पहली बार यूपी चुनाव से जुड़ी बैठक में शामिल हुईं प्रियंका गांधी, करेंगी चुनाव प्रचार
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कांग्रेस को प्रियंका गांधी वाड्रा की सक्रिय राजनीति में उतरने की मौन सहमति मिल गई है। प्रियंका अभी तक मां सोनिया गांधी और भाई राहुल गांधी के लोकसभा क्षेत्रों में ही प्रचार करने तक सीमित रही हैं।
कांग्रेस के वार रूम (बंगला 15, गुरुद्वारा रकाबगंज) में प्रियंका पहली बार अधिकृत तौर पर यूपी से संबंधित अहम बैठक में पहुंची। इस बैठक में राहुल गांधी की गैर मौजूदगी के कारण प्रियंका की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई और संगठन में नया जोश भर गया क्योंकि समाजवादी पार्टी में पहले से जबरदस्त घमासान मचा हुआ है।
प्रियंका गांधी यूपी के चुनाव में किस तरह से कितना सक्रिय रहेंगी, इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। लेकिन दिवाली के बाद एक बार फिर वरिष्ठ नेताओं की बैठक होगी जिसमें उम्मीद है कि प्रियंका अपना फैसला सुनाएंगी। कांग्रेस प्रवक्ता पीएल पुनिया ने मीडिया से कहा है कि प्रियंका ने यूपी चुनाव प्रचार के लिए अपनी सहमति दे दी है। चुनावी तारीखें घोषित होने के बाद उनका कार्यक्रम तय होगा।
प्रियंका पहले से ही संगठन से जुड़ी जानकारी रखती हैं
यूपी में मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार शीला दीक्षित ने सीधे तौर पर कोई जवाब तो नहीं दिया लेकिन दिवाली तक इंतजार करने की बात कही है। हालांकि प्रवक्ता आरपीएन सिंह का कहना है कि प्रियंका पहले से ही संगठन से जुड़ी जानकारी रखती हैं। यूपी चुनाव में प्रचार का फैसला पार्टी ने उन्हीं पर छोड़ दिया है।
बैठक में प्रियंका बहुत कुछ तो नहीं बोलीं लेकिन हाल में हुई तीन यात्राओं के दिए गए फीडबैक को ध्यान से सुना। साथ ही भविष्य के अन्य कार्यक्रमों की जानकारी भी ली। प्रियंका को लेकर पार्टी लंबे समय से प्रयासरत है कि यूपी चुनाव प्रचार में उन्हें उतारकर इस बार चुनाव को कामयाब बनाया जाए। इंदिरा गांधी के जन्मदिवस 19 नवंबर के दिन उन्हें लांच करने की बात भी लंबे समय से पार्टी में हो रही है।