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पुणे कार दुर्घटना: नाबालिग कार चालक ही होगी जांच, पुलिस ने किशोर न्याय बोर्ड से मांगी अनुमति

Fri, 31 May 2024 01:59 PM IST
मेघा झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: मेघा झा Updated Fri, 31 May 2024 01:59 PM IST
सार

पुणे पुलिस ने किशोर न्याय बोर्ड को पत्र लिखा है। जिसमें पोर्श दुर्घटना में शामिल नाबालिग की जांच की अनुमति मांगी गई है। दुर्घटना में दो तकनीशियन मारे गए थे।

बता दें कि 19 मई को शहर के कल्याणी नगर इलाके में कार ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। जग्जरी कार चलाने वाला 17 वर्षीय कार चालक नशे की हालत में था। कार चालक को 5 जून तक निगरानी में रखा गया है।

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Pune car accident: Minor car driver will be investigated, police sought permission from Juvenile Justice Board
पुणे पोर्श कांड - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पुणे पुलिस ने किशोर न्याय बोर्ड को पत्र लिखा है। जिसमें पोर्श दुर्घटना में शामिल नाबालिग की जांच की अनुमति मांगी गई है। दुर्घटना में दो तकनीशियन मारे गए थे।
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बता दें कि 19 मई को शहर के कल्याणी नगर इलाके में कार ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। जग्जरी कार चलाने वाला 17 वर्षीय कार चालक नशे की हालत में था। कार चालक को 5 जून तक निगरानी में रखा गया है। कार चालक शहर के बिल्डर विशाल अग्रवाल का बेटा है। बता दें कि दुर्घटना के कुछ ही घंटे बाद कार चालक को जमानत दे दी गई थी।
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यही नहीं कार चालक को सड़क सुरक्षा पर 300 शब्दों का निबंध लिखने को कहा। इस सजा के बाद किशोर न्याय बोर्ड की जमकर आलोचना की गई। आलोचना के बीच पुलिस ने किशोर न्याय बोर्ड से संपर्क किया। अपने आदेश को संशोधित किया। कार चालक को इसके बाद 5 जून तक निगरानी गृह में भेज दिया।
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शुक्रवार को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) शैलेश बलकावड़े ने बताया, "हमने जेजे बोर्ड को पत्र लिखकर नाबालिग की जांच करने की अनुमति मांगी है।"

बता दें कि नाबालिग कार चालक के पिता और दादा को अपने परिवार के ड्राइवर को गलत तरीके से बंधक बनाने, उसे नकदी और उपहारों का लालच देने और बाद में दुर्घटना का दोष अपने ऊपर लेने की धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।


इसके अलावा पुलिस ने सासून जनरल अस्पताल के दो डॉक्टरों और एक कर्मचारी को भी गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने किशोर के रक्त के नमूनों में हेराफेरी की थी। जिससे यह दिखाया जा सके कि दुर्घटना के समय वह नशे में नहीं था।
 
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