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Pending RTI: आरटीआई के लंबित मामलों को निपटाने में प्रधानमंत्री कार्यालय शीर्ष पर; जानिए हर मंत्रालय का हाल

Mon, 10 Apr 2023 04:59 PM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Mon, 10 Apr 2023 04:59 PM IST
सार

सीएचआरआई के अनुसार, 2020-21 की तुलना में 2021-22 में अपने अंतरिक्ष विभाग ने 55.51 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है। इसके अलावा, खान मंत्रालय ने भी आवेदनों में 48.79 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है। कपड़ा मंत्रालय ने 42.29 प्रतिशत, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने 39.99 प्रतिशत तो सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय 30.88 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है।

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Prime Minister's Office tops in clearing pending RTI cases; Know the condition of every ministry
सूचना का अधिकार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव (सीएचआरआई) ने साल 2021-22 की वार्षिक रिपोर्ट जारी की है। सोमवार को जारी रिपोर्ट में केंद्रीय सूचना आयोग का विश्लेषण है। रिपोर्ट के अनुसार, सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय, कार्मिक मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने अपने आरटीआई आवेदनों के बैकलॉग को 70 प्रतिशत तक कम कर लिया है। बैकलॉग कम करने वाले कार्यालयों में तीनों विभाग पहले नंबर पर काबिज हैं।

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अन्य मंत्रालयों के बारे में भी दी जानकारी
सीएचआरआई ने अन्य मंत्रालयों के बारे में भी जानकारी दी है। रिपोर्ट के अनुसार, 2020-21 की तुलना में 2021-22 में अपने अंतरिक्ष विभाग ने 55.51 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है। इसके अलावा, खान मंत्रालय ने भी आवेदनों में 48.79 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है। कपड़ा मंत्रालय ने 42.29 प्रतिशत, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने 39.99 प्रतिशत तो सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय 30.88 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है। रिपोर्ट में केंद्र शासित प्रदेशों को भी शामिल किया गया है। अंडमान और निकोबार ने बैकलॉग आवेदनों में लगभग 87 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है। वहीं, दिल्ली में यह गिरावट 10.25 प्रतिशत ही रही।

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पढ़िए, शीर्ष मंत्रालयों में कितनी गिरावट आई
साल 2021-22 में सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने आरटीआई बैकलॉग्स में 82.68 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की। इसके अलावा कार्मिक मंत्रालय ने 80.55 प्रतिशत तो वहीं पीएमओ में 73.48 प्रतिशत की कमी आई है। वर्ष 2021-22 में केंद्र सरकार से सूचना मांगने के लिए कुल 14.21 लाख आरटीई आवेदन आए थे। 2020-21 की तुलना में 2021-22 में आवेदनों की संख्या 6.55 प्रतिशत अधिक है। वहीं, इस साल के आवेदन 2019-20 के आवेदनों से 3.51 प्रतिशत अधिक है। 
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साल की शुरुआत में इतने थे बैकलॉग
सीएचआरआई ने 2020-21 और 2021-22 के शुरुआत में लंबित आरटीआई आवेदनों के भी आंकड़े जारी किए हैं। साल 2020-21 की शुरुआत में आरटीआई आवेदनों के बैकलॉग 3.48 लाख था। वहीं साल 2021-22 की शुरुआत में यह आंकड़ा 4.10 लाख था। पिछले साल की तुलना में बैकलॉग रिपोर्टों में 17.94 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 2021-22 के कुल आंकड़े में केंद्र शासित प्रदेशों की बैकलॉग मात्र 29,769 थी।

केंद्रीय कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय में आए सबसे ज्यादा आवेदन 
2021-22 में  केंद्रीय कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय में सबसे ज्यादा आवेदन आए थे। रिपोर्ट के अनुसार, आरटीआई आवेदनों में सबसे ज्यादा बढ़त केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्रालय में आई है, जो 131.79 प्रतिशत की बढ़त है। 2021-22 में मंत्रालय के पास 1,852 आरटीआई आवेदन आए तो वहीं 2020-21 में आंकड़ा महज 799 था। वहीं, केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने 2021-22 में 14,127 आरटीआई आवेदन प्राप्त किए। 2020-21 में आवेदनों की संख्या सिर्फ 7,601 थी।

 

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