फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   prime minister narendra modi know how to defeat opposition parties before gaining the popularity

लोकप्रियता बनाए रखने की रणनीति: विपक्ष को झटका देने के लिए हमेशा एक मंत्र अपने पास रखते हैं प्रधानमंत्री मोदी

Tue, 10 Aug 2021 03:15 PM IST
Shashidhar Pathak शशिधर पाठक
Updated Tue, 10 Aug 2021 03:15 PM IST
विज्ञापन
सार
केंद्र सरकार में प्रधानमंत्री मोदी के वरिष्ठ सहयोगी के अनुसार संसद का मौजूदा सत्र 13 दिसंबर तक प्रस्तावित है। अगले तीन दिनों तक भाजपा सांसदों को संसद के दोनों सदनों में मौजूद रहने को कहा गया है। व्हिप जारी है। वह कहते हैं कि इन तीन दिनों का इंतजार कीजिए। 15 अगस्त को प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संबोधन सुनिएगा...
loader
prime minister narendra modi know how to defeat opposition parties before gaining the popularity
पीएम मोदी (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई

विस्तार

प्रधानमंत्री मोदी के पास विपक्ष को 'जोर का झटका धीरे से' देने का एक मंत्र हमेशा रहता है। सोमवार को उनकी सरकार ने तीन सप्ताह से संसद में हंगामा कर रहे विपक्ष को अन्य पिछड़ा वर्ग कोटे के आरक्षण से जुड़ा 127वां संविधान संशोधन करने की पहल करके जोर का झटका धीरे से दिया। केंद्र सरकार की इस सफलता पर लुटियन जोन में एक मंत्री की बैठक में सोमवार को अच्छा ठहाका लगा। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि जनवरी 2019 को भी यही हुआ था, जब संसद में विपक्षी सदस्य पहुंचे और आर्थिक रूप से कमजोर सवणों को 10 फीसदी आरक्षण देने (124वां संविधान संशोधन विधेयक) का प्रस्ताव पेश हो गया।  



बैठक में चर्चा होती है तो आगे बढ़ती है। मध्यप्रदेश के एक नेता भी वहां थे। उन्होंने बताया कि 2019 में पुलवामा में आतंकी हमले के बाद उन्हें भी कुछ समझ में नहीं आ रहा था। वह तब चौंक गए जब उन्हें टीवी न्यूज पर ऑपरेशन बालाकोट के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने बताया कि इस खबर को देखते ही वह समझ गए थे कि 2019 का चुनाव अब जीतने से कोई नहीं रोक सकता। भाजपा सांसद और दिल्ली के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी को भी यह नहीं पता था कि 2019 में चुनाव जीतकर आने के बाद संसद के सत्र में बड़ा क्या होने वाला है। मोदी सरकार के एक पूर्व राज्यमंत्री भी सदन में बैठे थे। उन्हें जब सूचना मिली कि जम्मू-कश्मीर से 370 हटाने से जुड़ा विधेयक सरकार पेश कर रही है। इसके पहले केवल इतना भर पता था कि सदन में सभी को उपस्थित रहना है।

  • 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले सवर्णों को आरक्षण देने का बिल लाकर चौंकाया
  • 2019 में जम्मू कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश, लद्दाख को अलग कर विपक्ष की धार कुंद की
  • 2020 में राम मंदिर पर फैसला आने के बाद निर्माण कार्य और अब ओबीसी कोटे को लेकर 127 वां संविधान संशोधन विधेयक

हमेशा एक मंत्र पास रखते हैं प्रधानमंत्री और उनके रणनीतिकार

जगदीश ठक्कर अब नहीं रहे। प्रधानमंत्री मोदी के साथ उन्होंने गुजरात से लेकर केंद्र सरकार में अंतिम समय तक काम किया। बातचीत में अकसर कहते थे कि साहब (प्रधानमंत्री) के साथ जुड़ने का मतलब आप हर समय सतर्क, सावधान और तैयार रहें। ठक्कर कहते थे कि साहब विपरीत परिस्थिति में भी नाउम्मीद नहीं होते। हमेशा प्रयास करते, सोचते रहते हैं। ठक्कर ने यह बात तब बताई, जब रात 11 बजे प्रधानमंत्री के शुभकामना संदेश न मिलने पर उनसे बात हुई। उन्होंने बताया कि वह निर्धारित समय में कामकाज को निपटा लेने में विश्वास रखते हैं।

एक मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारी हैं। वह बताते हैं कि कई बार उन्हें भी नहीं पता होता कि मंत्रालय में उनसे जुड़े कामकाज में नया क्या होने वाला है। रुटीन का कामकाज चलता रहता है और केंद्र सरकार बड़ा निर्णय लेने की तैयारी कर लेती है। हालांकि वह कहते हैं कि यह सब अचानक नहीं होता, तैयारी चलती रहती है।

कानून मंत्रालय को सेवा देकर रिटायर हुईं पूर्व एडिशनल सेक्रेटरी ने कहा कि कॉमन सिविल कोड पर सरकार की तैयारी काफी पहले से थी। उन्हें भी नहीं पता था कि 2019 में सरकार अचानक जम्मू-कश्मीर से 370 हटाने, लद्दाख को अलग कर दोनों को केंद्र शासित प्रदेश बनाने का विधेयक पेश कर देगी। जबकि वह मंत्रालय के विधायी कार्य विभाग से जुड़ी थीं।

ठगा सा रह जाएगा विपक्ष, अगले तीन दिन महत्वपूर्ण

केंद्र सरकार में प्रधानमंत्री मोदी के वरिष्ठ सहयोगी के अनुसार संसद का मौजूदा सत्र 13 दिसंबर तक प्रस्तावित है। अगले तीन दिनों तक भाजपा सांसदों को संसद के दोनों सदनों में मौजूद रहने को कहा गया है। व्हिप जारी है। वह कहते हैं कि इन तीन दिनों का इंतजार कीजिए। 15 अगस्त को प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संबोधन सुनिएगा।

एक अन्य भाजपा सांसद कहते हैं कि संसद के मानसून सत्र के बाद भी विपक्ष ठगा सा रह जाएगा। उसका काम संसद में चर्चा और बहस में हिस्सा लेकर जनता से जुड़े ज्वलंत मुद्दे उठाना था, लेकिन उसने अमूल्य समय का उपयोग नहीं किया। वह कहते हैं कि जनता अनावश्यक विरोध की राजनीति को पसंद नहीं करती। संसद से बाहर निकलते हुए मनोज तिवारी कहते हैं कि राहुल गांधी उनसे पहले से लोकसभा के सांसद हैं। राहुल गांधी को सोचना चाहिए कि वह और उनकी पार्टी कहां से कहां पहुंच गई।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के सचिवालय से जुड़े और केंद्र सरकार के अधिकारी बताते हैं कि प्रधानमंत्री के मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार की अच्छे अच्छे नेताओं को भनक नहीं लग पाई। लोग तो सोच भी नहीं पा रहे थे कि अचानक पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डा. हर्ष वर्धन, प्रकाश जावड़ेकर, रविशंकर प्रसाद इस तरह संगठन सरकार से बाहर हो जाएंगे। वह कहते हैं कि लोग चाहे जो कहें लेकिन कोरोना की दूसरी लहर के बाद प्रधानमंत्री ने सरकार के कामकाज और छवि को एक बार काफी हद तक ठीक कर लिया है। वह अपनी लोकप्रियता बरकरार रखते हुए विपक्ष को राजनीति में उभरने का कोई अवसर नहीं दे रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed