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Supreme Court: नगालैंड नागरिक हत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सैन्य अफसरों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही पर रोक
Fri, 22 Jul 2022 06:13 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 22 Jul 2022 06:13 AM IST
सार
पीठ ने मामले में कथित तौर पर शामिल सैन्य अधिकारियों की पत्नियों द्वारा दायर दो याचिकाओं पर केंद्र, नगालैंड सरकार और अन्य को नोटिस भी जारी किया।
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Supreme Court
- फोटो : ANI
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने 2021 में नगालैंड के मोन जिले के ओटिंग-तिरू इलाके में सेना के असफल ऑपरेशन के सिलसिले में 21 पैरा स्पेशल फोर्स के 30 अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगा दी है। इस ऑपरेशन में 13 आम लोगों की जान चली गई थी।
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जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस वी रामसुब्रमण्यम की पीठ ने कहा, सशस्त्र बल (विशेष 4 अधिकार) अधिनियम, 1958 की धारा-6 के तहत आवश्यक पूर्व मंजूरी प्राप्त नहीं की गई है।
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पीठ ने मामले में कथित तौर पर शामिल सैन्य अधिकारियों की पत्नियों द्वारा दायर दो याचिकाओं पर केंद्र, नगालैंड सरकार और अन्य को नोटिस भी जारी किया। याचिकाओं में नगालैंड पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी और राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी के निष्कर्षों को रद्द करने की मांग की गई है।
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नगालैंड पुलिस ने मामले में 21 पैरा स्पेशल फोर्स के कम से कम 30 सदस्यों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। चार्जशीट में जवानों के दल पर हत्या और गैर इरादतन हत्या का आरोप लगाया गया है।