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ट्रेनों की देरी या जल्द पहुंचने पर ऑपरेटरों को भरना होगा जुर्माना
Fri, 14 Aug 2020 07:13 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 14 Aug 2020 07:13 AM IST
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तेजस एक्सप्रेस
- फोटो : अमर उजाला
रेलवे निजी ट्रेन चलाने की अनुमति तो दे रहा है, लेकिन कड़ी शर्तों के साथ। रेलवे द्वारा तैयार मसौदे के मुताबिक निजी ट्रेन ऑपरेटरों को ट्रेनों के लेट होने या जल्दी पहुंचने पर भारी जुर्माना भरना पड़ेगा। साथ ही ट्रेनों को पूरे साल 95 फीसदी तक वक्त का पाबंद होना पड़ेगा। अधिकारियों ने कहा कि ये कदम निजी ट्रेनों की समय सारिणी अनुशासित करने के लिए हैं।
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मसौदे के मुताबिक निजी ऑपरेटरों को राजस्व और उनके खुद के कारण ट्रेन रद्द होने के बारे में गलत जानकारी देने पर भी भारी जुर्माना चुकाना पड़ेगा। ट्रेन यदि अपने गंतव्य तक पहुंचने में 15 मिनट से ज्यादा देर हुई, तो उसे वक्त की पाबंदी का उल्लंघन माना जाएगा।
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वक्त की पाबंदी में एक फीसदी की कमी के लिए उन्हें 200 किलोमीटर के बराबर भाड़ा चुकाना होगा। ऑपरेटरों को रेलवे के संसाधनों का इस्तेमाल करने के लिए एक किलोमीटर के लिए 512 रुपये चुकाना होगा। वहीं यदि निजी ट्रेन समय से 10 मिनट पहले पहुंच जाती है तो ऑपरेटर को 10 किलोमीटर के बराबर जुर्माना चुकाना होगा।
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अनुशासित करने के लिए मोटा जुर्माना
वहीं, रेलवे की वजह से देरी होने पर निजी ऑपरेटरों को समय की पाबंदी में प्रत्येक एक फीसदी की कमी पर 50 किमी के बराबर भाड़ा दिया जाएगा। ऑपरेटर के कारण ट्रेन रद्द होने पर उसे रेलवे को हर्जाने के तौर पर एक चौथाई किराया चुकाना होगा, जबकि रेलवे के कारण रद्द होने पर इतना ही किराया ऑपरेटर को चुकाया जाएगा।