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राहुल की लाइफ में है प्रियंका का इम्पोर्टेंट रोल, महाधिवेशन में संभाला ये सब मुश्किल काम

Sat, 17 Mar 2018 11:25 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 17 Mar 2018 11:25 PM IST
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Priyanka Gandhi is the architect of Congress President Rahul Gandhi, this role in Plenary Session

कांग्रेस पार्टी के 84वें महाधिवेशन के लिए सुबह से ही इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में कांग्रेसी कार्यकर्ता डट गए। कांग्रेस अधिवेशन में आने वाले हर किसी की तमन्ना यही दिखी कि राहुल देश के अगले प्रधानमंत्री बनें। बहन प्रियंका गांधी भी अपने भाई राहुल गांधी को देश का सबसे प्रभावशाली राजनेता बनता हुआ देखना चाहती हैं।

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प्रियंका कांग्रेस अध्यक्ष के लोकसभा क्षेत्र अमेठी और मां सोनिया गांधी के लोकसभा क्षेत्र रायबरेली को लेकर सक्रिय रहती हैं। वह उ.प्र. में कांग्रेस की मजबूत जड़े देखने के लिए तत्पर रहती हैं। प्रियंका अखिलेश यादव-डिंपल यादव से भी बात करती हैं और कभी पार्टी के रणनीतिकार प्रशांत किशोर से हर रोज अपडेट लेना नहीं भूलती थीं। यह वहीं प्रियंका हैं जो राहुल गांधी को कांग्रेस उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दिए जाने से कुछ घंटे पहले जयपुर के कांग्रेस के अधिवेशन में पहुंचती हैं। 
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प्रियंका अहम मौकों पर राहुल गांधी के भाषण की स्क्रिप्ट देखने, उसमें बदलाव करने, सुझाव देने के लिए तत्पर रहती हैं। इतना ही नहीं कांग्रेस पार्टी के महासचिवों, नेताओं के साथ चर्चा करने से भी नहीं चूकतीं। वह यूपीए चेयरपर्सन का दिन में एक बार हाल-चाल लेना, आए दिन समय बिताना और राहुल गांधी और अपनी मां के बीच में सेतु का काम करने की जिम्मेदारी निभाती हैं।

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राहुल की लाइफ में प्रियंका का रोल

Priyanka Gandhi is the architect of Congress President Rahul Gandhi, this role in Plenary Session
विश्वस्तरीय सलाहकार

प्रियंका गांधी वाड्रा भाई और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की सबसे विश्वस्त सलाहकार हैं। उनकी बात को राहुल गांधी आसानी से मना नहीं कर पाते। सोनिया गांधी भी प्रियंका की राय को बराबर का महत्व देती हैं, लेकिन प्रियंका इन सबके बावजूद हमेशा चर्चा से दूर रहना चाहती हैं। वह भाई और मां के लिए प्रचार करती हैं, दोनों के लोकसभा क्षेत्र में कार्यों की निगरानी करती हैं। 

राहुल गांधी से जुड़े हर पक्ष को लेकर वह बेहद संवेदनशील रहती हैं। प्रियंका की यह सक्रियता कोई आज से नहीं है। वह सांसद बनने के लिए चुनाव मैदान में उतरे राहुल गांधी से लेकर संसद में पहली बार बोलने के लिए खड़े हुए राहुल गांधी को देखने के लिए भी तत्पर रही हैं। कुल मिलाकर वह राहुल के पक्ष में अपने हर प्रयास को आगे बढ़ाती हैं और इसके बाद वह अपनी निजी जिंदगी जीती हैं।

कांग्रेस में प्रियंका की भागीदारी

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84वें महाधिवेशन में प्रियंका

कांग्रेस के 84वें महाधिवेशन में पर्दे के पीछे प्रियंका लगातार सक्रिय हैं। वह सामने नहीं आती लेकिन हर तैयारी का जायजा लेकर मुतमईन हुई हैं। वह 16 मार्च को भी स्टेडियम में थी। प्रियंका लाईट, साऊंड, पोस्टर, बैनर, स्क्रीन सब पर अपनी नजर बनाए हुए हैं। बताते हैं की दो पिलर पर धूल थी तो प्रियंका उसे हटवाया और जहां जो अटपटा लगा उसमें बदलाव कराया। देर रात तक वह मुकम्मल व्यवस्था कराने में लगी रहीं। यहां तक कि जब कांग्रेस के नेता कांस्टीट्यूशन क्लब में स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में व्यस्त थे, उस समय प्रियंका मोर्चा संभाले हुए थीं। मकसद बस एक है। अपने भाई को आगे बढ़ाना।
 

प्रियंका पर कयास

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क्या चुनाव लड़ेंगी प्रियंका?

इस पर प्रियंका गांधी, राहुल गांधी या फिर सोनिया गांधी के अलावा जो भी कहा जाए, वह कयास होगा। फिर भी सूत्र इसके पूरे संकेत दे रहे हैं कि वह 2019 में प्रधानमंत्री मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और उनके रणनीतिकारों की परेशानी बढ़ा सकती हैं। प्रियंका सक्रिय रूप से चुनाव मैदान में उतर सकती हैं। कांग्रेस पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि समय धीरे-धीरे कांग्रेस के पक्ष में खड़ा हो रहा है। इसमें तेजी लानी है। कांग्रेस पार्टी के सामने मौजूदा चुनौती को देखते हुए करो या मरो जैसी स्थिति है। इसलिए पार्टी पूरी ताकत झोंक देने के मूड में है।

कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी का पार्टी में अपना अलग और अहम स्थान है। राजनीति और व्यवहार, सिद्धांत के साथ-साथ भाषा पर गहरी पकड़ रखने वाले जर्नादन पार्टी के 84वें महाधिवेशन से ठीक पहले घायल हो गए हैं। उनके चोटिल होने के कारण कांग्रेस महासचिव मुकुल वासनिक के कंधे पर कार्यक्रम का बड़ा बोझ आ गया है। वहीं ऐसे महत्वपूर्ण समय पर अचानक कांग्रेस महासचिव का अस्वस्थ होना पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भी परेशान कर गया।
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