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आंदोलन और तेज करने की तैयारी में प्रदर्शनकारी किसान, आठ दिसंबर को रहेगा भारत बंद
Fri, 04 Dec 2020 07:57 PM IST
दीप्ति मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीप्ति मिश्रा
Updated Fri, 04 Dec 2020 07:57 PM IST
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किसान आंदोलन
- फोटो : पीटीआई
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नए कृषि सुधार कानून को लेकर किसानों का हो रहा विरोध प्रदर्शन अब और भी ज्यादा अक्रामक होने वाला है। किसाना संगठनों ने शुक्रवार को आठ दिसंबर को ‘भारत बंद’ की घोषणा की है। किसान संगठन के नेताओं ने कहा कि आठ दिसंबर को किसान टोल प्लाजा पर भी कब्जा करेंगे। साथ ही कहा कि एमएसपी पर सरकार से बात चल रही है लेकिन हम तीनों कानून वापस करवा कर रहे हैं। यदि ऐसा नहीं हुआ तो हम आंदोलन को और तेज करेंगे।
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किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यदि केंद्र सरकार शनिवार की वार्ता के दौरान उनकी मांगों को स्वीकार नहीं करती है, तो वे नए कृषि कानूनों के खिलाफ अपने आंदोलन को तेज करेंगे। एक अन्य किसान नेता हरविंदर सिंह लखवाल ने कहा, ''आज की हमारी बैठक में, हमने आठ दिसंबर को 'भारत बंद' का आह्वान करने का फैसला किया है, जिस दौरान हम सभी टोल प्लाजा पर भी कब्जा कर लेंगे।''
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कहा, दिल्ली की शेष सड़कें अवरुद्ध करेंगे
हरविंदर सिंह ने कहा कि यदि इन कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया गया, तो हमने आने वाले दिनों में दिल्ली की शेष सड़कों को अवरुद्ध करने की योजना बनाई है।
दिल्ली के बॉर्डर बिंदुओं पर पंजाब, हरियाणा और अन्य राज्यों के किसानों का प्रदर्शन लगातार नौ दिनों से जारी है। किसान नेताओं और सरकार के बीच गुरुवार को हुई बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकल सका था।
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प्रदर्शनकारी किसानों को आशंका है कि केंद्र सरकार के कृषि संबंधी कानूनों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की व्यवस्था समाप्त हो जाएगी और किसानों को बड़े औद्योगिक घरानों की अनुकंपा पर छोड़ दिया जाएगा।
सरकार लगातार कह रही है कि नए कानून किसानों को बेहतर अवसर प्रदान करेंगे और इनसे कृषि में नई तकनीकों की शुरूआत होगी। किसानों और सरकार के बीच शनिवार को पांचवें दौर की बातचीत होनी है।