कोल ब्लॉक आवंटन घोटाले में राठी स्टील के एमडी व सीईओ को तीन साल कैद
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कोल ब्लॉक आवंटन घोटाला मामले में राठी स्टील के तीन अधिकारियों को दोषी ठहराते हुए कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है। यह मामला छत्तीसगढ़ के कैसला नॉर्थ कोल ब्लॉक आवंटन में अनियमितता से जुड़ा है। कोल ब्लॉक आवंटन से जुड़ा यह दूसरा मामला है, जिसमें सजा सुनाई गई है।
पटियाला हाउस स्थित विशेष सीबीआई जज भरत पराशर ने राठी स्टील एंड पावर लिमिटेड (आरएसपीएल) के सीईओ उदित राठी को तीन साल कैद व 50 लाख रुपये जुर्माना, प्रबंध निदेशक प्रदीप राठी को तीन साल कैद व 25 लाख रुपये जुर्माना, एजीएम कुशल अग्रवाल को दो साल कैद व पांच लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने आरएसपीएल पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
अदालत ने मंगलवार को आरएसपीएल, सीईओ उदित राठी, एमडी प्रदीप राठी व एजीएम कुशल अग्रवाल को आपराधिक साजिश व धोखाधड़ी का दोषी ठहराया था। सीईओ उदित राठी को अलग से भी धोखाधड़ी का दोषी ठहराया था।
क्या कहा कोर्ट ने अपने फैसले में
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आरोपियों ने प्रधानमंत्री के समक्ष झूठे दावे पेश कर सरकार को धोखा दिया था। सीबीआई का आरोप था कि आरएसपीएल व उसके अधिकारियों ने कोल ब्लॉक हासिल करने के लिए 36 वीं स्क्रीनिंग कमेटी के समक्ष 250 एकड़ जमीन के स्वामित्व के संबंध में गलत जानकारी व दस्तावेज पेश किए।
सीबीआई ने चार्जशीट में केवल आरएसपीएल व उदित राठी को आपराधिक साजिश व धोखाधड़ी का आरोपी बनाया था। कोर्ट ने चार्जशीट पर विचार करने के बाद उदित राठी व आरएसपीएल के अलावा प्रदीप राठी व कुशल अग्रवाल को भी बतौर आरोपी समन जारी किया था।