फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Puri Jagannath Rath Yatra 2020 today Update, Supreme court, Central government said that if tradition is broken, then Rath Yatra will stop for next 12 years

जगन्नाथ रथयात्रा आज, कोर्ट में सरकार ने कहा था- परंपरा टूटी तो 12 साल तक नहीं निकलेगी रथयात्रा

Tue, 23 Jun 2020 05:27 AM IST
योगेश साहू अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: योगेश साहू Updated Tue, 23 Jun 2020 05:27 AM IST
विज्ञापन
Puri Jagannath Rath Yatra 2020 today Update, Supreme court, Central government said that if tradition is broken, then Rath Yatra will stop for next 12 years
प्रभु जगन्नाथ - फोटो : अमर उजाला

पुरी में भगवान श्री जगन्नाथ रथयात्रा आज निकाली जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इसके लिए अनुमति दे दी। हालांकि कोर्ट ने ओडिशा सरकार को निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान पुरी में कर्फ्यू लगाया जाए। एक रथ को 500 से ज्यादा लोग ना खींचें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। वहीं सरकार ने सोमवार को हुई सुनवाई में कहा था कि यदि परंपरा टूटती है तो फिर अगले 12 साल तक रथयात्रा नहीं निकलेगी।

विज्ञापन


बता दें कि मंगलवार को रथयात्रा की शुरुआत सुबह 9 बजे होगी। पुरी जगन्नाथ मंदिर में रथयात्रा की तैयारी चल रही है। भगवान जगन्नाथ खिचड़ी का भोग लगाए जाने के बाद निकलेंगे। पुरी महाराज दिव्य सिंह देव छेरा पहरा यानी रथ की सफाई रात एक बजे शुरू करेंगे। 
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन


कोर्ट में केंद्र ने रखा पक्ष
रथयात्रा की अनुमति देते हुए शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि यात्रा में शामिल सभी लोगों का कोरोना टेस्ट कराया जाए। साथ ही यदि हालात बेकाबू होते दिखें तो ओडिशा सरकार यात्रा को रोक सकती है। साथ ही कहा कि पुरी के अलावा ओडिशा में कहीं और यात्रा नहीं निकाली जाएगी।

वहीं भगवान श्री जगन्नाथ रथयात्रा को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, स्वास्थ्य संबंधी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए मंदिर प्रशासन को रथयात्रा की अनुमति दी जा सकती है। उन्होंने कहा, अगर भगवान जगन्नाथ को कल (मंगलवार) बाहर नहीं लाया गया तो परंपरा के मुताबिक अगले 12 साल तक बाहर नहीं निकाला जा सकता है। सदियों की परंपरा नहीं तोड़ सकते।

इससे पहले जस्टिस अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष केंद्र सरकार ने मामले का उल्लेख कर 18 जून के आदेश में बदलाव का अनुरोध किया। इस पर जस्टिस मिश्रा की पीठ ने बताया, प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) एसए बोबडे ने उन याचिकाओं पर सुनवाई के लिए तीन जजों के पीठ का गठन किया है, जिनमें कुछ शर्तों के साथ रथयात्रा की अनुमति का अनुरोध किया गया है।

जस्टिस मिश्रा की पीठ के सामने मामले का उल्लेख करते हुए मेहता ने कहा, यह करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा मामला है। एहतियात बरतने के साथ ही राज्य सरकार एक दिन के लिए कर्फ्यू लगा सकती है। मेहता ने कहा, सेबायत और पंडा, जो जांच में संक्रमित नहीं हैं, वे श्रीशंकराचार्य के निर्णय के अनुरूप अनुष्ठानों में हिस्सा ले सकते हैं। लोग एकत्र न हों और वे लाइव प्रसारण के दौरान टीवी पर दर्शन कर सकते हैं। पुरी के राजा और मंदिर समिति इन अनुष्ठानों के प्रबंधों का पर्यवेक्षण कर सकती है।

ओडिशा सरकार ने भी किया केंद्र का समर्थन

ओडिशा सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने कहा, मंदिर के गजपति व सेवायत को ही रथ खींचने की इजाजत दी जाएगी, जो कोरोना नेगेटिव पाए गए हैं। वहीं, ओडिशा विकास परिषद की ओर से पेश वरिष्ठ वकील रंजीत कुमार ने कहा, राज्य में कोरोना संक्रमण बढ़ता जा रहा है।

रथयात्रा में बड़ी संख्या में लोग आते हैं। हालांकि सीमित संख्या में लोगों को रथयात्रा में शामिल होने की इजाजत दी जा सकती है। वहीं, श्रद्धालुओं की ओर से कहा गया कि वे टीवी पर रथयात्रा देख लेंगे। ऐसे में सीमित लोगों को रथ यात्रा की इजाजत मिलनी चाहिए।

लाखों श्रद्धालुओं की धार्मिक मान्यता
जगन्नाथ संस्कृति जन जागरण मंच की ओर से दायर याचिका में कहा गया, यह उत्सव लाखों श्रद्धालुओं की धार्मिक मान्यता से जुड़ा है। सामाजिक दूरी बरकरार रखते हुए आयोजन असंभव नहीं है। ओडिशा हाईकोर्ट के निर्देश के साथ राज्य सरकार के फैसले के मुताबिक, रथ निर्माण में डेढ़ महीने से लगे 372 लोग अलग हैं। जांच में उनमें से कोई कोरोना संक्रमित नहीं मिला है।

वहीं, अफताब हुसैन और भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी आदेश में सुधार की याचिका पेश की थी। दरअसल, ओडिशा विकास परिषद की याचिका पर 18 जून को सुप्रीम कोर्ट ने रथयात्रा पर रोक लगाई थी। तब कोर्ट ने कहा था, लोगों की सुरक्षा एवं जन स्वास्थ्य के हित में रथयात्रा को अनुमति नहीं दी जा सकती। अगर हम अनुमति देते हैं तो भगवान जगन्नाथ हमें माफ नहीं करेंगे।

गृहमंत्री ने की गजपति महाराज और पुरी शंकराचार्य से चर्चा

रथयात्रा पर जारी संशय के बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जगन्नाथ मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष गजपति महाराजा दिव्यसिंह देव से बात की। शाह ने इसकी जानकारी देते हुए ट्वीट किया, भगवान जगन्नाथ के अनन्य भक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर मैंने रविवार शाम गजपति महाराज (पुरी के राजा) और पुरी के शंकराचार्य से बात की। यात्रा के बारे में उनके विचारों से प्रधानमंत्री को अवगत कराया।

प्रधानमंत्री ने न केवल श्रद्धालुओं की भावनाओं को समझा, बल्कि इस मामले में तुरंत सकारात्मक हल निकालने के लिए प्रयास शुरू हुए, ताकि हमारी महान परंपरा कायम रहे। शाह ने लिखा, पीएम के निर्देश पर सोमवार सुबह सॉलिसिटर जनरल से बात की। मामले की गंभीरता को देखते हुए इस केस को सुप्रीम कोर्ट की अवकाश पीठ के समक्ष उठाया गया। दोपहर बाद हुई सुनवाई में यह सुखद फैसला आया। इसके लिए ओडिशा के लोगों को बधाई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed