जन्मजयंती: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की, कही यह बात
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'कभी-कभी लगता है कि उनका जीवन भी रेल की पटरी से जुड़ा हुआ था और मेरा भी जीवन रेल की पटरी से जुड़ा रहा है। मैं सुबह उस पवित्र स्थान पर से आज यहां सीधा आया हूं और ये शाम मुझे दिल्ली में पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्क में उनकी प्रतिमा का लोकार्ण का अवसर मिला है। ये कितना अद्भुत सुखद सहयोग है। इस पार्क के सामने ही भारतीय जनता पार्टी का कार्यालय है।'
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज हम सबके प्रेरणास्रोत पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जन्म जयंती का पावन अवसर, एक प्रेरक अवसर हम सबके लिए हमेशा प्राण शक्ति देता आया है।
उन्होंने कहा कि मुझे हमेशा एक बात का गर्व होता है कि जिस दीनदयाल जी के विचारों को लेकर हम जी रहे हैं, उनसे प्रेरणा पाकर हम जी रहे हैं, मेरे लिए वो बहुत महान व्यक्तित्व, उनके चरणों में बैठने का सौभाग्य मिलना, यह अपने आप में बहुत बड़ी बात है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विचारक दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उनकी प्रतिमा का अनावरण करने के बाद पार्टी के एक कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि राजनीति में महिलाओं की उचित भागीदारी के बिना समावेशी समाज और लोकतांत्रिक एकीकरण की बात नहीं की जा सकती। संसद में महिला आरक्षण विधेयक का पारित होना न केवल लोकतंत्र की जीत है, बल्कि पार्टी की विचारधारा की भी जीत है।
पीएम मोदी ने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि लंबे समय तक सार्वजनिक संसाधनों का इस्तेमाल निजी हितों के लिए किया जाता रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि निजी संसाधनों का इस्तेमाल देश के विकास के द्वार खोलने के लिए किया जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'कभी-कभी लगता है कि उनका जीवन भी रेल की पटरी से जुड़ा हुआ था और मेरा भी जीवन रेल की पटरी से जुड़ा रहा है। मैं सुबह उस पवित्र स्थान पर से आज यहां सीधा आया हूं और ये शाम मुझे दिल्ली में पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्क में उनकी प्रतिमा का लोकार्ण का अवसर मिला है। ये कितना अद्भुत सुखद सहयोग है। इस पार्क के सामने ही भारतीय जनता पार्टी का कार्यालय है।'
उन्होंने कहा कि ये प्रतिमा दीनदयाल जी द्वारा दिए गए एकात्म मानवदर्शन की प्रेरणा बनेगी। ये प्रतिमा हमें हमारे अंत्योदय के संकल्प की याद बार-बार दिलाती रहेगी। ये प्रतिमा इस बात की भी प्रतीक बनेगी कि हमें देश में राजनैतिक सुचिता को हमेशा जीवंत बनाए रखना है। मैं इस अवसर पर उनके चरणों में नमन करता हूं।