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स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से ऊंचा होगा आंध्र प्रदेश भवन, सरकार ने ब्लूप्रिंट किया फाइनल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरावती
Updated Fri, 23 Nov 2018 08:17 AM IST
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आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायडू और भाजपा के बीच तनातनी कम होने का नाम नहीं ले रही है। दोनों के बीच तनाव केवल सियासत तक सीमित नहीं रहा है अब इसने एक नया मोड़ ले लिया है। दरअसल, नायडू अमरावती में प्रस्तावित राज्य की विधानसभा को 250 मीटर की ऊंचाई वाला बनाना चाहते हैं। जबकि भाजपा द्वारा सरदार सरोवर बांध से 3.2 किलोमीटर की दूरी पर नर्मदा नदी के टापू पर बनाए गए सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा की ऊंचाई 182 मीटर है (597 फीट) है।
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नायडू ने विधानसभा के डिजायन को कुछ बदलावों के बाद लगभग फाइनल कर लिया है। इसके ब्लूप्रिंट को सरकार के पास ब्रिटेन बेस्ड एक आर्किटेक्ट जमा करवाने वाला है। विधानसभा में तीन फ्लोर होंगे और एक आकाश को छूता हुआ 250 मीटर ऊंचा गुंबद होगा। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की बात करें तो यह केवल देश नहीं बल्कि दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है। इससे पहले यह तमगा स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी के पास था। इसकी ऊंचाई इतनी है कि इसे अंतरिक्ष से भी देखा जा सकता है।
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बता दें कि पीएम मोदी ने ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का 31 अक्टूबर को अनावरण किया था। इससे पहले 17 किलोमीटर लंबी फूलों की घाटी का उद्घाटन किया। साथ ही उन्होंने प्रतिमा के पास पर्यटकों के लिए तंबुओं के शहर और पटेल के जीवन पर आधारित संग्रहालय का भी लोकार्पण किया। प्रतिमा के भीतर 135 मीटर की ऊंचाई पर गैलरी बनाई गयी है, जिससे पर्यटक बांध और पास की पर्वत शृंखला का दीदार कर सकेंगे।
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सरदार पटेल की इस प्रतिमा की ऊंचाई स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से दोगुनी है। प्रतिमा की निर्माण का सरदार सरोवर बांध के पास साधु बेट पर किया गया गया है। मूर्ति के निर्माण में 70,000 टन सीमेंट, 18,500 टन मजबूत लोहा, 6,000 टन स्टील और 1,700 मीट्रिक टन कांसे का प्रयोग किया गया है। इस प्रतिमा को बनाने के लिए करीब 2979 करोड़ रुपये खर्च हुए, जिसमें से अधिकांश पैसा गुजरात सरकार ने दिए थे।