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पुलवामा हमले में एनआईए के हाथ लगे अहम सुराग, पाक का सीधा हाथ
Mon, 25 Feb 2019 11:42 AM IST
sapna singla
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: sapna singla
Updated Mon, 25 Feb 2019 11:42 AM IST
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पुलवामा आतंकी हमले के बाद मौके पर तैनात सुरक्षाबल
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) पुलवामा में हुए आतंकी हमले को सुलझाने के करीब पहुंच गया है। जिसमें जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के चार या पांच आतंकियों द्वारा विस्तृत अभियान चलाए जाने के सबूत मिले हैं। इसमें आत्मघाती हमलावर आदिल अहमद डार और स्थानीय हैंडलर भी शामिल है। इस घटना से जुड़े लोगों का कहना है कि 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर किए गए हमले में इस्तेमाल की गई मारुती ईको गाड़ी के मालिक की पहचान हो गई है।
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पुलवामा में हुए हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे। यह वाहन कश्मीर में लगभग आठ साल पहले पंजीकृत हुआ था। मालिक को इस बात की जानकारी थी कि उसके वाहन का इस्तेमाल आतंकी समूह कर रहे हैं। वह फिलहाल गायब है। एनआईए के एक जांच अधिकारी ने कहा कि इस हमले के पीछे पाकिस्तानी पदचिह्न स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। हमलावर के वाहन मे मौजूद कंटेनर में 25 किलो आरडीएक्स भरा हुआ था।
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जांच एजेंसी इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमले के पीछे मौजूद जेईएम को आरडीएक्स खरीदने में सफलता कैसे मिली। जांचकर्ताओं का मानना है कि विस्फोटक सीमापार से आए हैं। एक जांचकर्ता ने कहा, 'हमारे पास वाहन की पूरी जानकारी है। जिसे कम से कम एक दो बार एक ही समूह के साथ देखा गया था।' एनआईए को पता चला है कि डार पिछले साल मार्च में गायब होने के बाद से ही जेईएम की यूनिट में सक्रिय था।
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इस आतंकी समूह में सीमापार के आतंकवादी बड़े पैमाने पर शामिल हैं। आदिल खासतौर से सीआरपीएफ को पसंद नहीं करता था क्योंकि सुरक्षा बलों ने मई या जून 2018 के अंत में डार के काकापोरा घर को कथित तौर पर आग आग लगाने की कोशिश की थी। जांचकर्ता ने 2 जून, 2018 के बाद श्रीनगर के फतेह कदल और बादशाह चौक पर सुरक्षाबलों पर 'ऑपरेशन बदर' के तहत हुए ग्रेनेड हमले के बाद जारी हुए बयान की तरफ इशारा किया।
उस समय स्थानीय न्यूज एजेंसी जीएनएस ने जेईएम के प्रवक्ता के हवाले से कहा था, 'सरकारी बलों ने रात के अंधेरे में हमारे एक सहयोगी आदिल अहमद डार उर्फ वकस के पुलवामा स्थित काकापोरा गुंडीबाग के घर में आग लगाने का शर्मनाक प्रयास किया।' जीएनएस के अनुसार प्रवक्ता ने चेतावनी देते हुए कहा था कि जम्मू कश्मीर में स्थित हर सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा और उनमें आग लगाई जाएगी। जांचकर्ताओं का मानना है कि स्थानीय जैश हैंडलर ने इस घटना के बाद डार को बरगलाया होगा और उसे यह कदम उठाने के लिए तैयार किया होगा।