Prophet Row: नुपुर के पक्ष में पोस्ट पर दो की हत्या तो एक को घर छोड़ना पड़ा, जानें इन मामलों में अब तक क्या हुआ?
तीनों ही मामले पैगम्बंर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी से जुड़े हैं। तीनों ही मामलों में पीड़ित पक्ष ने नुपुर शर्मा के पक्ष में सोशल मीडिया पोस्ट किए थे। पोस्ट के बाद तीनों को ही धमकियां मिलनी शुरू हुईं।
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उदयपुर में हुए बर्बर हत्याकांड के बाद इसी तरह का मामला अमरावती में भी सामने आया। दोनों जगह जिन लोगों की हत्या की गई उन्होंने पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी करने वाली भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नुपुर शर्मा के पक्ष में सोशल मीडिया पोस्ट किए थे। वहीं, इसी तरह की पोस्ट करने वाले नागपुर के एक युवक को घर छोड़ना पड़ा।
आइये जानते हैं तीनों मामलों में क्या समानता है? तीनों शहरों में सोशल मीडिया पोस्ट के बाद क्या-क्या हुआ? इन मामलों में पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
तीनों मामलों में क्या समानता है?
तीनों ही मामले पैगम्बंर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी से जुड़े हैं। तीनों ही मामलों में पीड़ित पक्ष ने नुपुर शर्मा के पक्ष में सोशल मीडिया पोस्ट किए थे। पोस्ट के बाद तीनों को ही धमकियां मिलनी शुरू हुईं। अमरावती और उदयपुर में जहां पोस्ट करने वालों की हत्या कर दी गई। वहीं, नागपुर में पोस्ट करने वाले को अपना घर छोड़ना पड़ा।
अमरावती में क्या हुआ?
महाराष्ट्र के अमरावती में 21 जून को एक 54 साल के केमिस्ट की हत्या कर दी गई। उदयपुर में हुए हत्याकांड के बाद एक हफ्ते पहले हुआ ये मामला भी तूल पकड़ने लगा। गृह मंत्रालय ने इस मामले की जांच भी एनआईए को सौंपी गई है। मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि अमरावती में हुई केमिस्ट उमेश कोल्हे की हत्या की जांच एनआईए करेगी।
कैसे और क्यों हुई थी उमेश की हत्या?
उमेश पर भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नुपुर शर्मा के पक्ष में वॉट्सअप मैसेज करने का आरोप था। 21 जून की रात उमेश अपनी केमिस्ट शॉप से वापस लौट रहे थे। रास्ते में तीन लोगों उनकी बाइक रोककर उनकी हत्या कर दी। दूसरी बाइक से उनकी पत्नी और बेटा भी आ रहा था, लेकिन दोनों उमेश को नहीं बचा पाए। अमरावती के डिप्टी कमिश्नर विक्रम साली के मुताबिक उमेश द्वारा नुपुर शर्मा को लेकर किए पोस्ट की वजह से आरोपियों ने उनकी हत्या की।
अब तक कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
मंगलवार को ही एक नया सीसीटीवी वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में आरोपी दिखाई दे रहे हैं। अब तक गिरफ्तार सात आरोपियों से एनआईए के अधिकारियों द्वारा पूछताछ की जा रही है। मामले में आठ नामजद आरोपियों के अलावा और कितने लोग शामिल हैं, एनआईए इसका भी पता लगाने की कोशिश कर रही है। क्या उदयपुर में हुई हत्या का इस हत्याकांड से कोई संबंध है, इसका पता लगाने की एनआईए कोशिश कर रही है।
उदयपुर में हुए हत्या के बाद क्यों सुर्खियों में आया अमरावती का मामला?
अमरावती हत्याकांड उदयपुर में हुई हत्या से पांच दिन पहले का है। हत्या के बाद पुलिस ने लूट के इरादे से कई हत्या के रूप में केस दर्ज किया था। उदयपुर में भी उसी अंदाज में हुई हत्या के बाद मामला तूल पकड़ने लगा। जांच एनआईए के पास पहुंची। एनआईए ने जांच में बताया कि हत्या के बाद कुछ भी चोरी नहीं हुआ था।
उदयपुर में क्या हुआ था?
राजस्थान के उदयपुर में 28 जून को एक दर्जी की हत्या कर दी गई। हत्यारों ने दिनदहाड़े भरे बाजार में कन्हैयालाल नाम के दर्जी का गला रेत दिया। आरोपियों ने हत्या का लाइव वीडियो भी बनाया। हत्या के बाद इन लोगों ने वीडियो बनाकर अपना गुनाह भी कबूल किया। कन्हैयालाल ने भी भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नुपुर शर्मा के बयान के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई थी।
कन्हैलाल की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर दो वीडियो भी वायरल हुए थे। एक हत्या का लाइव वीडियो था, जिसमें कन्हैलाल पर गड़ासे से वार करते आरोपी दिखाई दे रहा है। वहीं, दूसरे वीडियो में दो लोग हत्या की जिम्मेदारी लेते दिख रहे थे। साथ ही, हत्या में इस्तेमाल गड़ासा भी दिखा रहे थे।
नागपुर में क्या हुआ?
22 साल के एक युवक ने सोशल मीडिया पर नुपुर शर्मा के समर्थन में एक पोस्ट किया। इसके बाद उसके परिवार को धमकियां मिलने लगीं। धमकी मिलने के बाद युवक ने पोस्ट डिलीट कर दी। उसने अपनी पोस्ट के लिए माफी भी मांगी। हालांकि, इसके बाद भी धमकी मिलने का सिलसिला नहीं रुका। जब युवक की तस्वीर पर क्रॉस लगाकर शेयर किया जाने लगा तो युवक नागपुर छोड़कर किसी अज्ञात जगह चला गया। ये घटना उदयपुर और अमरावती में हुई घटना से भी पहले हुई।
परिवार के मुताबिक 14 जून को युवक ने नुपुर से समर्थन में पोस्ट किया था। इसके बाद धमकी भरे फोन और मैसेज आने लगे तो परिवार ने युवक से पोस्ट डिलीट करवाई। माफी का पोस्ट भी कराया। इसके बाद भी धमकियां मिलने पर इसकी शिकायत पुलिस से की। शिकायत के बाद कुछ पुलिसवालों घर पर सुरक्षा के लिए भी तैनात हुए। करीब 7 दिन तक पुलिसवाले सुरक्षा के लिए घर के बाहर बैठते रहे। उयपुर हत्याकांड के बाद डरे हुए परिवार ने युवक के शहर से बाहर भेज दिया।