CAPF: अर्धसैनिक बलों की 'ओपीएस' सहित लंबित मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, प्रधानमंत्री को सौंपा ज्ञापन
केंद्रीय बलों के जवानों और उनके परिजनों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए जिला स्तर पर डिस्पेंसरी खोलने की मांग की गई। सेना की तर्ज पर सीएपीएफ में 'एक्स मैन' का दर्जा देने और झंडा दिवस कोष की स्थापना करना, इसे भी मांग पत्र में शामिल किया गया है।
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अलॉइंस ऑफ ऑल एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले रविवार को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान केंद्रीय बलों में ओपीएस बहाली सहित दूसरी लंबित पड़ी मांगों को पूरा करने के लिए सरकार से आग्रह किया गया। एसोसिएशन की ओर से इस बाबत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
प्रदर्शन स्थल पर देश के लिए जान कुर्बान करने वाले जवानों के आश्रितों, वीरांगनाओं/वीर नारियों का सम्मान किया गया। शहीद हुए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवानों की याद में दो मिनट का मौन रख कर उनकी शहादत को नमन किया गया। अलॉइंस के अध्यक्ष पूर्व एडीजी एचआर सिंह ने पुरानी पेंशन बहाली, अर्ध सैनिक झंडा दिवस कोष व राज्यों में अर्धसैनिक कल्याण बोर्डों की मांग दोहराई। पैरा मिलिट्री सर्विस पे और वन रैंक वन पेंशन देने के लिए प्रधानमंत्री से गुहार लगाई। तेलंगाना, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से आए प्रतिनिधियों ने सीआईएसएफ जवानों को सीएलएमएस मदिरा सुविधा देने की मांग उठाई।
केंद्रीय बलों के जवानों और उनके परिजनों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए जिला स्तर पर डिस्पेंसरी खोलने की मांग की गई। सेना की तर्ज पर सीएपीएफ में 'एक्स मैन' का दर्जा देने और झंडा दिवस कोष की स्थापना करना, इसे भी मांग पत्र में शामिल किया गया है।
महासचिव रणबीर सिंह ने कहा, इस कोष को स्थापित करने में कोई बजटीय प्रावधान करने की जरूरत नहीं है। आम भारतीय, स्वेच्छा से उपरोक्त कोष में दान देंगे। ऑपरेशन के दौरान अपंग हुए सैनिकों, जरूरतमंद जवानों के कल्याण, पुनर्वास और बेहतर शिक्षा स्वास्थ्य के लिए दान में मिली धनराशि का सदुपयोग किया जा सकेगा।
जंतर-मंतर पर आयोजित धरना प्रदर्शन में केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़, राजस्थान, गुजरात, पंजाब, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, हिमाचल और जम्मू कश्मीर से सैंकड़ों पूर्व अर्धसैनिकों ने हिस्सा लिया।