बागपत में प्रधानमंत्री बोले- मोदी विरोध में देश का विरोध कर रही कांग्रेस
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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बागपत के खेखडा से देश को 135 किमी लंबे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की सौगात दी। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री ने खेखडा में करीब 1 लाख लोगों की जनसभा को संबोधित किया।
इस दौरान पीएम मोदी ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि दलितों और पिछड़ों के लिए जो योजनाएं लायी जाती हैं उनमें कांग्रेस उसमें रोड़े अटकाती है। सत्ता देखने के आदी ये लोग गरीब के लिए किए जा रहे हर काम का मजाक उड़ाते हैं।
पीएम ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का नाम लिए बगैर इशारों में कहा कि कुछ लोगों के छूट के कारण देश में आस्थिरता का माहौल है। ये लोग दलितोंं को आरक्षण के प्रति भ्रमित करने का काम कर रहे हैं। संवैधानिक संस्थाओं में कांग्रेस का विश्वास नहीं है। जब अंतराष्ट्रीय एजेंसियां भारत की तारीफ करती हैं तो ये उस पर भी सवाल उठाते हैं। ये देश की सेना पर भी सवाल उठाते हैं। मीडिया भी कांग्रेस को पक्षपाती नजर आती है। कांग्रेस मोदी विरोध में देश का विरोध कर रही है। उनका केवल एक ही परिवार है और मेरा पूरा देश परिवार है।
पीएम ने कहा कि हमारी सरकार ग्रामोदय से भारत उदय की अवधारणा पर काम कर रही है। जब हम ग्रामोदय की बात करते हैं तो उसका केंद्र बिंदु मेरे देश का अन्नदाता, मेरा किसान है। इस वर्ष बजट में गांव और खेती से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 14 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है। गन्ना किसानों को चीनी मिलों से बकाया मिलने में देरी न हो, इससे जुड़ा एक बड़ा फैसला लिया गया है। सरकार ने तय किया है कि प्रति क्विंटल गन्ने पर 5 रुपए 50 पैसे की आर्थिक मदद चीनी मिलों को दी जाएगी। ये राशि चीनी मिलों को न देकर सीधे गन्ना किसानों के खाते में ट्रांसफर की जाएगी। मैं यहां के गन्ना किसानों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि सरकार उनकी दिक्कतों के प्रति संवेदनशील है और बहुत कड़ाई के साथ गन्ना किसानों की समस्याओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि आज जब इस नई सड़क पर चलने का मुझे अवसर मिला तो मैंने अनुभव किया कि 14 लेन का सफर दिल्ली-एनसीआर के लोगों के जीवन को कितना सुगम बनाने वाला है। कहीं कोई रुकावट नहीं, एक से बढ़कर एक आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। दिल्ली में पहुंचने वाली गाड़ियों की संख्या में 30 फीसदी कमी आएगी। हमारी सरकार में हर दिन 27 किमी हाईवे बन रहा है। यूपीए सरकार ने 4 सालों में देश को सही दिशा में ले जाने का काम किया है। पूरे एक्सप्रेसवे का काम करके जल्द ही दूसरे चरण को भी जनता के लिए समर्पित किया जाएगा।
पीएम ने कहा कि देश में 100 से ज्यादा हवाई मार्ग बनाए जा रहे हैं। तेजी से ट्रेन की पटरियों को बदला जा रहा है। 5500 मानव रहित रेलवे क्रासिंग हटाए गए हैं। उड़ान योजना से हवाई चप्पल पहनने वाला व्यक्ति भी हवाई जहाज की यात्रा कर रहा है। हमारी सरकार ने बीते चार सालों में महिलाओं, दलितों और बेरोजगारों के लिए कई महत्वमूर्ण कार्य किए हैं। स्टैंडअप योजना के जरिए दलितों को लाभ मिला है। कर्ज लेने वालों में 75 फीसदी महिलाओं ने लोन लिया है। हमने बजट में भारतमाला प्रोजेक्ट के लिए 5 लाख करोड़ का प्रावधान किया।
यूपी, हरियाणा में अपराध पर लगाम लगाने के लिए उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ और मनोहर लाल खट्टर को बधाई दी है। पीएम ने कहा कि यूपी में अब अपराधी खुद सरेंडर कर रहे हैं। हमारे दोनों मुख्यमंत्री किसानों के प्रति समर्पित हैं।
उल्लेखनीय है कि ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे देश का पहला स्मार्ट और सोलर एनर्जी से लैस एक्सप्रेसवे है। इसके निर्माण में करीब 11 हजार करोड़ रुपये की लागत आई है। दावा किया जा रहा है कि इसके शुरू होने से दिल्ली में 41 फीसदी तक ट्रैफिक जाम और 50 प्रतिशत तक प्रदूषण कम हो जाएगा। इस एक्सप्रेसवे पर 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गाड़ी चलाने की अनुमति होगी। यह एक्सप्रेसवे 6 लेन का है। एक्सप्रेसवे की मजबूती के लिए 200 टन स्टील का इस्तेमाल हुआ है। इसे रिकॉर्ड 500 दिनों के में बनाकर तैयार किया गया है।
पीएम एक्सप्रेसवे पर हरियाणा के सोनीपत स्थित सेवली टोल प्लाजा से रोड शो करते हुए खेकड़ा स्टेडियम में होने वाली जनसभा में पहुंचेंगे। यहां करीब सवा घंटे तक मोदी लोगों के बीच रहेंगे।
कैराना और नूरपुर के उपचुनाव को मद्देनजर रखते हुए पीएम की इस जनसभा के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। खासतौर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नेताओं की ही नहीं, बल्कि आम जन की भी निगाह प्रधानमंत्री की जनसभा और उनके भाषण पर टिकी है।
इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक, हरियाणा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गड़करी, केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह सहित केंद्र और प्रदेश सरकार के अन्य मंत्री जनसभा में मौजूद हैं।
बागपत से ऐसे गुजरता है एक्सप्रेस-वे ईस्टर्न
पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे का बागपत में करीब 20.125 किमी का टुकड़ा है। काठा, मवीकलां, खेकड़ा, रावण उर्फ बड़ा गांव, नंगला बहेड़ी, लहचौड़ा, गौना, सिंगौली तगा, शरफाबाद, आलमगिरपुर उर्फ टुकाली एवं फुलैरा गांव से होकर एक्सप्रेस-वे गुजरेगा। मवीकलां में इंटरचेंज बनाया गया है, जिससे बागपत ही नहीं शामली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर और गाजियाबाद के लोगों को भी बड़ा लाभ होगा। गढ़-सोनीपत हाइवे पर वाहनों का बोझ एक्सप्रेस-वे के शुरू हो जाने के बाद कम होगा।
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे देश का पहिला स्मार्ट वे है,जो रेकॉर्ड टाइम में पूरा हुआ है, यह हमारी इंजीनियरिंग का नमुना है। मै हमारी पूरी टीम को बधाई देता हूं।#PragatiKaHighway pic.twitter.com/i53R5VzHGx
— Nitin Gadkari (@nitin_gadkari) May 26, 2018
गौरतलब है कि इससे पहले प्रधानमंत्री ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के 9 किमी के पहले चरण का उद्घाटन किया। यह दिल्ली के सराय काले खां से यूपी गेट तक का है, जो 14 लेन का एक्सप्रेसवे पहले ही वाहनों के दबाव के कारण खोला जा चुका है, जबकि इसके बाकी दो हिस्सों पर अभी काम चल रहा है। जानकारी के अनुसार, इसके निर्माण में 842 करोड़ रुपये की लागत आई है। इसके शुरू होने से अब मेरठ से दिल्ली के बीच का सफर सिर्फ 45 मिनट में तय किया जा सकेगा।
इस मौके पर पीएम मोदी ने खुली जीप से करीब 7 किमी लंबा रोड शो किया। इस दौरान उनके साथ केन्द्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भी रहे। प्रधानमंत्री का यह रोड शो निजामुद्दीन ब्रिज से गाजीपुर चला।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से यहा के लोगों के जीवन मे खुशहाली आएगी । यह छोटी फ़िल्म जरूर देखें।#PragtiKaExpresway#DelhiMeerutExpressway pic.twitter.com/nT1U700x0w
— Nitin Gadkari (@nitin_gadkari) May 25, 2018
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे की खासियतें
ड्रिप सिंचाई वाला देश का पहला एक्सप्रेस-वे
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर सफर करने वालों के लिए खास सुविधाओं का इंतजाम रहेगा। 135 किमी के टुकड़े में आठ जगह हाइवे नेस्ट होंगे, जिनमें जलपान और खानपान की सुविधाएं मिलेगी। सोलर पावर और ड्रिप सिंचाई की वाला देश का पहला एक्सप्रेस-वे होगा। ओवरलोड वाहन एक्सप्रेस-वे नहीं चल सकेंगे, ऐसे वाहनों को एग्जिग गेट से बाहर कर दिया जाएगा। आठ सोलर पावर प्लांट लगाए गए हैं। एक्सप्रेस-वे की बगल में पेट्रोल पंप, मोटल्स, रेस्ट एरिया, वॉश रूम, रेस्टोरेंट, दुकानें और रिपेयर सर्विस रहेगी।
दिल्ली को मिलेगी वाहनों से राहत
छह लेन वाला 135 किलोमीटर लंबा ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे हरियाणा के कुंडली से शुरू होकर बागपत, गाजियाबाद और नोएडा होते हुए पलवल से जुड़ेगा। इसके शुरू होने से चंडीगढ़, अंबाला, लुधियाना से लेकर जम्मू तक से आने वाले एनएच-1 के वाहनों को आगरा, कानपुर होते हुए देश के दूसरे हिस्सों में जाने के लिए एनएच-2 पर पहुंचने को दिल्ली में प्रवेश करने की जरूरत नहीं होगी, जिससे राष्ट्रीय राजधानी में वाहनों के बड़े बोझ से मुक्ति मिलने की उम्मीद है। इस एक्सप्रेस-वे के खुलने से कोलकाता से सीधे जालंधर-अमृतसर और जम्मू आने-जाने वाली गाड़ियों खासकर ट्रकों को भी इससे फायदा होगा।
एक्सप्रेस-वे पर इन सात जगह मिलेंगे कट
- दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर मवीकलां में
- दिल्ली-मेरठ हाईवे पर दुहाई में
- दिल्ली-हापुड़ मार्ग पर डासना में
- गाजियाबाद-अलीगढ़ मार्ग पर बील अकबरपुर में
- कसाना-बुलंदशहर मार्ग पर सिरसा गांव के निकट
- अटाली-चेनसा मार्ग पर मौजपुर में
- दिल्ली-आगरा मार्ग पर पलवल में
एक्सप्रेस-वे के खास तथ्य
लंबाई 135 किमी
बड़े पुल 04
छोटे पुल 46
रेल ब्रिज 08
इंटरचेंज 07
फ्लाईओवर 03
पैदल अंडरपास 151
वाहन अंडरपास 70
भूमिगत पुलिया 114
मुख्य टोल प्लाजा 02
टोल प्लाजा और डिजीटल आर्ट गैलरी
एक्सप्रेस-वे पर सोनीपत के सेवली गांव में 170 फीट ऊंचा टोल प्लाजा बनाया गया है। इसमें डिजीटल आर्ट गैलरी होगी, जो एक्सप्रेस-वे की तस्वीरें और जरूरी सूचनाएं दिखाएंगी। देश में यह अपनी तरह का पहला टोल प्लाजा है।
2,60,296 लाख पेड़-पौंधो से हरियाली
ग्रीन एक्सप्रेस-वे पर 2,60,296 लाख पेड़ लगाए जाएंगे। इनमें 187510 बड़े और 72,786 मध्यम साइज के पेड़ होंगे। ऑटोमैटिक ट्रैफिक सिस्टम एक्सप्रेस-वे पर वीएमएस, सीसीटीवी, वीआईडीएस, वार्निंग डिवाइस, ओवर स्पीड चेकिंग सिस्टम, वेट इन मोशन के अलावा फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क की सुविधा होगी। कंट्रोल रूम में सूचना उपलब्ध होंगी।
दिखेगी भारतीय संस्कृति की झलक
एक्सप्रेस-वे पर देश के 32 स्मारकों की प्रतिकृति हैं। अशोक स्तंभ, कोणार्क मंदिर, जलियावाला बाग, अशोक चक्र, गेटवे ऑफ इडिया, कुतुबमीनार, चार मीनार, लाल किला, कीर्ति स्तंभ, इंडिया गेट, हवा महल और गुजरात कार्विंग की प्रतिकृति स्थापित की गई है।