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West Bengal: 60 के दशक बना पर्यटकों का पसंदीदा लॉज जलकर खाक, जांच के लिए चार सदस्यीय टीम का गठन
Thu, 20 Jun 2024 03:33 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: श्वेता महतो
Updated Thu, 20 Jun 2024 03:33 PM IST
सार
मुख्य वन्यजीव वार्डन देबल रॉय ने बताया कि बंगलो के सभी आठ कमरे जलकर खाक हो गए। केवल संरचना को सहारा देने वाले कंक्रीट के खंभे ही बचे हैं। यह एक दुखद दृश्य है।
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होलोंग बंगला
- फोटो : ANI
विस्तार
पश्चिम बंगाल के जलदापारा अभयारण्य में प्रसिद्ध होलोंग बंगले में भीषण आग लग गई। इस विनाशकारी आग की जांच के लिए चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है। ये समिति जल्द ही घटनास्थल का दौरा करेगी। राज्य वन मंत्री बीरबाहा हांसदा ने इसकी जानकारी दी।
बीरबाहा हांसदा ने कहा, "हमारे दो वरिष्ठ वन अधिकारी कल से वहां हैं। आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए चार सदस्यीय टीम एक या दो दिन के भीतर अलीपुरद्वार जिले में घटनास्थल पर पहुंचकर निरीक्षण करेगी।" उन्होंने आगे कहा, "मैं शनिवार को वहां जाऊंगा।"
मुख्य वन्यजीव वार्डन देबल रॉय ने बताया कि बंगलो के सभी आठ कमरे जलकर खाक हो गए। केवल संरचना को सहारा देने वाले कंक्रीट के खंभे ही बचे हैं। यह एक दुखद दृश्य है। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट हो सकता है, लेकिन फॉरेंसिक रिपोर्ट में कारण स्पष्ट होगा। एक अन्य वन अधिकारी ने कहा कि विभाग की तरफ से फालाकाटा पुलिस स्टेशन में आग लगने की शिकायत दर्ज कराई गई है। उन्होंने कहा, "पुलिस को रिपोर्ट करना नियमित है। वे भी अपनी जांच करेंगे।"
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60 के दशक में अपनी स्थापना के बाद यह पर्यटकों का पसंदीदा लॉज था। इसे बाद में पुनर्निर्मित किया गया था, लेकिन मंगलवार को यह खाक में बदल गया। 15 जून को मानसून की शुरूआत के साथ पर्यटक सत्र समाप्त हो गया और बंगले को बंद कर दिया गया। हालांकि, इस हादसे में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है। वन मंत्री बीरबाहा हांसदा ने कहा कि यह बंगाल की संपत्ति थी। लोगों की भावनाएं इससे जुड़ी थी।
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बीरबाहा हांसदा ने कहा, "हमारे दो वरिष्ठ वन अधिकारी कल से वहां हैं। आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए चार सदस्यीय टीम एक या दो दिन के भीतर अलीपुरद्वार जिले में घटनास्थल पर पहुंचकर निरीक्षण करेगी।" उन्होंने आगे कहा, "मैं शनिवार को वहां जाऊंगा।"
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मुख्य वन्यजीव वार्डन देबल रॉय ने बताया कि बंगलो के सभी आठ कमरे जलकर खाक हो गए। केवल संरचना को सहारा देने वाले कंक्रीट के खंभे ही बचे हैं। यह एक दुखद दृश्य है। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट हो सकता है, लेकिन फॉरेंसिक रिपोर्ट में कारण स्पष्ट होगा। एक अन्य वन अधिकारी ने कहा कि विभाग की तरफ से फालाकाटा पुलिस स्टेशन में आग लगने की शिकायत दर्ज कराई गई है। उन्होंने कहा, "पुलिस को रिपोर्ट करना नियमित है। वे भी अपनी जांच करेंगे।"
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60 के दशक में अपनी स्थापना के बाद यह पर्यटकों का पसंदीदा लॉज था। इसे बाद में पुनर्निर्मित किया गया था, लेकिन मंगलवार को यह खाक में बदल गया। 15 जून को मानसून की शुरूआत के साथ पर्यटक सत्र समाप्त हो गया और बंगले को बंद कर दिया गया। हालांकि, इस हादसे में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है। वन मंत्री बीरबाहा हांसदा ने कहा कि यह बंगाल की संपत्ति थी। लोगों की भावनाएं इससे जुड़ी थी।