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भारत बंद LIVE: ममता की अगुआई में TMC भी सड़कों पर
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 28 Nov 2016 01:07 PM IST
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- फोटो : ani
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LIVE UPDATE:
-कोलकात्ता में विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बेनर्जी
-मुंबई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निकाली जन आक्रोश रैली
-TMC कार्यकर्ताओं का कोलकाता में प्रदर्शन, बड़ी संख्या में लोगों ने निकाला मार्च
-जम्मू में कांग्रेस की जन आक्रोश रैली, पुलिस ने कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया
-एम के स्टालिन और डीएमके कार्यकर्ताओं को चेन्नई ने पुलिस हिरासत में लिया
-नोटबन्दी के विरोध मे सपाइयो ने प्रधानमंत्री मोदी का पुतला फूंक कर जताया विरोध
-कांग्रेस के 'जन आक्रोश दिवस' के मुकाबले बीजेपी का 'जन आभार दिवस', नागपुर में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने काम कर रहे लोगों को मिठाइयां व फूल बांटे
-पटना में कांग्रेस कार्यकर्ताओं मे निकाली जन आक्रोश दिवस रैली
-चेन्नई में डीएमके कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
-तिरुवंतपुरम में दिखा बंद का असर, कई दुकानों में ताले
-बिहार के जहानाबाद में सीपीआई-एमएल के कार्यकर्ताओं ने हतिया-पटना एक्सप्रेस ट्रेन रोकी
-कोलकाता में भारत बंद का असर नहीं, जन जीवन सामान्य
-सपा कार्यकर्ताओं ने इलाहबाद में ट्रेन रोककर किया प्रदर्शन
-बिहार के दरभंगा जिले में सीपीआई-एमएल के कार्यकर्ताओं ने ट्रेन रोकी
-हमने भारतबंद नहीं बुलाया है, इससे लोगों को परेशानी होती, हमने इसे जन आक्रोश दिवस का नाम दिया है- गुलाम नवी आजाद, कांग्रेस
नोटबंदी पर मोदी सरकार के खिलाफ संसद में विपक्ष की एकजुटता सड़क पर बिखरती दिखाई दे रही है। एकजुट विपक्ष की सोमवार को देशव्यापी प्रदर्शन के मामले में कई विपक्षी दलों ने जहां अपने पांव पीछे खींच लिए हैं, वहीं कई दल राज्यों में एक दूसरे के खिलाफ आमने-सामने आ गए हैं।
उत्तर प्रदेश में सपा और बसपा दोनों ही उदासीन हैं, जबकि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और वाम दल आमने-सामने आ गए हैं। जदयू ने खुद को विरोध से दूर कर लिया है, जबकि बीजद और टीआरएस नोटबंदी पर पहले से ही सरकार के साथ खड़े हैं। ऐसे में सोमवार को देशव्यापी प्रदर्शन और पश्चिम बंगाल में बंद का व्यापक असर पड़ने की संभावना नहीं दिख रही है।
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संसद के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन अचानक अधिकांश विपक्षी दल मोदी सरकार के खिलाफ एकजुट हो गए थे। इसके बाद बीते हफ्ते विपक्ष के 200 से भी अधिक सांसदों ने संसद भवन परिसर में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर सोमवार को देशव्यापी प्रदर्शन की घोषणा की, लेकिन इस घोषणा के साथ ही विपक्ष में फूट का सिलसिला भी शुरू हो गया।
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-कोलकात्ता में विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बेनर्जी
-मुंबई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निकाली जन आक्रोश रैली
-TMC कार्यकर्ताओं का कोलकाता में प्रदर्शन, बड़ी संख्या में लोगों ने निकाला मार्च
-जम्मू में कांग्रेस की जन आक्रोश रैली, पुलिस ने कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया
-एम के स्टालिन और डीएमके कार्यकर्ताओं को चेन्नई ने पुलिस हिरासत में लिया
-नोटबन्दी के विरोध मे सपाइयो ने प्रधानमंत्री मोदी का पुतला फूंक कर जताया विरोध
-कांग्रेस के 'जन आक्रोश दिवस' के मुकाबले बीजेपी का 'जन आभार दिवस', नागपुर में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने काम कर रहे लोगों को मिठाइयां व फूल बांटे
-पटना में कांग्रेस कार्यकर्ताओं मे निकाली जन आक्रोश दिवस रैली
-चेन्नई में डीएमके कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
-तिरुवंतपुरम में दिखा बंद का असर, कई दुकानों में ताले
-बिहार के जहानाबाद में सीपीआई-एमएल के कार्यकर्ताओं ने हतिया-पटना एक्सप्रेस ट्रेन रोकी
-कोलकाता में भारत बंद का असर नहीं, जन जीवन सामान्य
-सपा कार्यकर्ताओं ने इलाहबाद में ट्रेन रोककर किया प्रदर्शन
-बिहार के दरभंगा जिले में सीपीआई-एमएल के कार्यकर्ताओं ने ट्रेन रोकी
-हमने भारतबंद नहीं बुलाया है, इससे लोगों को परेशानी होती, हमने इसे जन आक्रोश दिवस का नाम दिया है- गुलाम नवी आजाद, कांग्रेस
नोटबंदी पर मोदी सरकार के खिलाफ संसद में विपक्ष की एकजुटता सड़क पर बिखरती दिखाई दे रही है। एकजुट विपक्ष की सोमवार को देशव्यापी प्रदर्शन के मामले में कई विपक्षी दलों ने जहां अपने पांव पीछे खींच लिए हैं, वहीं कई दल राज्यों में एक दूसरे के खिलाफ आमने-सामने आ गए हैं।
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उत्तर प्रदेश में सपा और बसपा दोनों ही उदासीन हैं, जबकि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और वाम दल आमने-सामने आ गए हैं। जदयू ने खुद को विरोध से दूर कर लिया है, जबकि बीजद और टीआरएस नोटबंदी पर पहले से ही सरकार के साथ खड़े हैं। ऐसे में सोमवार को देशव्यापी प्रदर्शन और पश्चिम बंगाल में बंद का व्यापक असर पड़ने की संभावना नहीं दिख रही है।
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संसद के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन अचानक अधिकांश विपक्षी दल मोदी सरकार के खिलाफ एकजुट हो गए थे। इसके बाद बीते हफ्ते विपक्ष के 200 से भी अधिक सांसदों ने संसद भवन परिसर में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर सोमवार को देशव्यापी प्रदर्शन की घोषणा की, लेकिन इस घोषणा के साथ ही विपक्ष में फूट का सिलसिला भी शुरू हो गया।
Bihar: CPI(ML) workers in Darbhanga stop train in protest against #DeMonetisation
— ANI (@ANI_news) November 28, 2016
We have not called for #BharatBandh , as it causes inconvenience to people, we called for Jan akrosh divas: GN Azad,Congress #DeMonetisation pic.twitter.com/jyPLLTpUzW
— ANI (@ANI_news) November 28, 2016
बंगाल में 12 घंटे के बंद की घोषणा
नोटबंदी
- फोटो : Getty Images
सबसे पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इससे जदयू के अलग रहने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जदयू सरकार के नोटबंदी के फैसले के साथ है। उन्होंने कहा कि जदयू का विरोध लोगों को हो रही असुविधा को लेकर है। बसपा और सपा ने भी भारत बंद के प्रति अपनी ओर से कोई उत्साह नहीं दिखाया है।
इसके बाद पश्चिम बंगाल में वाम दलों ने राज्य में 12 घंटे के बंद की घोषणा कर दी। इससे तिलमिलाई पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र की बजाय वाम दलों के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया। उन्होंने लोगों को हो रही तकलीफों का हवाला देते हुए वाम दल के बुलाए गए बंद का विरोध कर दिया।
तृणमूल कांग्रेस सोमवार को नोटबंदी के खिलाफ विरोध जुलूस निकालेगी। इसके साथ ही राज्य सरकार ने 28 व 29 नवंबर को किसी भी कर्मचारी की छुट्टी मंजूर नहीं करने का फैसला किया है। इन दोनों दिन दफ्तर नहीं आने वालों का एक दिन का वेतन काट लिया जाएगा। इस पर माकपा ने सवाल किया है कि क्या ममता की रैली में शामिल होने वाले कर्मचारियों का भी वेतन काटा जाएगा।
उधर, प्रदेश कांग्रेस ने भी बंद का समर्थन नहीं किया है। पार्टी ने सोमवार को आक्रोश दिवस मनाने का फैसला किया है।
इसके बाद पश्चिम बंगाल में वाम दलों ने राज्य में 12 घंटे के बंद की घोषणा कर दी। इससे तिलमिलाई पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र की बजाय वाम दलों के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया। उन्होंने लोगों को हो रही तकलीफों का हवाला देते हुए वाम दल के बुलाए गए बंद का विरोध कर दिया।
तृणमूल कांग्रेस सोमवार को नोटबंदी के खिलाफ विरोध जुलूस निकालेगी। इसके साथ ही राज्य सरकार ने 28 व 29 नवंबर को किसी भी कर्मचारी की छुट्टी मंजूर नहीं करने का फैसला किया है। इन दोनों दिन दफ्तर नहीं आने वालों का एक दिन का वेतन काट लिया जाएगा। इस पर माकपा ने सवाल किया है कि क्या ममता की रैली में शामिल होने वाले कर्मचारियों का भी वेतन काटा जाएगा।
उधर, प्रदेश कांग्रेस ने भी बंद का समर्थन नहीं किया है। पार्टी ने सोमवार को आक्रोश दिवस मनाने का फैसला किया है।
जनता सरकार के साथ : भाजपा
नोटबंदी पर जनता के सरकार के साथ होने का दावा करते हुए भाजपा ने रविवार को कहा कि उसे पूरा विश्वास है कि सोमवार को कुछ पार्टियों द्वारा आयोजित होने वाला विरोध प्रदर्शन और पश्चिम बंगाल में बंद पूरी तरह से असफल रहेगा।
पार्टी ने कहा है कि नोटबंदी का विरोध करने वाली कांग्रेस अब पीछे हट रही है। नोटबंदी के फैसले का विरोध करने वाली विपक्षी पार्टियों पर हमला बोलते हुए केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने कहा कि पूरा देश इस मुद्दे पर सरकार के साथ है। सिर्फ कुछ पार्टियां हैं जो प्रदर्शन और बंद का समर्थन कर रही हैं।
मंत्री ने कहा कि शुरुआत में नोटबंदी का पुरजोर विरोध करने वाली कई पार्टियां भी अब डर से नरम पड़ती दिख रही हैं। सुप्रियो ने कहा कि प्रदर्शन और बंद के दौरान किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।
पार्टी ने कहा है कि नोटबंदी का विरोध करने वाली कांग्रेस अब पीछे हट रही है। नोटबंदी के फैसले का विरोध करने वाली विपक्षी पार्टियों पर हमला बोलते हुए केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने कहा कि पूरा देश इस मुद्दे पर सरकार के साथ है। सिर्फ कुछ पार्टियां हैं जो प्रदर्शन और बंद का समर्थन कर रही हैं।
मंत्री ने कहा कि शुरुआत में नोटबंदी का पुरजोर विरोध करने वाली कई पार्टियां भी अब डर से नरम पड़ती दिख रही हैं। सुप्रियो ने कहा कि प्रदर्शन और बंद के दौरान किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।
पटना में ममता के धरने से भी दूर रहेगा जदयू
फाइल फोटो
- फोटो : social media
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नोटबंदी के खिलाफ 30 नवंबर को पटना में धरना देने का ऐलान किया है। जदयू ने इस धरने से भी दूर रहने का फैसला किया है। जदयू महासचिव केसी त्यागी ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी नोटबंदी के खिलाफ किसी भी धरना और विरोध प्रदर्शन का हिस्सा नहीं बनेगी।
संविधान व लोकतंत्र का अपमान करे रहे पीएम : अन्नाद्रमुक
तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी अन्नाद्रमुक ने नोटबंदी के मुद्दे पर संसद में नहीं बोलने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की है। पार्टी ने कहा है कि संसद में जवाब न देकर पीएम संविधान और लोकतंत्र का अपमान कर रहे हैं। पार्टी ने कहा है कि नोटबंदी में कई खामियां हैं और इसके बल पर काले धन को समाप्त करने का भाजपा का दावा रेगिस्तान में बाल्टी से पानी डालकर खेती करने के समान है।
संविधान व लोकतंत्र का अपमान करे रहे पीएम : अन्नाद्रमुक
तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी अन्नाद्रमुक ने नोटबंदी के मुद्दे पर संसद में नहीं बोलने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की है। पार्टी ने कहा है कि संसद में जवाब न देकर पीएम संविधान और लोकतंत्र का अपमान कर रहे हैं। पार्टी ने कहा है कि नोटबंदी में कई खामियां हैं और इसके बल पर काले धन को समाप्त करने का भाजपा का दावा रेगिस्तान में बाल्टी से पानी डालकर खेती करने के समान है।