाद सभी श्रेणी के यात्रियों को दी जाने वाली रियायत वापस ले ली गई थी और अभी इसे शुरू नहीं किया जा सकता। हालांकि, दिव्यांगजनों की चार श्रेणियों, रोगियों और छात्रों की 11 श्रेणियों को छूट जारी है।

उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के कारण 2020-21 में वातानुकूलित कोच से यात्रा में 70 फीसदी तक कमी आई। रेलमंत्री ने कहा कि 2019-20 और 2020-21 में एसी कोच में क्रमश: 18.10 करोड़ और 4.90 करोड़ लोगों ने यात्रा की। उन्होंने कहा कि एसी कोच में यात्रा में कमी कोविड के दौरान सीमित   ट्रेन चलने के कारण आई।

गीता की शिक्षा अनिवार्य करने सहित 153 निजी बिल लोकसभा में पेश
लोकसभा में शुक्रवार को भगवद गीता की शिक्षा स्कूलों में अनिवार्य करने और भीड़ हिंसा से सुरक्षा देने वाले बिल सहित 153 निजी विधेयक पेश किए गए। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने निजी डाटा की सुरक्षा के लिए बिल पेश किया। इसके अलावा उन्होंने भीड़ हिंसा से सुरक्षा देने वाला बिल भी पेश किया। उधर, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भारतीय खुफिया एजेंसियों को अपनी शक्तियों के उपयोग के नियमन के लिए निजी बिल पेश किया। भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी ने सभी शिक्षण संस्थानों में अनिवार्य रूप से गीता की शिक्षा देने वाला निजी बिल पेश किया। बीजू जनता दल के भतृहरि महताब ने लालच देकर धार्मिक धर्मपरिवर्तन पर प्रतिबंध के लिए विधेयक पेश किया। इसके अलावा अन्य सदस्यों ने भी अपने विधेयक पेश किए।

12-17 आयु वर्ग के बच्चों को कोविड वैक्सीन देने पर विचार
कोविड-19 वैक्सीन प्रशासन पर राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह और प्रतिरक्षण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह 12 से 17 साल के बच्चों को वैक्सीन दिए जाने संबंधी वैज्ञानिक तथ्यों पर विचार कर रहे हैं। स्वास्थ्य राज्यमंत्री भारती प्रवीण पवार ने लोकसभा में एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि फिलहाल बच्चों और किशोरों के लिए कोविड वैक्सीन के आयात का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। एनईजीवीएसी और एनटीएजीआई को इस संबंध में निर्णय लेने का अधिकार दिया गया है।


देश में उर्वरकों की कमी नहीं : मांडविया
सरकार ने शुक्रवार को कहा है कि देश में आवश्यक उर्वरकों की भारी कमी नहीं है और उसने डीएपी खाद की मांग से ज्यादा आपूर्ति की है। लोकसभा में एक लिखित जवाब में रसायन व उर्वरक मंत्री मनसुख मांडविया ने बताया, घरेलू स्तर पर जरूरी उर्वरकों की ज्यादा कमी नहीं रही। हालांकि, सीजन के दौरान कुछ राज्यों के जिलों में डीएपी की कमी जरूर उजागर हुई थी। राज्य सरकारों के आग्रह पर स्थानीय जरूरतें पूरी करने के लिए डीएपी पहुंचा दिया गया। देश में चालू रबी सीजन में डीएपी उर्वरक की उपलब्धता पर्याप्त है।

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