ध्यान रखें: बार-बार पेशाब आने लगे तो उसे प्रोस्टेट कैंसर की संभावना हो सकती है
- प्रति एक लाख पुरुषों में यह केवल नौ या दस लोगों को प्रोस्टेट कैंसर होने की संभावना
- अमेरिकी पुरुषों में भारतीय पुरुषों की अपेक्षा प्रोस्टेट कैंसर होने की संभावना ज्यादा
- दिल्ली में 6.78 फीसदी बीमारियां प्रोस्टेट कैंसर की वजह से
- हर साल प्रोस्टेट कैंसर के 25966 मामले सामने आते हैं। 2020 तक इन मामलों की संख्या दोगुनी हो सकती है।
- सितंबर महीने को प्रोस्टेट कैंसर जागरुकता महीने के रुप में मनाया जाता है
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विस्तार
पेशाब करना हर प्राणी जीव के लिए बेहद एक आवश्यक शारीरिक क्रिया है। जिसके जरिए कई अपशिष्ट पदार्थ शरीर के बाहर निकाले जाते हैं। लेकिन अगर किसी पुरुष, खासकर उसकी उम्र 50 साल से ज्यादा हो गई है, और उसे असामान्य तरीके से बार-बार पेशाब आने लगे तो उसे प्रोस्टेट कैंसर होने की संभावना हो सकती है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
तीसरे या चौथे चरण में सर्जरी की जरुरत
डॉक्टर राम के मुताबिक पचास वर्ष से ऊपर के लोगों को अगर पेशाब करने या शुरु करने में परेशानी हो, या शुरु होने के बाद रुकती न हो, धार काफी पतली हो तो ऐसे लक्षण व्यक्ति को प्रोस्टेट कैंसर की संभावना हो सकती है। अगर रात में भी बार-बार पेशाब लगे तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए। अगर प्रोस्टेट कैंसर की पहचान हो जाती है तो प्राथमिक स्तर पर इसका दवाइयों से इलाज हो सकता है। अगर कैंसर तीसरे या चौथे चरण में पहुंच गया है, तो सर्जरी करने की जरुरत पड़ती है। रोबोटिक सर्जरी से अब यह आसान हो गया है।
पुरुषों में मिलने वाला दूसरा सबसे बड़ा कैंसर
सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टर अनूप कुमार का कहना है कि यह पुरुषों में पाया जाने वाला दूसरा सबसे बड़ा कैंसर है। सामान्य रुप से हमारे देश में बीमारी से पूर्व परीक्षण को बहुत ज्यादा लोकप्रियता नहीं मिली है, यही कारण है कि जब तक मरीज उनके पास आते हैं, वे दूसरे, तीसरे या कभी-कभी चौथे चरण में पहुंच चुके होते हैं। लेकिन ज्यादा विषम परिस्थितियों को छोड़कर, सामान्य स्थिति में अब इसका इलाज कर लिया जाता है।
क्या है प्रोस्टेट
केवल पुरुषों के शरीर में मिलने वाली प्रोस्टेट एक बहुत आवश्यक ग्रंथि है। यह मूत्राशय के ठीक नीचे रहता है। यह जेनिटो-यूरिनरी सिस्टम का हिस्सा होती है। यह शुक्राणुओं को पोषण प्रदान करने वाले प्रोस्टेटिक द्रव का उत्पादन करता है। समय के साथ इसमें कैंसर, सूजन या बिनाइन प्रोस्टेटिक हाइपरप्लासिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
प्रोस्टेट कैंसर से जुड़ी कुछ जानकारियां-
यह कैंसर का ऐसा मामला है जिसमें केवल ब्लड टेस्ट से यह पता लगाया जा सकता है कि किसी पुरुष में प्रोस्टेट कैंसर है या नहीं। उसके इलाज के दौरान भी यह पता लगाया जा सकता है कि मरीज की हालत में कितना सुधार हो रहा है।
प्रोस्टेट कैंसर से बचने के लिए डॉक्टरों की सलाह
पुरुषों को 50 वर्ष की उम्र के बाद या जब उन्हें पेशाब करने में ज्यादा परेशानी महसूस होने लगे, उन्हें चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए। चिकित्सक की सलाह पर पीएसए टेस्ट कराना चाहिए। अगर परिवार में प्रोस्टेट कैंसर का इतिहास रहा है, तो 40 साल की उम्र के बाद नियमित अंतराल पर पीएसए टेस्ट कराते रहना चाहिए।
- लंबी यात्राओं के पहले और यात्रा के दौरान ज्यादा पानी पीने से बचना चाहिए।
- रात में पेशाब करने के लिए बार-बार उठने से बचने के लिए शाम को सोते समय कम पानी का उपयोग करना चाहिए।
- प्रोस्टेट का पता चलने के बाद चाय, काफी और शराब जैसे उन पेय पदार्थों के उपयोग से बचना चाहिए जो लोगों को ज्यादा पेशाब करने के लिए प्रेरित करते हैं।
- हर सप्ताह कम से कम दो-तीन दिन शारीरिक एक्सरसाइज करना चाहिए क्योंकि शारीरिक गतिविधि कम होने से भी पेशाब करने में परेशानी होती है।
- ऐसे मरीज को केजिल एक्सरसाइज करना चाहिए और उकड़ू बैठकर पेशाब करने की कोशिश करनी चाहिए।
- संतुलित, पौष्टिक और विविध हरे सब्जियों से युक्त भोजन लेना चाहिए।