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अगले दो महीनों में प्रशांत महासागर में गिरेगा ISRO के नाकाम मिशन IRNSS-1H का मलबा
amarujala.com- Presented by: अभिषेक मिश्रा
Updated Thu, 07 Sep 2017 08:33 AM IST
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पिछले हफ्ते इसरो ने PSLV-C39 रॉकेट के जरिए नेविगेशन सेटेलाइट लॉन्च किया था, लेकिन किसी कारण सेटेलाइट अपनी कक्षा तक पहुंचने में सफल न हो सका। जिसके बाद अनुमान लगाया जा रहा है कि PSLV-C39 पर लगा भारतीय नेविगेशन सेटेलाइट IRNSS-1H प्रशांत महासागर में गिरेगा।
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इसरो के शीर्ष अधिकारी का कहना है कि IRNSS-1H अगले दो महीने में प्रशांत महासागर में गिर जाएगा। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक डॉ. के सिवान ने बताया कि अनुमान है कि पूरी सेटेलाइट अगले 40-60 दिनों में पृथ्वी की सीमा में प्रवेश कर जाएगी। सेटेलाइट पर हमारी नजर है, शुरुआती पड़ताल के मुताबिक सेटेलाइट प्रशांत महासागर में गिरेगा।
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उन्होंने कहा कि अभी हम सटीक स्थान के बार में तो नहीं बता सकते हैं, लेकिन अगले 5-10 दिनों में हमें उस स्थान का पता चल जाएगा, जहां सेटेलाइट का मलबा गिरेगा। उन्होंने बताया कि सेटेलाइट जैसे ही पृथ्वी की सीमा में प्रवेश करेगा, उसमें आग लग जाएगी। जिस वजह से सेटेलाइट का ज्यादातर हिस्सा जलकर खाक हो जाएगा। केवल कुछ ही हिस्से महासागर में गिरेंगे।
गौरतलब है कि इसरो ने पहली बार निजी क्षेत्र द्वारा तैयार नेविगेशन सेटेलाइट को पिछले गुरुवार शाम 7 बजे आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से पीएसएलवी सी-39 रॉकेट के जरिए लॉन्च किया था, लेकिन सेटेलाइट लॉन्च सफल नहीं हो सका। बताया जा रहा है कि कक्षा में स्थापित होने से पहले ही रॉकेट में कुछ तकनीकी खामी आ गई थी।