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मिशन पीएसएलवी सी-35: 8 खास बातें
बीबीसी
Updated Mon, 26 Sep 2016 04:13 PM IST
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मिशन पीएसएलवी
- फोटो : BBC
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सोमवार सुबह भारत का पीएसएलवी सी-35 अपने अब तक के सबसे बड़े मिशन पर निकल गया है। जानिए इसके बारे में 8 प्रमुख बातें:
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भारतीय स्पेस एजेंसी इसरो ने एक रॉकेट के जरिए सात उपग्रह या सैटेलाइट अंतरिक्ष में भेज दिए है।
अंतरिक्ष में भारत अपने और विदेशी सैटेलाइट या उपग्रह भेजता रहा है जिससे होने वाली कुल कमाई अब 12 करोड़ डॉलर पहुंच गई है।
मिशन खास इसलिए है क्योंकि ज्यादातर देश एक ही ऑरबिट या कक्षा में अपने उपग्रह पहुंचाते हैं जबकि इस बार भारत ने दो कक्षाओं में ऐसा किया है। यूरोपीय स्पेस एजेंसी के वेगा रॉकेट ने कुछ दिन पहले ऐसा मिशन सफलतापूर्वक पूरा किया था।
दो घंटे से भी ज़्यादा समय वाली पीएसएलवी की ये उड़ान अब तक की सबसे लंबी बताई जा रही है।
पीएसएलवी सी-35 अपने साथ जिन सात उपग्रहों को ले गया है उनका वजन 675 किलोग्राम बताया गया है।
पीएसएलवी के साथ गए विदेशी उपग्रहों में अमरीका का पाथफाइंडर-1, कनाडा का एनएलएस-19, अल्जीरिया के अलसैट-1बी, अलसैट-2बी और अलसैट-1एन शामिल हैं।
पीएसएलवी के साथ गए 'प्रथम उपग्रह' का निर्माण आईआईटी-मुंबई में हुआ है और इसका वज़न मात्र 10 किलोग्राम है।
पीएसएलवी के साथ बंगलुरू विश्वविद्यालय में तैयार हुआ 'पीसैट उपग्रह' भी है जिसे रिमोट सेंसिंग के लिए भेजा गया है और इसका वज़न मात्र 5।25 किलोग्राम है।
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