भारत के इन 7 कदमों से पाकिस्तान पड़ा पस्त...फिर सर्जिकल स्ट्राइक 2 ने निकाला दम
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मंगलवार तड़के भारतीय वायु सेना ने पाक अधिकृत कश्मीर के हवाई हमला कर पुलवामा हमले का करारा जवाब दिया। वायुसेना ने हमले के जिम्मेदार आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के ट्रेनिंग कैंप बालाकोट में करीब 1000 किलो के बम गिराए। तड़के साढ़े तीन बजे हुई इस जवाबी कार्रवाई से जैश और पाकिस्तान दोनों हक्के बक्के रह गए। पुलवामा हमले के बाद से ही भारत ने पाकिस्तान पर कड़ी कार्रवाई का सिलसिला शुरू कर दिया था। पुलवामा में हमला आज से 12 दिन पहले 14 फरवरी 2019 को हुआ था। तब से भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ 7 बड़े कदम उठाए। तब से अब तक क्या क्या कार्रवाई हुई, जानिए।
1- मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा वापस
पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे। इस हमले को लेकर देशभर में गुस्सा था। केंद्र सरकार भी जवाबी कार्रवाई की तैयारी में दिख रही थी। सरकार ने सबसे पहले पाकिस्तान को मोस्ट फेवर्ड नेशन (एमएनएफ) को लेकर बड़ा फैसला लिया। पुलवामा हमले के अगले दिन 15 फरवरी को भारत ने पाकिस्तान का एमएफएन का दर्जा वापस ले लिया। हालांकि, पाकिस्तान इसे लेकर ना-नुकुर करता रहा और आखिर तक यही कहता रहा कि अभी तक भारत की तरफ से उसे आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। इस फैसले के बाद अब पाकिस्तान, भारत का सर्वाधिक तरजीह वाला राष्ट्र नहीं रह गया है।
2- भारतीय उच्चायुक्त को बुलाया
पुलवामा हमले के अगले दिन 15 फरवरी को भारत ने इस्लामाबाद में तैनात भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया को चर्चा के लिए नई दिल्ली बुलाया। इसे भारत का सख्त कदम माना गया। इसी दिन विदेश सचिव विजय गोखले ने पाक उच्चायुक्त सोहेल महमूद को बुलाकर हमले को लेकर तीखा विरोध दर्ज कराया और जैश पर कार्रवाई करने को भी कहा। भारत ने कहा कि पाकिस्तान अपनी जमीन पर पनप रहे जैश जैसे आतंकी संगठनों पर सख्त कार्रवाई करे।
3- सीमाशुल्क 200 फीसदी बढ़ाया
भारत ने 17 फरवरी को एक और बड़ा फैसला लिया। भारत ने पाकिस्तान से आयात होने वाले सामान पर इंपोर्ट ड्यूटी 200 फीसदी बढ़ा दी। भारत ने पाकिस्तान से आयातित सभी सामानों पर सीमाशुल्क 200 फीसदी कर दिया। इस फैसले का पाकिस्तान पर बड़ा असर होगा, उसके यहां से भारत आयात होने वाला सामान महंगा हो जाएगा और जाहिर है इससे उसके माल की खपत और मांग कम होगी। माल महंगा होगा तो इसका सीधा असर सामान की बिक्री पर पड़ेगा।
4-पाकिस्तान जाने वाला पानी रोका
भारत ने एक और बड़ा कदम उठाते हुए पाकिस्तान को जाने वाला पानी रोकने का एलान किया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 21 फरवरी को इसका एलान किया। उन्होंने कहा कि प्रमुख नदियों से पाकिस्तान को सप्लाई होने वाला पानी रोका जाएगा। ये पानी पंजाब और कश्मीर को दिया जाएगा। गडकरी ने कहा है कि इन तीनों नदियों पर बने प्रॉजेक्ट्स की मदद से पाक को दिए जा रहे पानी को अब पंजाब और जम्मू-कश्मीर की नदियों में प्रवाहित किया जाएगा। हालांकि, पाकिस्तान का कहना है कि उसकी ओर आने वाला पानी रोकना संभव नहीं है। बता दें कि व्यास, सतलुज और रावी नदी का पानी भारत से होकर ही पाकिस्तान जाता है।
5-पाकिस्तान को टमाटरों की सप्लाई रोकी
भारत ने एक और बड़ा कदम उठाते हुए पाकिस्तान को भेजे जाने वाले टमाटरों को सप्लाई बंद करने का फैसला किया। भारत से बड़े पैमाने पर पाकिस्तान को टमाटर भेजे जाते हैं। टमाटर के लिए पाकिस्तान पूरी तरह से भारत पर ही निर्भर है। अब उसे दूसरे देशों से टमाटर आयात करना होगा जिसके लिए ज्यादा पैसे भी चुकाने होंगे। भारत में कई प्रमुख उत्पादकों ने पाकिस्तान को टमाटर न बेचने का फैसला लिया है। इसके चलते वहां टमाटर के दाम 180 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। टमाटर न बेचने के भारत के फैसले से पाकिस्तान में लोग बुरी तरह बौखला उठे हैं। इसे लेकर वहां के मीडिया में तरह तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कहीं रिपोर्टर अपशब्द बोल रहे हैं तो कहीं कव्वाली गायी जा रही है।
6-बड़े देशों के बीच लामबंदी
पुलवामा हमले के बाद भारत ने आक्रामक मगर सधे कदम उठाए। भारत ने अमेरिका, रूस, फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी, चीन. द. कोरिया जैसे कई बड़े देशों के सामने पुलवामा हमले और पाकिस्तान की भूमिका को उजागर किया। इन देशों ने एक सुर में पुलवामा हमले की निंदा की। रूस के राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन ने भारत का खुलकर साथ दिया। उन्होंने कहा कि हमले के जिम्मेदार लोगों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए। वहीं, इस्राइल ने भी भारत की हर संभव मदद की पेशकश की। चीन ने भी हमले की निंदा की लेकिन मसूद अजहर को आतंकी मानने से इनकार कर दिया। फ्रांस ने भी खुलकर भारत का साथ देते हुए कहा कि आतंक के खिलाफ युद्ध में वह भारत के साथ है।
7- ट्रंप ने किया समर्थन
आतंक के खिलाफ भारत की मुहिम का अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने खुलकर साथ दिया। ट्रंप ने 22 फरवरी को एक चीनी प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के बाद व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में कहा था कि कश्मीर में बहुत खतरनाक है। भारत के आत्मरक्षा के अधिकार के बारे में सवाल पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा था कि भारत किसी मजबूत कदम पर विचार कर रहा है। मेरा मतलब है कि भारत ने हमले में 50 लोगों को खोया है। इसलिए, मैं भी इस बात को समझ सकता हूं। बताया जाता है कि जैश के आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई को लेकर भारत ने अमेरिका को विश्वास में लिया था। मौजूदा समय में अमेरिका भारत का सबसे बड़ा रणनीतिक साझेदार बन गया है।
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